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Chandigarh-Haryana News: तीनों निकाय एक कानून से चलेंगे, अब अपने स्तर पर तय कर सकेंगे टैक्स

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हरियाणा सरकार ने नगर निकाय पालिका विधेयक 2025 समेत आठ विधेयक पेश किए
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वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पास कर सकेंगे प्रस्ताव

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शीतकालीन सत्र के दौरान आठ विधेयक प्रस्तुत किए गए। इस दौरान हरियाणा सरकार ने नगर निकाय पालिका विधेयक 2025 प्रस्तुत किया। इसके तहत अब दो पुराने कानून को समाप्त कर अब नगर निगम, नगर पालिका व नगर परिषद एक ही कानून के तहत चलेंगे। इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि तीनों निकाय अब अपने स्तर पर सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम और अधिकतम दरों के बीच संपत्ति कर, विकास शुल्क, कचरा शुल्क, विज्ञापन शुल्क, जल और सीवरेज शुल्क को निर्धारित करने का अधिकार होगा। अभी कर सरकार की ओर से तय किए जाते हैं और निकाय इसे वसूलता था। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्ताव पारित करने का भी प्रावधान किया गया है। इसमें भौतिक उपस्थिति की आवश्यकता नहीं होगी।
हरियाणा सरकार की ओर से बताया गया है कि इस विधेयक लाने के पीछे नगरपालिका कानूनों में एकरूपता लाना, नगरपालिका उप-नियमों को सरल बनाने, वित्तीय प्रबंधन और लेखा प्रणाली में सुधार लाने के साथ-साथ नगर पालिकाओं की आंतरिक संसाधन सृजन क्षमता बढ़ाना है। नगरपालिका अधिनियमों के अंतर्गत बनाए गए दो अलग-अलग सेवा नियमों के कारण तबादलों, पदोन्नति और वरिष्ठता सूची निर्धारण के मामलों में अस्पष्टता होती थी। इससे अक्सर अनावश्यक मुकदमेबाजी होती है। प्रस्तावित विधेयकों से मुकदमेबाजी काफी हद तक कम हो जाएगी।
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मेयर का उपचुनाव कराने की अड़चन होगी खत्म

भविष्य में मेयर का उपचुनाव कराने की कानूनी अड़चन अब खत्म हो जाएगी। हरियाणा नगर निकाय विधेयक, 2025 में धारा 41(1) के तहत स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि भविष्य में किसी भी कारण से मेयर पद रिक्त होने पर उपचुनाव कराया जा सकेगा। भविष्य में उपचुनाव करवाने को लेकर कोई कानूनी अड़चन नहीं रहेगी। हेमंत कुमार के अनुसार, यह संशोधन पुराने उपचुनाव को स्वतः वैध नहीं बनाता, लेकिन भविष्य के चुनावों को कानूनी आधार देगा।
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अब कोढ़ पीड़ित व्यक्ति भी श्राइन बोर्ड का बन सकेगा सदस्य


सत्र के दौरान श्री माता मनसा देवी पूजास्थल (संशोधन) विधेयक, 2025, हरियाणा श्री माता शीतला देवी पूजास्थल (संशोधन) विधेयक, 2025, हरियाणा श्री माता भीमेश्वरी देवी मंदिर (आश्रम), बेरी पूजास्थल (संशोधन) विधेयक, 2025, हरियाणा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, 2025, हरियाणा श्री कपाल मोचन, श्री बद्री नारायण, श्री मन्तरा देवी व श्री केदार नाथ पूजास्थल (संशोधन) विधेयक, 2025 भी पेश किया गया। इसके तहत अब इन मंदिरों के श्राइन बोर्ड में कोढ़ प्रभावित व्यक्तियों को भी मेंबर के तौर पर शामिल किया जा सकेगा। हरियाणा सरकार ने यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कोढ़ प्रभावित व्यक्तियों के खिलाफ भेदभाव वाले कानून हटाने का आदेश दिया था।
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