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Charkhi Dadri News: सरसों के साथ गेहूं की खरीद भी बंद, आढ़तियों ने 10 मिनट बंद किया मंडी गेट
Thu, 18 Apr 2024 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 18 Apr 2024 02:17 AM IST
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मार्केट कमेटी सचिव के साथ बैठक करते आढ़ती।
चरखी दादरी। दादरी जिले की मंडियों में बुधवार को भी सरसों की खरीद बंद रही। जीएसटी लगने से आक्रोशित आढ़तियों ने एक बार मंडी का गेट बंद किया, लेकिन बाद में पुलिस आते ही 10 मिनट बाद ही खोल दिया। हालांकि उन्होंने खरीद बंद रखने के साथ सरसों से भरे वाहन भी खाली न करवाने का फैसला लिया। इस कारण बुधवार शाम तक मंडी में सरसों से भरे किसानों के वाहन खड़े रहे। गेहूं की खरीद भी बुधवार को नहीं हो सकी।
पिछले दो दिनों में करीब 3,500 किसानों ने सरसों बेचने के लिए मंडियों में गेटपास कटवाए, लेकिन वह अपनी उपज नहीं बेच पाए। मंगलवार को सरसों के 2,505 और बुधवार को 1,044 गेटपास कटे, लेकिन बुधवार को आढ़ती किसानों की उपज उतरवाने के लिए भी राजी नहीं हुए। आढ़तियों ने सरसों खरीद पर जीएसटी लगाने के फैसले के खिलाफ दो बार बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि वह सरसों की ट्रॉलियां और अन्य वाहन खाली भी नहीं करवाएंगे।
कुछ आढ़तियों ने बुधवार को मंडी का गेट भी बंद किया, लेकिन शहर थाना पुलिस टीम वहां जल्द पहुंच गई। पुलिस अधिकारी के समझाने पर आढ़तियों ने 10 मिनट बाद ही गेट खोल दिया। हालांकि गेट बंद रहने का मंडी पर कोई खास असर नहीं पड़ा। गेट खुलवाने के साथ पुलिस टीम ने सचिव के साथ आढ़तियों की बैठक करवाई, जिसमें आढ़ती अपनी मांग पर अटल रहे। उन्होंने कहा कि वीरवार से आढ़ती न तो सरसों उतरवाएंगे और न ही खरीदेंगे। ऐसे में सरसों के वाहन खाली न होने से किसानों को परेशान होना पड़ा।
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- 40,000 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका मंडियों में
जिले की मंडियों में गेहूं की आवक और खरीद जारी है। हालांकि आवक कम होने से खरीद प्रक्रिया भी धीमी है। मंडियों में करीब 40,000 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है। मंगलवार शाम तक 1,000 किसान गेहूं लेकर मंडी पहुंचे। दादरी और बाढड़ा मंडी के साथ झोझूकलां, बौंदकलां और छपार में कुल 20,000 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
दो लाख क्विंटल सरसों का हो चुका उठान
जिले की मंडियों में मंगलवार शाम तक 6.25 लाख क्विंटल सरसों की आवक हुई है। इसमें से 3.56 लाख क्विंटल की खरीद हो पाई है। खरीदी गई सरसों में से दो लाख क्विंटल का उठान करवाया जा चुका है। पिछले छह दिनों से सरसों की खरीद न होने से उठान में तेजी आई है। प्रतिदिन उठान की गति 12,000 क्विंटल तक पहुंच गई है। अगले दो-तीन दिन भी सरसों खरीद शुरू होने के आसार नजर नहीं आ रहे।
दो कोट सचित्र और दो सादे
किसान बोले : सुबह से बैठे हैं मंडी में, खाली नहीं हुई ट्रॉली
सुबह ही सरसों बेचने दादरी मंडी पहुंच गया था। यहां गेटपास तो कट गया, लेकिन सरसों की ट्रॉली खाली करवाने के लिए कोई तैयार नहीं है। इसके इंतजार में शाम होने के कारण बेहद परेशान हूं। - भूप सिंह, धनोंदा।
सुबह करीब छह बजे मंडी आया था। गेटपास कटवाकर सोचा था कि जल्दी उपज बिक जाएगी और समय से घर पहुंच जाऊंगा। अब शाम हो चुकी है, लेकिन ट्रॉली खाली न होने से चिंता बढ़ गई है। - राजा, भागेश्वरी
मंडी में बुधवार को 12,000 क्विंटल गेहूं की आवक हुई, लेकिन आढ़तियों की हड़ताल के कारण खरीद नहीं हो पाई। - संदीप, निरीक्षक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, चरखी दादरी।
जीएसटी लगाकर व्यापारियों और किसानों को तंग किया जा रहा है। यह फैसला वापस होने तक कोई आढ़ती न तो वाहन खाली करवाएगा और न ही खरीदेगा। अन्य फसलों की खरीद सुचारू रहेगी। - रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, अनाज मंडी।
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पिछले दो दिनों में करीब 3,500 किसानों ने सरसों बेचने के लिए मंडियों में गेटपास कटवाए, लेकिन वह अपनी उपज नहीं बेच पाए। मंगलवार को सरसों के 2,505 और बुधवार को 1,044 गेटपास कटे, लेकिन बुधवार को आढ़ती किसानों की उपज उतरवाने के लिए भी राजी नहीं हुए। आढ़तियों ने सरसों खरीद पर जीएसटी लगाने के फैसले के खिलाफ दो बार बैठक की। इसमें उन्होंने कहा कि वह सरसों की ट्रॉलियां और अन्य वाहन खाली भी नहीं करवाएंगे।
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कुछ आढ़तियों ने बुधवार को मंडी का गेट भी बंद किया, लेकिन शहर थाना पुलिस टीम वहां जल्द पहुंच गई। पुलिस अधिकारी के समझाने पर आढ़तियों ने 10 मिनट बाद ही गेट खोल दिया। हालांकि गेट बंद रहने का मंडी पर कोई खास असर नहीं पड़ा। गेट खुलवाने के साथ पुलिस टीम ने सचिव के साथ आढ़तियों की बैठक करवाई, जिसमें आढ़ती अपनी मांग पर अटल रहे। उन्होंने कहा कि वीरवार से आढ़ती न तो सरसों उतरवाएंगे और न ही खरीदेंगे। ऐसे में सरसों के वाहन खाली न होने से किसानों को परेशान होना पड़ा।
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- 40,000 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका मंडियों में
जिले की मंडियों में गेहूं की आवक और खरीद जारी है। हालांकि आवक कम होने से खरीद प्रक्रिया भी धीमी है। मंडियों में करीब 40,000 क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है। मंगलवार शाम तक 1,000 किसान गेहूं लेकर मंडी पहुंचे। दादरी और बाढड़ा मंडी के साथ झोझूकलां, बौंदकलां और छपार में कुल 20,000 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
दो लाख क्विंटल सरसों का हो चुका उठान
जिले की मंडियों में मंगलवार शाम तक 6.25 लाख क्विंटल सरसों की आवक हुई है। इसमें से 3.56 लाख क्विंटल की खरीद हो पाई है। खरीदी गई सरसों में से दो लाख क्विंटल का उठान करवाया जा चुका है। पिछले छह दिनों से सरसों की खरीद न होने से उठान में तेजी आई है। प्रतिदिन उठान की गति 12,000 क्विंटल तक पहुंच गई है। अगले दो-तीन दिन भी सरसों खरीद शुरू होने के आसार नजर नहीं आ रहे।
दो कोट सचित्र और दो सादे
किसान बोले : सुबह से बैठे हैं मंडी में, खाली नहीं हुई ट्रॉली
सुबह ही सरसों बेचने दादरी मंडी पहुंच गया था। यहां गेटपास तो कट गया, लेकिन सरसों की ट्रॉली खाली करवाने के लिए कोई तैयार नहीं है। इसके इंतजार में शाम होने के कारण बेहद परेशान हूं। - भूप सिंह, धनोंदा।
सुबह करीब छह बजे मंडी आया था। गेटपास कटवाकर सोचा था कि जल्दी उपज बिक जाएगी और समय से घर पहुंच जाऊंगा। अब शाम हो चुकी है, लेकिन ट्रॉली खाली न होने से चिंता बढ़ गई है। - राजा, भागेश्वरी
मंडी में बुधवार को 12,000 क्विंटल गेहूं की आवक हुई, लेकिन आढ़तियों की हड़ताल के कारण खरीद नहीं हो पाई। - संदीप, निरीक्षक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, चरखी दादरी।
जीएसटी लगाकर व्यापारियों और किसानों को तंग किया जा रहा है। यह फैसला वापस होने तक कोई आढ़ती न तो वाहन खाली करवाएगा और न ही खरीदेगा। अन्य फसलों की खरीद सुचारू रहेगी। - रामकुमार रिटोलिया, प्रधान, अनाज मंडी।