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Charkhi Dadri News: डीटीपी पर रिश्वत लेकर आठ अवैध कॉलोनियां कटवाने का आरोप, कृषि मंत्री बोले-जांच करो

Wed, 16 Apr 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 16 Apr 2025 01:38 AM IST
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Allegation of demolishing eight illegal colonies, Agriculture Minister said - investigate
दादरी के लघु सचिवालय सभागार में शिकायतों की सुनवाई करने पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा व मौ
चरखी दादरी। दादरी लघु सचिवालय में मंगलवार को आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक हंगामेदार रही। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने 15 परिवादों की सुनवाई की, जिनमें से छह शिकायतें निस्तारित की गईं जबकि चार की जांच करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए जबकि पांच शिकायतों को अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया। बैठक में जिला शहरी योजनाकार (डीटीपी) और जेई पर रुपये लेकर आठ अवैध कॉलोनियां कटवाने का आरोप लगा और कृषि मंत्री ने डीसी मुनीश शर्मा को जांच करवाकर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया।
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हालांकि डीटीपी नवीन कुमार ने आरोपों को बेबुनियाद बताया, लेकिन डीसी के तेवर भी उन पर तल्ख नजर आए। वहीं, फरियादी अधिवक्ता संजीव तक्षक ने कृषि मंत्री के समक्ष ओवरलोडिंग की समस्या रखी। उन्होंने कहा कि पांच साल से वह लगातार यह मुद्दा शासन, प्रशासन तक उठा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पाया है। आवेश में उन्होंने आकर कहा कि ऊपर तक सेटिंग हैं और मंत्री जी आप भी बोल दो कि यह आपके बस से बाहर है। यह सुनकर मंत्री ने शिकायतकर्ता को बैठक कक्ष से बाहर निकलवा दिया। उस दौरान मंत्री ने कहा कि तुम ज्यादा गुंडे न बनो।
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कुल 12 क्विंटल बाजरे का भुगतान कर 3.06 लाख का दबा रहे गबन

चरखी दादरी। मंत्री जी, अक्तूबर 2024 में मैंने बाजरा बेच दिया था लेकिन दाम बढ़ने पर दो माह बाद खामियां बताकर मेरी ढेरी अस्वीकार कर दी गई। शपथ पत्र में चाचा के गलत हस्ताक्षर किए गए और अब आवाज उठाने पर मुझे 12 क्विंटल बाजरा का भुगतान देकर 3.06 लाख का गबन दबाया जा रहा है लेकिन मैं चाहता हूं कि गबन और फर्जीवाड़ा करने वालों पर एफआईआर दर्ज हो। कष्ट निवारण समिति की बैठक में रामलवास निवासी युवा किसान अजय ने मंगलवार को कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के समक्ष ये शब्द कहे। किसान अजय ने कृषि मंत्री राणा को बताया कि 10 अक्तूबर 2024 को उन्होंने अपना बाजरा प्रणव ट्रेडिंग कंपनी को दिया था। इसकी बीडिंग तक होने के बावजूद 12 दिसंबर 24 को हैफेड ने उनकी ढेरी अस्वीकार कर दी। जब उन्होंने समाधान शिविर में शिकायत रखी तो हैफेड की ओर से एक शपथ पत्र दिखाया गया, जिसमें उनके चाचा के हस्ताक्षर थे। उन्होंने फर्जी बताया। इसके बावजूद उन्हें 12 क्विंटल बाजरा का भुगतान देकर चुप कराया जा रहा है। किसान की शिकायत का संज्ञान लेकर बाढड़ा के विधायक उमेद पातुवास ने जांच की सिफारिश की तो कृषि मंत्री ने यह जांच तहसीलदार को सौंप दी। मंगलवार को आयोजित बैठक हंगामेदार रही। इसमें 15 परिवाद मंत्री के समक्ष रखे गए। पहला परिवाद अधिवक्ता शीतल साहू का रहा। उन्होंने जिले की सड़कों को सुधारने की मांग की। कृषिमंत्री ने इस शिकायत को निस्तारित करवा दिया। दूसरा परिवाद अधिवक्ता संजीव तक्षक ने रखा और काफी बहस होने के बाद उन्हें कक्ष से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
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