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शहर में बनेगा 8वां बूस्टिंग स्टेशन, 45 प्रतिशत क्षेत्र में खत्म होगी लो प्रेशर की समस्या
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वार्ड नंबर नौ में टैंकर से पानी भरते हुए लोग।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। पेयजल आपूर्ति में सुधार करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर में आठवां बूस्टिंग स्टेशन बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए जगह के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नया बूस्टिंग स्टेशन बनने से शहर के 45 प्रतिशत एरिया में लो प्रेशर की समस्या खत्म हो सकेगी। विभाग ने इस योजना को अंतिम रूप देते हुए फाइल मुख्यालय भेज दी है। यहां से स्वीकृति मिलते ही अगली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
शहर में इस समय सात बूस्टिंग स्टेशन हैं। शहर की आबादी बढ़ने से इन बूस्टिंग स्टेशन पर लोड भी बढ़ा है, जिसके चलते हर वार्ड के कुछ क्षेत्र में लो-प्रेशर आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने नया बूस्टिंग स्टेशन बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए दमकल विभाग के नए कार्यालय के समीप जमीन चिह्नित की गई है। इस बूस्टिंग के लिए अलग से नई पेयजल लाइन बिछाई जाएंगी। इसे सीधे मेन जलघर से जोड़ने की योजना है, ताकि बीच में मुख्य लाइन में अवैध रूप से कनेक्शन नहीं हो पाए और पानी की बर्बादी न हो सके। इस प्रोजेक्ट की फाइल विभाग ने बजट आदि के लिए मुख्यालय भेज दी है। जुलाई तक बूस्टिंग का निर्माण होने की उम्मीद है।
जलघर से सीधे जोड़े जाएंगे बूस्टिंग स्टेशन
विभाग की योजना के अनुसार जलघरों से सभी बूस्टिंग स्टेशन तक सीधे लाइन बिछाई जाए, ताकि लोग मुख्य लाइन में कनेक्शन नहीं कर पाए। इस समय बूस्टिंग की मुख्य लाइनों में पेयजल कनेक्शन हैं, जिससे बूस्टिंग भरने में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में बूस्टिंग स्टेशन तक पापी पहुंचने में समय भी ज्यादा लगता है। विभाग रात के समय बूस्टिंग में पानी डालता है और सुबह साढ़े चार बजे बूस्टिंग से कॉलोनियों सप्लाई शुरू कर देता है।
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ाहर में अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता पानी
हर साल शहर में करीब 500 नए मकान बन रहे हैं, जिनमें पेयजल कनेक्शन भी बढ़ रहे हैं। इससे पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता है। शहर के 45 प्रतिशत एरिया में लो प्रेशर की समस्या है। इसके चलते लोगों को टैंकर से पानी मंगवाना पड़ता है। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है।
इस बूस्टिंग स्टेशन से इस क्षेत्र में होती है आपूर्ति
हीरा चौक क्षेत्र में सबसे पुराना बूस्टिंग है। इससे शहर के पुराने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार रोजगार्डन के समीप बने बूस्टिंग से बस स्टैंड रोड, एमसी कॉलोनी व कुछ लोहारू रोड एरिया में पानी की सप्लाई की जाती है। इसी प्रकार दिल्ली बाईपास पर बने बूस्टिंग स्टेशन से गांधीनगर व प्रेमनगर कॉलोनी में सप्लाई होती है। चंपापुरी बूस्टिंग स्टेशन से रोहतक रोड क्षेत्र और चंपापुरी कॉलोनी में सप्लाई होती है। सिविल अस्पताल परिसर में बने बूस्टिंग से लोहारु रोड व महेंद्रगढ़ रोड पर बस्तियों में आपूर्ति की जाती है। इस प्रकार सात बूस्टिंग से पूरे शहर को कवर किया जाता है।
वर्जन::
शहर का दायरा बढ़ने की वजह से नया बूस्टिंग बनाया जाएगा। इससे पेयजल आपूर्ति में सुधार आएगा और लो- प्रेशर की समस्या भी खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही दूसरे बूस्टिंग स्टेशन का लोड भी इससे कम हो जाएगा। - सुरेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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शहर में इस समय सात बूस्टिंग स्टेशन हैं। शहर की आबादी बढ़ने से इन बूस्टिंग स्टेशन पर लोड भी बढ़ा है, जिसके चलते हर वार्ड के कुछ क्षेत्र में लो-प्रेशर आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। इस समस्या को दूर करने के लिए विभाग ने नया बूस्टिंग स्टेशन बनाने की योजना तैयार की है। इसके लिए दमकल विभाग के नए कार्यालय के समीप जमीन चिह्नित की गई है। इस बूस्टिंग के लिए अलग से नई पेयजल लाइन बिछाई जाएंगी। इसे सीधे मेन जलघर से जोड़ने की योजना है, ताकि बीच में मुख्य लाइन में अवैध रूप से कनेक्शन नहीं हो पाए और पानी की बर्बादी न हो सके। इस प्रोजेक्ट की फाइल विभाग ने बजट आदि के लिए मुख्यालय भेज दी है। जुलाई तक बूस्टिंग का निर्माण होने की उम्मीद है।
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जलघर से सीधे जोड़े जाएंगे बूस्टिंग स्टेशन
विभाग की योजना के अनुसार जलघरों से सभी बूस्टिंग स्टेशन तक सीधे लाइन बिछाई जाए, ताकि लोग मुख्य लाइन में कनेक्शन नहीं कर पाए। इस समय बूस्टिंग की मुख्य लाइनों में पेयजल कनेक्शन हैं, जिससे बूस्टिंग भरने में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में बूस्टिंग स्टेशन तक पापी पहुंचने में समय भी ज्यादा लगता है। विभाग रात के समय बूस्टिंग में पानी डालता है और सुबह साढ़े चार बजे बूस्टिंग से कॉलोनियों सप्लाई शुरू कर देता है।
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ाहर में अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता पानी
हर साल शहर में करीब 500 नए मकान बन रहे हैं, जिनमें पेयजल कनेक्शन भी बढ़ रहे हैं। इससे पानी अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पाता है। शहर के 45 प्रतिशत एरिया में लो प्रेशर की समस्या है। इसके चलते लोगों को टैंकर से पानी मंगवाना पड़ता है। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ता है।
इस बूस्टिंग स्टेशन से इस क्षेत्र में होती है आपूर्ति
हीरा चौक क्षेत्र में सबसे पुराना बूस्टिंग है। इससे शहर के पुराने क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की जाती है। इसी प्रकार रोजगार्डन के समीप बने बूस्टिंग से बस स्टैंड रोड, एमसी कॉलोनी व कुछ लोहारू रोड एरिया में पानी की सप्लाई की जाती है। इसी प्रकार दिल्ली बाईपास पर बने बूस्टिंग स्टेशन से गांधीनगर व प्रेमनगर कॉलोनी में सप्लाई होती है। चंपापुरी बूस्टिंग स्टेशन से रोहतक रोड क्षेत्र और चंपापुरी कॉलोनी में सप्लाई होती है। सिविल अस्पताल परिसर में बने बूस्टिंग से लोहारु रोड व महेंद्रगढ़ रोड पर बस्तियों में आपूर्ति की जाती है। इस प्रकार सात बूस्टिंग से पूरे शहर को कवर किया जाता है।
वर्जन::
शहर का दायरा बढ़ने की वजह से नया बूस्टिंग बनाया जाएगा। इससे पेयजल आपूर्ति में सुधार आएगा और लो- प्रेशर की समस्या भी खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही दूसरे बूस्टिंग स्टेशन का लोड भी इससे कम हो जाएगा। - सुरेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग