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Charkhi Dadri News: 60 जलघरों के टैंक खाली, 6 लाख की आबादी झेल रही पेयजल संकट
Tue, 10 Jun 2025 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 10 Jun 2025 01:14 AM IST
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खाली पड़ा मुख्य चंपापुरी जलघर का पेयजल भंडारण टैंक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले के जलघरों के टैंकों में पानी नहीं है। पारा चढ़ने के साथ ही 1.40 लाख घरों में पानी की खपत बढ़ी है। इससे पानी की समयसारिणी चरमरा गई है। बिजली की कटौती भी लोड की वजह से शुरू हो गई है। सभी जलघर खाली होने से पेयजल संकट गहरा गया है। इस समय करीब छह लाख की आबादी इस समस्या से जूझ रही है।
पिछला पखवाड़ा तो ठीक-ठीक बीत गया। बीच-बीच में बारिश की झड़ी लगी रही। इससे पानी की खपत 45 प्रतिशत तक कम हो गई थी। अब तीन दिन से पारा फिर से चढ़ने की वजह से पहले जैसे हालात बन गए हैं। बिजली-पानी की खपत फिर से बढ़ गई है। दूसरी ओर, इस समय शहर व गांवों में बने सभी जलघर खाली हैं। इनमें पानी भरने की जरूरत है।
दादरी जिले की बात करें तो 60 से अधिक जलघर व 190 बोरिंग ट्यूबवेल हैं। इनके जरिये शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। जलघरों के भंडारण टैंकों को नहरों के पानी से भरा जाता है। नहरों में पानी 24 दिन बाद छोड़ा जाता है।
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वहीं, पिछली टर्म पर सभी जलघरों के टैंक पानी से लबालब नहीं हो पाए थे। पंजाब की ओर से पानी बंद करने पर पेयजल संकट गहरा गया था। इससे जिले की नहरों में 50 प्रतिशत पानी ही छोड़ा जा सका था। इस बार लोगों को कुछ उम्मीद है।
शहर के दोनों जलघरों में चल रहा निर्माण कार्य : इस समय शहर में 115 करोड़ की पेयजल परियोजना पर काम चल रहा है।
इसके तहत शहर के दोनों जलघरों चंपापुरी और रामनगर की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाई जा रही है। टैंक निर्माण कार्य के चलते भी शहरी जलघरों की पेयजल भंडारण क्षमता कम हुई है।
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चरखी दादरी। जिले के जलघरों के टैंकों में पानी नहीं है। पारा चढ़ने के साथ ही 1.40 लाख घरों में पानी की खपत बढ़ी है। इससे पानी की समयसारिणी चरमरा गई है। बिजली की कटौती भी लोड की वजह से शुरू हो गई है। सभी जलघर खाली होने से पेयजल संकट गहरा गया है। इस समय करीब छह लाख की आबादी इस समस्या से जूझ रही है।
पिछला पखवाड़ा तो ठीक-ठीक बीत गया। बीच-बीच में बारिश की झड़ी लगी रही। इससे पानी की खपत 45 प्रतिशत तक कम हो गई थी। अब तीन दिन से पारा फिर से चढ़ने की वजह से पहले जैसे हालात बन गए हैं। बिजली-पानी की खपत फिर से बढ़ गई है। दूसरी ओर, इस समय शहर व गांवों में बने सभी जलघर खाली हैं। इनमें पानी भरने की जरूरत है।
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दादरी जिले की बात करें तो 60 से अधिक जलघर व 190 बोरिंग ट्यूबवेल हैं। इनके जरिये शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। जलघरों के भंडारण टैंकों को नहरों के पानी से भरा जाता है। नहरों में पानी 24 दिन बाद छोड़ा जाता है।
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वहीं, पिछली टर्म पर सभी जलघरों के टैंक पानी से लबालब नहीं हो पाए थे। पंजाब की ओर से पानी बंद करने पर पेयजल संकट गहरा गया था। इससे जिले की नहरों में 50 प्रतिशत पानी ही छोड़ा जा सका था। इस बार लोगों को कुछ उम्मीद है।
शहर के दोनों जलघरों में चल रहा निर्माण कार्य : इस समय शहर में 115 करोड़ की पेयजल परियोजना पर काम चल रहा है।
इसके तहत शहर के दोनों जलघरों चंपापुरी और रामनगर की पेयजल भंडारण क्षमता बढ़ाई जा रही है। टैंक निर्माण कार्य के चलते भी शहरी जलघरों की पेयजल भंडारण क्षमता कम हुई है।