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2021 भी बीता, दमकल विभाग को स्टाफ मिला न पर्याप्त संसाधन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Dec 2021 11:54 PM IST
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2021 has also passed, the fire department did not get staff nor enough resources
चरखी दादरी। 2021 भी बीतने को है और इस साल भी दमकल विभाग को पर्याप्त संसाधन और स्टाफ मिलने का इंतजार खत्म नहीं हुआ। आलम ये है कि चार साल बाद भी चरखी दमकल विभाग का बेड़ा जिला स्तर का नहीं बन पाया है। दमकल गाड़ियों से लेकर स्टाफ की कमी होने से सेवाओं का दायरा भी नहीं बढ़ रहा है। हालांकि एकमात्र राहत की बात यह है कि जिला स्तरीय दमकल विभाग कार्यालय का निर्माण अंतिम चरण में हैं और जनवरी के अंत तक नया भवन बनकर तैयार हो जाएगा।
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दादरी के जिला बनने के चार साल बाद भी दमकल विभाग के बेड़े में संसाधनों और स्टाफ की कमी बनी है। दमकल वाहन और कर्मचारियों की संख्या कम होने की वजह से आग की घटनाओं पर नियंत्रण पाना दमकल विभाग के लिए चुनौती से कम नहीं है। विशेषकर बाढड़ा उपमंडल जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूरी पर है, लेकिन वहां एक भी दमकल गाड़ी नहीं है जिससे कई बार विकट स्थिति बन जाती है। फिलहाल जिला में 22 कर्मचारियों का स्टाफ है जबकि जिला के अनुरूप 66 कर्मचारियों का स्टाफ चाहिए। फायर ऑफिसर का पद भी यहां सृजित नहीं हो सका है।
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जिला में इस समय तीन बड़ी और एक छोटी दमकल गाड़ी के अलावा दो दमकल बाइक हैं। जिला में 172 गांवों के अलावा शहर की आबादी भी करीब 80 हजार के पार है। उपमंडल बाढड़ा में भी 54 गांव हैं। इसी प्रकार बौंदकलां कस्बा की आबादी भी करीब 30 हजार और 48 गांव भी शामिल हैं इस लिहाज से मौजूदा दमकल गाडिय़ां अपर्याप्त हैं। जिला के लिए कम से पांच बड़ी गाड़ी और दो छोटी गाड़ियों के अलावा चार दमकल बाइक होनी चाहिए। कर्मचारियों की संख्या कम से 66 होनी चाहिए, तब जाकर शहर और गांवों को कवर किया जा सकता है। इस समय जिला में 22 कर्मचारी ही तैनात है।
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- बाढड़ा में 40 से 45 मिनट में पहुंचती है गाड़ी
जिला का बाढड़ा उपमंडल दादरी शहर में स्थित दमकल कार्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूरी पर है ऐसे में आग आदि की घटना होने पर दमकल गाड़ी को पहुंचने में करीब 40 से 45 मिनट का समय लग जाता है, तब तक आग विकराल रूप धारण कर चुकी होती है। बाढड़ा उपमंडल के लिए अलग से दो दमकल वाहन होने चाहिए। इसी प्रकार खंड बौंद कलां के लिए भी दो दमकल गाड़ी की जरूरत है। विभाग ने सरकार के पास डिमांड जरूर भेज रखी है लेकिन इस पर कार्यवाही नहीं हो पा रही है।
जिले में हर साल होती हैं आग की 100 से अधिक घटनाएं
शहर में दस से अधिक कॉटन व ऑयल मिल के अलावा पाइप फैक्टरी भी हैं। इनमें आग लगने की घटनाएं होती रहती हैं। जिला में अब तक फायर ऑफिसर का पद भी सृजित नहीं हुआ है। इस समय नारनौल के फायर ऑफिसर को एडिशनल चार्ज सौंप रखा है जो सप्ताह में दो या तीन दिन चरखी दादरी कार्यालय को संभालता है। जिले में हर साल आग की करीब 100 से अधिक घटनाएं होती हैं।

वर्जन::
फिलहाल गाड़ियां और कर्मचारी कम हैं जबकि डिमांड हमने भेज रखी है। कुछ समय में दमकल गाड़ियां मिलने की उम्मीद है। फिलहाल मौजूदा संसाधनों के सहारे काम चलाया जा रहा है।
सुरेश कुमार, फायर ऑफिसर
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