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बधवाना नहर का 40 करोड़ से होगा जीर्णोद्धार
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चरखी दादरी। सिंचाई विभाग की ओर से जिले की बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी का 40 करोड़ रुपये से जीर्णोद्धार करवाया जाएगा। इसके तहत नहर का स्तर ठीक करने के साथ मरम्मत कार्य करवाया जाएगा, ताकि अंतिम छोर तक आसानी से पानी पहुंच सके। इसके लिए सिंचाई विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इस नहर की क्षमता 172 क्यूसेक है और शहर के जलघर में इसी नहर से पानी डाला जाता है।
बधवाना नहर का निर्माण 1975 के दशक में हुआ था। गांव मंदोला-मंदोली के समीप नहर में रेत का जमाव ज्यादा मात्रा में हो जाता है। इस वजह से नहर मिट्टी आदि से अट जाती है और पानी का प्रवाह भी बाधित हो जाता है। इससे पानी अंतिम छोर तक पहुंचने में ज्यादा समय लग जाता है। टेल पर पड़ने वाले गांवों के जलघर व जोहड़ भरने में दिक्कत आती है। अब सिंचाई विभाग इस नहर की सुध लेने जा रहा है। विभाग नहर के लेवल को ठीक करवाएगा। इसे समतल रूप दिया जाएगा, ताकि पानी की किसी प्रकार की रुकावट नहीं आए। इसके लिए 40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
15 गांवों के जलघर व जोहड़ में डाला जाता है पानी
यह नहर जेएलएएन से लिंक है। बाकरा हेड से ही इस नहर में पानी छोड़ा जाता है। ढाणी फौगाट पंप हाउस से नहर से पानी का उठान किया जाता है। इसके बाद करीब तीन किलोमीटर दूरी गांव कपूरी के समीप पंप हाउस बना हुआ है, जिससे पानी का उठान कर आगे माइनर व सब माइनरों में डाला जाता है। इस नहर के पानी से करीब 15 गांवों के जलघर व जोहड़ भरे जाते हैं।
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बिगोवा से गोठडा तक होगा जीर्णोद्धार
विभाग गांव बिगोवा से गोठड़ा तक 31 किलोमीटर लंबाई में इसका नहर का जीर्णोद्घार करवाएगा। इसके लिए विभाग ने प्रारूप तैयार किया है। जल्दी ही इसे मंजूरी के लिए हेड ऑफिस भेजा जाएगा। सरकार से बजट की मंजूरी मिलते ही इस प्रोजेक्ट पर विभाग तत्परता से काम करने की प्लानिंग में है। इसी नहर से शहर के जलघर में पानी डाला जाता है। नहर का जीर्णोद्धार होने से शहर के जलघर में भी पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच सकेगा।
नहर के स्तर को ठीक करने की हमारी योजना है। जैसे सरकार से मंजूरी मिल जाती है, इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा। गांव गोठड़ा तक नहर को ठीक किया जाएगा। जिले की नहरों की पानी की क्षमता बढ़ाने व बर्बादी रोकने के लिए विभाग पूरी कोशिश कर रहा है।
वेदपाल सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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बधवाना नहर का निर्माण 1975 के दशक में हुआ था। गांव मंदोला-मंदोली के समीप नहर में रेत का जमाव ज्यादा मात्रा में हो जाता है। इस वजह से नहर मिट्टी आदि से अट जाती है और पानी का प्रवाह भी बाधित हो जाता है। इससे पानी अंतिम छोर तक पहुंचने में ज्यादा समय लग जाता है। टेल पर पड़ने वाले गांवों के जलघर व जोहड़ भरने में दिक्कत आती है। अब सिंचाई विभाग इस नहर की सुध लेने जा रहा है। विभाग नहर के लेवल को ठीक करवाएगा। इसे समतल रूप दिया जाएगा, ताकि पानी की किसी प्रकार की रुकावट नहीं आए। इसके लिए 40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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15 गांवों के जलघर व जोहड़ में डाला जाता है पानी
यह नहर जेएलएएन से लिंक है। बाकरा हेड से ही इस नहर में पानी छोड़ा जाता है। ढाणी फौगाट पंप हाउस से नहर से पानी का उठान किया जाता है। इसके बाद करीब तीन किलोमीटर दूरी गांव कपूरी के समीप पंप हाउस बना हुआ है, जिससे पानी का उठान कर आगे माइनर व सब माइनरों में डाला जाता है। इस नहर के पानी से करीब 15 गांवों के जलघर व जोहड़ भरे जाते हैं।
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बिगोवा से गोठडा तक होगा जीर्णोद्धार
विभाग गांव बिगोवा से गोठड़ा तक 31 किलोमीटर लंबाई में इसका नहर का जीर्णोद्घार करवाएगा। इसके लिए विभाग ने प्रारूप तैयार किया है। जल्दी ही इसे मंजूरी के लिए हेड ऑफिस भेजा जाएगा। सरकार से बजट की मंजूरी मिलते ही इस प्रोजेक्ट पर विभाग तत्परता से काम करने की प्लानिंग में है। इसी नहर से शहर के जलघर में पानी डाला जाता है। नहर का जीर्णोद्धार होने से शहर के जलघर में भी पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच सकेगा।
नहर के स्तर को ठीक करने की हमारी योजना है। जैसे सरकार से मंजूरी मिल जाती है, इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया जाएगा। गांव गोठड़ा तक नहर को ठीक किया जाएगा। जिले की नहरों की पानी की क्षमता बढ़ाने व बर्बादी रोकने के लिए विभाग पूरी कोशिश कर रहा है।
वेदपाल सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग