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Charkhi Dadri News: 25 अमृत सरोवरों की सुंदरता पर लगा बजट के अभाव का ग्रहण
Fri, 19 Sep 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 19 Sep 2025 01:15 AM IST
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गांव रावलधी का तालाब। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। बजट के अभाव में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों का सुंदरीकरण का काम अधर में है। जिले में 45 से 25 तालाबों का काम ठप पड़ा है।
प्रदेश सरकार ने करीब तीन साल पहले यह योजना शुरू की थी। योजना के तहत तालाबों को मॉडल रूप दिया जाना है। तालाबों पर सुंदरता और हरियाली बढ़ाने के साथ उसके चारों ओर पौधे व प्रकाश की व्यवस्था की जानी है। आसपास के क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर बढ़ाने के लिए यह योजना शुरू की गई।
प्रत्येक गांव में एक तालाब तो जरूर मिल जाता है। बारिश के मौसम में तो तालाब पानी से भर जाते हैं जबकि गर्मियों में पानी सूख जाता है। इस समय अधिकतर तालाबों में प्रदूषित पानी है। तालाब गाद एवं काई से भी अटे पड़े हैं। इन तालाबों के जीर्णोद्धार की जरूरत बनी हुई है। ताकि, इनमें स्वच्छ पानी बना रहे और मवेशियों के लिए पानी का संकट न बने। काफी संख्या में पशुपालक तो नल व ट्यूबवेल आदि के जरिये मवेशी को पानी पिलाते हैं।
सिंचाई विभाग डलवाता है पानी : जिले के बाढड़ा क्षेत्र में तालाबों की संख्या कम है जबकि नहरी क्षेत्रों के तहत आने वाले गांवों में तालाब ज्यादा संख्या में हैं। इस समय तकरीबन सभी गांवों में तालाबों में पानी भरा हुआ है। जो तालाब किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरी, माइनर व सब माइनर से जुड़े हुए हैं, उनमें जरूरत के अनुसार सिंचाई विभाग पानी डलवाता है। सरकार की ओर से तालाबों के सुंदरीकरण के लिए योजना चालू है। सरकार की योजना के तहत प्रत्येक जिले में 75 तालाबों का सुंदरीकरण किया जाना है। इन तालाबों के चारों ओर बांध बनाकर पौधे लगाने की योजना है। ताकि, आसपास का क्षेत्र हरा-भरा बना रहे और भूमिगत जलस्तर भी संतुलित बना रहे।
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चरखी दादरी। बजट के अभाव में अमृत सरोवर योजना के तहत तालाबों का सुंदरीकरण का काम अधर में है। जिले में 45 से 25 तालाबों का काम ठप पड़ा है।
प्रदेश सरकार ने करीब तीन साल पहले यह योजना शुरू की थी। योजना के तहत तालाबों को मॉडल रूप दिया जाना है। तालाबों पर सुंदरता और हरियाली बढ़ाने के साथ उसके चारों ओर पौधे व प्रकाश की व्यवस्था की जानी है। आसपास के क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर बढ़ाने के लिए यह योजना शुरू की गई।
प्रत्येक गांव में एक तालाब तो जरूर मिल जाता है। बारिश के मौसम में तो तालाब पानी से भर जाते हैं जबकि गर्मियों में पानी सूख जाता है। इस समय अधिकतर तालाबों में प्रदूषित पानी है। तालाब गाद एवं काई से भी अटे पड़े हैं। इन तालाबों के जीर्णोद्धार की जरूरत बनी हुई है। ताकि, इनमें स्वच्छ पानी बना रहे और मवेशियों के लिए पानी का संकट न बने। काफी संख्या में पशुपालक तो नल व ट्यूबवेल आदि के जरिये मवेशी को पानी पिलाते हैं।
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सिंचाई विभाग डलवाता है पानी : जिले के बाढड़ा क्षेत्र में तालाबों की संख्या कम है जबकि नहरी क्षेत्रों के तहत आने वाले गांवों में तालाब ज्यादा संख्या में हैं। इस समय तकरीबन सभी गांवों में तालाबों में पानी भरा हुआ है। जो तालाब किसी भी डिस्ट्रीब्यूटरी, माइनर व सब माइनर से जुड़े हुए हैं, उनमें जरूरत के अनुसार सिंचाई विभाग पानी डलवाता है। सरकार की ओर से तालाबों के सुंदरीकरण के लिए योजना चालू है। सरकार की योजना के तहत प्रत्येक जिले में 75 तालाबों का सुंदरीकरण किया जाना है। इन तालाबों के चारों ओर बांध बनाकर पौधे लगाने की योजना है। ताकि, आसपास का क्षेत्र हरा-भरा बना रहे और भूमिगत जलस्तर भी संतुलित बना रहे।
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