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Charkhi Dadri News: 67 साल में 300 प्रत्याशियों ने चुनाव में आजमाया भाग्य, 21 ही पहुंच पाए विधानसभा
Sun, 15 Sep 2024 05:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 15 Sep 2024 05:13 AM IST
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फ्लैश बैक:
बाढड़ा हलके से वर्ष 2019 तक 141 और दादरी हलके से 159 लोग लड़ चुके चुनाव
- बाढड़ा से 13 तो दादरी से 8 प्रत्याशी पहुंचे विधानसभा
चरखी दादरी। विधानसभा चुनाव के 67 साल के इतिहास में 300 प्रत्याशी विधायक बनने के लिए अपना भाग्य आजमा चुके हैं। अब तक 21 का ही विधानसभा में जाने का सपना साकार हो पाया है। खास बात यह कि बाढड़ा हलके में कोई भी अपना विधायक पद अब तक बरकरार नहीं रख पाया है। दादरी हलके में तीन प्रत्याशियों को दूसरी और तीसरी बार विधानसभा में जाने मौका मिला है।
जिले के दोनों हलकों की तुलनात्मक स्थिति देखें तो बाढड़ा के मुकाबले दादरी हलके से ज्यादा प्रत्याशियों ने नामांकन किया। दादरी हलके से 13 चुनावों में 157 प्रत्याशियों ने भागीदारी की जबकि बाढड़ा हलके से 141 नामांकन हुए। दादरी हलके से सबसे ज्यादा प्रत्याशियों ने वर्ष 1996 के चुनाव में नामांकन कराया। इस चुनाव में कुल 42 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया, जिनमें से पांच पूर्व प्रत्याशी थे। वहीं, सबसे कम प्रत्याशी वर्ष 1972 के चुनाव में मैदान में उतरे। इसमें केवल पांच प्रत्याशियों ने विधायक बनने के लिए दावेदारी जताई।
इसी तरह बाढड़ा से भी सबसे ज्यादा नामांकन साल 1996 में किए गए। इसमें कुल 25 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया। इनमें से चार प्रत्याशी पहले के चुनाव में भाग ले चुके हैं। यह आंकड़ा दादरी हलके से कम रहा है, लेकिन अपने चुनावी इतिहास में सबसे अधिक है। वहीं, सबसे कम प्रत्याशी साल 1967 व 1972 में रहे। इनमें केवल सात-सात प्रत्याशियों ने भाग लिया।
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- ये प्रत्याशी पहुंचे दोबारा विधानसभा
दादरी हलके के प्रत्याशियों को दोबारा विधायक बनकर जनसेवा करने का मौका मिला है। इसमें गणपत राय व पूर्व सीएम हुकुम सिंह को तीन बार विधानसभा में जाने का मौका मिला। वहीं, सतपाल सांगवान ने भी दो बार विधानसभा क्षेत्र में जीत हासिल की। बता दें कि गणपत राय ने साल 1967, 1968 व 1972 के चुनाव लड़े और तीनों बार विधायक बने। इसके बाद पूर्व सीएम स्वर्गीय हुकुम सिंह ने जीत की हैट्रिक लगाई। इन्होंने 1977, 1982 व 1987 के चुनाव में बहुमत हासिल किया। इसके बाद सतपाल सांगवान साल 1996 व 2009 के चुनाव में विधायक चुने गए।
दादरी हलके से उम्मीदवारों का ब्योरा
चुनावी साल - प्रत्याशियों की संख्या
1967 - 8
1968 - 6
1972 - 5
1977 - 13
1982 - 14
1987 - 13
1991 - 20
1996 - 42
2000 - 14
2005 - 10
2009 - 20
2014 - 18
2019 - 18
बाढड़ा हलके के प्रत्याशियों का ब्योरा
चुनावी साल - प्रत्याशियों की संख्या
1967 - 7
1968 - 8
1972 - 7
1977 - 8
1982 - 12
1987 - 18
1991 - 19
1996 - 25
2000 - 15
2005 - 10
2009 - 18
2014 - 19
2019 - 11
फोटो 08
12 सितंबर को प्रत्याशी का नामांकन फार्म लेते दादरी विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी एसडीएम नवीन कुमार। संवाद फाइल फोटो
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बाढड़ा हलके से वर्ष 2019 तक 141 और दादरी हलके से 159 लोग लड़ चुके चुनाव
- बाढड़ा से 13 तो दादरी से 8 प्रत्याशी पहुंचे विधानसभा
चरखी दादरी। विधानसभा चुनाव के 67 साल के इतिहास में 300 प्रत्याशी विधायक बनने के लिए अपना भाग्य आजमा चुके हैं। अब तक 21 का ही विधानसभा में जाने का सपना साकार हो पाया है। खास बात यह कि बाढड़ा हलके में कोई भी अपना विधायक पद अब तक बरकरार नहीं रख पाया है। दादरी हलके में तीन प्रत्याशियों को दूसरी और तीसरी बार विधानसभा में जाने मौका मिला है।
जिले के दोनों हलकों की तुलनात्मक स्थिति देखें तो बाढड़ा के मुकाबले दादरी हलके से ज्यादा प्रत्याशियों ने नामांकन किया। दादरी हलके से 13 चुनावों में 157 प्रत्याशियों ने भागीदारी की जबकि बाढड़ा हलके से 141 नामांकन हुए। दादरी हलके से सबसे ज्यादा प्रत्याशियों ने वर्ष 1996 के चुनाव में नामांकन कराया। इस चुनाव में कुल 42 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया, जिनमें से पांच पूर्व प्रत्याशी थे। वहीं, सबसे कम प्रत्याशी वर्ष 1972 के चुनाव में मैदान में उतरे। इसमें केवल पांच प्रत्याशियों ने विधायक बनने के लिए दावेदारी जताई।
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इसी तरह बाढड़ा से भी सबसे ज्यादा नामांकन साल 1996 में किए गए। इसमें कुल 25 प्रत्याशियों ने नामांकन कराया। इनमें से चार प्रत्याशी पहले के चुनाव में भाग ले चुके हैं। यह आंकड़ा दादरी हलके से कम रहा है, लेकिन अपने चुनावी इतिहास में सबसे अधिक है। वहीं, सबसे कम प्रत्याशी साल 1967 व 1972 में रहे। इनमें केवल सात-सात प्रत्याशियों ने भाग लिया।
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- ये प्रत्याशी पहुंचे दोबारा विधानसभा
दादरी हलके के प्रत्याशियों को दोबारा विधायक बनकर जनसेवा करने का मौका मिला है। इसमें गणपत राय व पूर्व सीएम हुकुम सिंह को तीन बार विधानसभा में जाने का मौका मिला। वहीं, सतपाल सांगवान ने भी दो बार विधानसभा क्षेत्र में जीत हासिल की। बता दें कि गणपत राय ने साल 1967, 1968 व 1972 के चुनाव लड़े और तीनों बार विधायक बने। इसके बाद पूर्व सीएम स्वर्गीय हुकुम सिंह ने जीत की हैट्रिक लगाई। इन्होंने 1977, 1982 व 1987 के चुनाव में बहुमत हासिल किया। इसके बाद सतपाल सांगवान साल 1996 व 2009 के चुनाव में विधायक चुने गए।
दादरी हलके से उम्मीदवारों का ब्योरा
चुनावी साल - प्रत्याशियों की संख्या
1967 - 8
1968 - 6
1972 - 5
1977 - 13
1982 - 14
1987 - 13
1991 - 20
1996 - 42
2000 - 14
2005 - 10
2009 - 20
2014 - 18
2019 - 18
बाढड़ा हलके के प्रत्याशियों का ब्योरा
चुनावी साल - प्रत्याशियों की संख्या
1967 - 7
1968 - 8
1972 - 7
1977 - 8
1982 - 12
1987 - 18
1991 - 19
1996 - 25
2000 - 15
2005 - 10
2009 - 18
2014 - 19
2019 - 11
फोटो 08
12 सितंबर को प्रत्याशी का नामांकन फार्म लेते दादरी विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी एसडीएम नवीन कुमार। संवाद फाइल फोटो