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Charkhi Dadri News: मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना के लिए जिले में 2,302 महिलाएं पात्र, सरकार से मिलेगी 1.15 करोड़ की राशि
Thu, 08 Feb 2024 02:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 08 Feb 2024 02:53 AM IST
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चरखी दादरी का महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय।
चरखी दादरी। सरकार ने हाल ही में मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना की शर्ताें में फेरबदल किया है। इसके तहत अब दूसरी संतान के रूप में बेटा होने पर भी महिला को पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
पहले दूसरी संतान के रूप में बेटी होने पर ही ये सहायता मिलती थी। योजना में किए गए बदलाव के बाद वर्ष 2022-23 और 2023-24 में 2,302 महिलाएं इसके लिए पात्र हैं। इन्हें सरकार की तरफ से 1,15,10,000 की आर्थिक सहायता मिलेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बजट की मांग भेज दी गई है। वहीं, विभाग ने पात्र महिलाओं से आर्थिक सहायता लेने संबंधी आवेदन भी मांगे हैं।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भावस्था में मजदूरी के दौरान नुकसान की भरपाई, स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पोषण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना शुरू की है। इस योजना के तहत दूसरे बच्चे के रूप में लड़के को जन्म देने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
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अब 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग महिलाओं सहित मनरेगा जॉब कार्ड, ई-श्रम कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित महिला के परिवार की सालाना आय आठ लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आधार कार्ड अनिवार्य, आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स के जरिये होंगे आवेदन
सीडीपीओ गीता सहारण ने बताया कि योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। केंद्र या प्रदेश सरकार की नौकरियों और सार्वजनिक उपक्रमों में तैनात महिला कर्मचारी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होंगी। सहायता राशि लेने के लिए गर्भावस्था के पंजीकरण के बाद कम से कम एक बार प्रसव पूर्व जांच के साथ ही बच्चे का पंजीकरण और उसे बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस बी के टीके लगवाना जरूरी है। मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर या आशा वर्कर के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा।
- पहले तीन तो अब दो किस्तों में मिलेगी राशि
उपायुक्त मनदीप कौर ने बताया कि केंद्र सरकार ने कामगार महिलाओं के लिए पहले से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की है, जिसके तहत पांच हजार रुपये की सहायता राशि तीन किस्तों में दी जाती थी। अब सरकार द्वारा नियमों में बदलाव कर सहायता राशि दो किस्तों में देने का निर्णय लिया है।
इस बारे में अधिक जानकारी के लिए इच्छुक एवं पात्र महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्र, आशा वर्कर, संबंधित सीडीपीओ कार्यालय और दादरी स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के दौरान सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक संपर्क कर सकती हैं।
कितनी महिलाएं हैं योजना की पात्र
वर्ष 2022-23 में जिले में 1,315 महिलाएं योजना की पात्र हैं। इन्हें आर्थिक सहायता देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को 65.75 लाख रुपये के बजट की जरूरत है। वर्ष 2022-23 में दूसरी संतान के रूप में बेटा या बेटी को जन्म देने वाली महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं। वहीं, वर्ष 2023-24 की 987 महिलाएं योजना की पात्र हैं और इन्हें आर्थिक सहायता देने के लिए विभाग को 49.35 लाख रुपये के बजट की दरकार है।
सरकार ने मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना में फेरबदल किया है। अब दूसरी संतान बेटा होने पर भी पांच हजार की सहायता राशि मिलेगी। वर्ष 2022-23 और वर्ष 2023-24 में जिले के अंदर करीब 2302 महिलाएं योजना के लिए पात्र होंगी। - गीता सहारण, सीडीपीओ, दादरी।
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पहले दूसरी संतान के रूप में बेटी होने पर ही ये सहायता मिलती थी। योजना में किए गए बदलाव के बाद वर्ष 2022-23 और 2023-24 में 2,302 महिलाएं इसके लिए पात्र हैं। इन्हें सरकार की तरफ से 1,15,10,000 की आर्थिक सहायता मिलेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बजट की मांग भेज दी गई है। वहीं, विभाग ने पात्र महिलाओं से आर्थिक सहायता लेने संबंधी आवेदन भी मांगे हैं।
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महिला एवं बाल विकास विभाग ने गर्भावस्था में मजदूरी के दौरान नुकसान की भरपाई, स्तनपान कराने वाली महिलाओं में पोषण सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना शुरू की है। इस योजना के तहत दूसरे बच्चे के रूप में लड़के को जन्म देने वाली अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
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अब 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग महिलाओं सहित मनरेगा जॉब कार्ड, ई-श्रम कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और किसान सम्मान निधि की लाभार्थी महिलाएं भी इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगी। योजना का लाभ लेने के लिए संबंधित महिला के परिवार की सालाना आय आठ लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- आधार कार्ड अनिवार्य, आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स के जरिये होंगे आवेदन
सीडीपीओ गीता सहारण ने बताया कि योजना के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। केंद्र या प्रदेश सरकार की नौकरियों और सार्वजनिक उपक्रमों में तैनात महिला कर्मचारी योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होंगी। सहायता राशि लेने के लिए गर्भावस्था के पंजीकरण के बाद कम से कम एक बार प्रसव पूर्व जांच के साथ ही बच्चे का पंजीकरण और उसे बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस बी के टीके लगवाना जरूरी है। मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना का लाभ लेने के लिए आंगनबाड़ी वर्कर या आशा वर्कर के माध्यम से आवेदन किया जा सकेगा।
- पहले तीन तो अब दो किस्तों में मिलेगी राशि
उपायुक्त मनदीप कौर ने बताया कि केंद्र सरकार ने कामगार महिलाओं के लिए पहले से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की है, जिसके तहत पांच हजार रुपये की सहायता राशि तीन किस्तों में दी जाती थी। अब सरकार द्वारा नियमों में बदलाव कर सहायता राशि दो किस्तों में देने का निर्णय लिया है।
इस बारे में अधिक जानकारी के लिए इच्छुक एवं पात्र महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्र, आशा वर्कर, संबंधित सीडीपीओ कार्यालय और दादरी स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में किसी भी कार्य दिवस के दौरान सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक संपर्क कर सकती हैं।
कितनी महिलाएं हैं योजना की पात्र
वर्ष 2022-23 में जिले में 1,315 महिलाएं योजना की पात्र हैं। इन्हें आर्थिक सहायता देने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को 65.75 लाख रुपये के बजट की जरूरत है। वर्ष 2022-23 में दूसरी संतान के रूप में बेटा या बेटी को जन्म देने वाली महिलाएं भी आवेदन कर सकती हैं। वहीं, वर्ष 2023-24 की 987 महिलाएं योजना की पात्र हैं और इन्हें आर्थिक सहायता देने के लिए विभाग को 49.35 लाख रुपये के बजट की दरकार है।
सरकार ने मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना में फेरबदल किया है। अब दूसरी संतान बेटा होने पर भी पांच हजार की सहायता राशि मिलेगी। वर्ष 2022-23 और वर्ष 2023-24 में जिले के अंदर करीब 2302 महिलाएं योजना के लिए पात्र होंगी। - गीता सहारण, सीडीपीओ, दादरी।