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Charkhi Dadri News: नहरों में पहुंचा 850 क्यूसेक पानी आया, साढ़े 5 लाख की आबादी को मिलेगी राहत
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पानी से लबालब जिले की लोहारू कैनाल। संवाद
- 80 जलघरों को भरने की कवायद शुरू
- पिछले 10 दिनों से दादरी जिले के जलघरों के टैंक खाली होने से गहराया था पेयजल संकट
- पहाड़ों पर हुई बारिश के पानी से लबालब है जिले की नहरें, जलघरों के साथ तालाबों तक पानी पहुंचाएगा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले की साढ़े पांच लाख की आबादी के लिए राहत भरी खबर है। सिंचाई विभाग की ओर से शुक्रवार रात को जिले की नहरों में 850 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं, नहरों में पानी पहुंचते ही सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग ने जलघरों के भंडारण टैंकों और तालाबों को भरने की कवायद शुरू कर दी है। अगले दस से बारह दिन के अंदर सभी जलघरों के टैंक पानी से लबालब होने की उम्मीद है। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा गया है।
बता दें कि पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश से नदियों में पानी की मात्रा बढ़ने पर अब नहरों में छोड़ा गया है ताकि अतिरिक्त पानी को समायोजित किया जा सके। दूसरी ओर जिले के ज्यादातर जलघर पिछले करीब दस दिनों से खाली पड़े हैं। अब नहरों में पानी पहुंचने के बाद इन जलघरों को भरा जा सकेगा। हालांकि इस टर्म में जिले को जो नहरी पानी मिला है वो पहाड़ाें का है जो मिट्टीयुक्त है।
सिंचाई विभाग की ओर से अधिकारी पानी की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। इसके तहत जेई व एसडीओ साइट का दौरा कर रहे हैं। इस समय सीमित किसानों को ही नहरी पानी की जरूरत है जिन किसानों ने धान की रोपाई कर रखी है वहां नहरी पानी की ज्यादा जरूरत है। दूसरी ओर प्रशासन को तत्परता से शहर व गांवों के जलघरों में पानी डलवाने की सख्त जरूरत है।
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जिले भर में करीब 80 जलघर हैं जो इस समय खाली पड़े हैं। इसी प्रकार शहर के जलघरों के सभी टैंक भी खाली पड़े हैं। पिछले दो सप्ताह से शहर में पेयजल सप्लाई तीन से चार दिन में की जा रही है। वहीं, लोगों को रातभर पानी के लिए जागना पड़ रहा है। कुछ कॉलोनियों में तो रात साढ़े तीन बजे भी पानी छोड़ा जा रहा है जिससे लोगों में रोष बना हुआ है।
- ये नहरें पानी से लबालब
इस समय बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी व लोहारू कैनाल में पानी चल रहा है। इन नहरों के अधीन 80 से ज्यादा जलघर व 75 तालाब हैं। सभी जलघर खाली पड़े हैं। वैसे खरीफ की फसलों की सिंचाई के लिए नहरी पानी की इतनी जरूरत नहीं है। केवल धान को सिंचाई की जरूरत है।
- ये हैं जिले के प्रमुख जलघर
शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिड़िया, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंदकलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझूकलां, घिकाड़ा, सांवड़ व सांजरवास आदि जिले के प्रमुख जलघर हैं जिन्हें नहरों के पानी से भरा जाता है। इस समय सभी जलघर खाली हैं। विभाग ने इन जलघरों में पानी पहुंचाना शुरू कर दिया है।
- पानी उठान के लिए पंप और मोटरें हैं अपडेट
पानी उठान के लिए पंप व मोटरों को विभाग ने पहले ही अपडेट कर दिया गया था। कई पंपों की उठान क्षमता कम होने की वजह से इनकी मरम्मत की दरकार थी और नहरों में पानी आने से पहले ही विभाग ने ये काम भी करवा दिया था। इस बार नहरों में बारिश का पानी छोड़ा गया है जिससे जलघरों में भी पानी की गुणवत्ता में कमी आएगी। नहरों में पानी आने से साढ़े 5 लाख की आबादी को राहत मिलेगी।
वर्सन:
जलघरों में समय रहते पानी डाल दिया जाएगा। जलघरों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है। अगर बारिश होती रही तो नहरों में भी पानी जारी रहेगा।
-हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग
फोटो 16 पानी से लबालब जिले की लोहारू कैनाल। संवाद
फोटो 17 चंपापुरी जलघर के टैंक में गिरता नहर का पानी। संवाद
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- पिछले 10 दिनों से दादरी जिले के जलघरों के टैंक खाली होने से गहराया था पेयजल संकट
- पहाड़ों पर हुई बारिश के पानी से लबालब है जिले की नहरें, जलघरों के साथ तालाबों तक पानी पहुंचाएगा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले की साढ़े पांच लाख की आबादी के लिए राहत भरी खबर है। सिंचाई विभाग की ओर से शुक्रवार रात को जिले की नहरों में 850 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं, नहरों में पानी पहुंचते ही सिंचाई और जनस्वास्थ्य विभाग ने जलघरों के भंडारण टैंकों और तालाबों को भरने की कवायद शुरू कर दी है। अगले दस से बारह दिन के अंदर सभी जलघरों के टैंक पानी से लबालब होने की उम्मीद है। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा गया है।
बता दें कि पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश से नदियों में पानी की मात्रा बढ़ने पर अब नहरों में छोड़ा गया है ताकि अतिरिक्त पानी को समायोजित किया जा सके। दूसरी ओर जिले के ज्यादातर जलघर पिछले करीब दस दिनों से खाली पड़े हैं। अब नहरों में पानी पहुंचने के बाद इन जलघरों को भरा जा सकेगा। हालांकि इस टर्म में जिले को जो नहरी पानी मिला है वो पहाड़ाें का है जो मिट्टीयुक्त है।
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सिंचाई विभाग की ओर से अधिकारी पानी की लगातार मॉनीटरिंग की जा रही है। इसके तहत जेई व एसडीओ साइट का दौरा कर रहे हैं। इस समय सीमित किसानों को ही नहरी पानी की जरूरत है जिन किसानों ने धान की रोपाई कर रखी है वहां नहरी पानी की ज्यादा जरूरत है। दूसरी ओर प्रशासन को तत्परता से शहर व गांवों के जलघरों में पानी डलवाने की सख्त जरूरत है।
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जिले भर में करीब 80 जलघर हैं जो इस समय खाली पड़े हैं। इसी प्रकार शहर के जलघरों के सभी टैंक भी खाली पड़े हैं। पिछले दो सप्ताह से शहर में पेयजल सप्लाई तीन से चार दिन में की जा रही है। वहीं, लोगों को रातभर पानी के लिए जागना पड़ रहा है। कुछ कॉलोनियों में तो रात साढ़े तीन बजे भी पानी छोड़ा जा रहा है जिससे लोगों में रोष बना हुआ है।
- ये नहरें पानी से लबालब
इस समय बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी व लोहारू कैनाल में पानी चल रहा है। इन नहरों के अधीन 80 से ज्यादा जलघर व 75 तालाब हैं। सभी जलघर खाली पड़े हैं। वैसे खरीफ की फसलों की सिंचाई के लिए नहरी पानी की इतनी जरूरत नहीं है। केवल धान को सिंचाई की जरूरत है।
- ये हैं जिले के प्रमुख जलघर
शहर के अलावा गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिड़िया, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंदकलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझूकलां, घिकाड़ा, सांवड़ व सांजरवास आदि जिले के प्रमुख जलघर हैं जिन्हें नहरों के पानी से भरा जाता है। इस समय सभी जलघर खाली हैं। विभाग ने इन जलघरों में पानी पहुंचाना शुरू कर दिया है।
- पानी उठान के लिए पंप और मोटरें हैं अपडेट
पानी उठान के लिए पंप व मोटरों को विभाग ने पहले ही अपडेट कर दिया गया था। कई पंपों की उठान क्षमता कम होने की वजह से इनकी मरम्मत की दरकार थी और नहरों में पानी आने से पहले ही विभाग ने ये काम भी करवा दिया था। इस बार नहरों में बारिश का पानी छोड़ा गया है जिससे जलघरों में भी पानी की गुणवत्ता में कमी आएगी। नहरों में पानी आने से साढ़े 5 लाख की आबादी को राहत मिलेगी।
वर्सन:
जलघरों में समय रहते पानी डाल दिया जाएगा। जलघरों को भरने का काम शुरू कर दिया गया है। अगर बारिश होती रही तो नहरों में भी पानी जारी रहेगा।
-हरवीर सिंह, एसडीओ, सिंचाई विभाग
फोटो 16 पानी से लबालब जिले की लोहारू कैनाल। संवाद
फोटो 17 चंपापुरी जलघर के टैंक में गिरता नहर का पानी। संवाद