फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   two years imprisonment and fine up to three lakh rupees for making and selling fake seeds in Haryana

हरियाणा में बढ़ेगी सख्ती: नकली बीज बनाने व बेचने पर अब दो साल की कैद और तीन लाख रुपये तक का होगा जुर्माना

Wed, 05 Mar 2025 10:28 AM IST
निवेदिता वर्मा आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 05 Mar 2025 10:28 AM IST
सार

पिछले कई सालों से हरियाणा में किसान संगठन मांग भी कर रहे थे कि नकली बीच बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मगर मौजूदा कानूनों में सख्त कानूनों का प्रावधान ही नहीं था। इससे इस तरह के अपराध में शामिल आरोपी आसानी से बच निकलते थे।

विज्ञापन
two years imprisonment and fine up to three lakh rupees for making and selling fake seeds in Haryana
नकली बीज - फोटो : अमर उजाला/फाइल

विस्तार

नकली बीज बनाने और बेचने वालों के खिलाफ हरियाणा सरकार सख्त कानून लाने जा रही है। अब ये अपराध गैरजमानती के श्रेणी में आएंगे। 
विज्ञापन


बीज (हरियाणा राज्य संशोधन) अधिनियम, 2024 के तहत बीज निर्माता कंपनी दोषी पाई गई तो कारोबार के संचालन के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को दो साल तक कैद और तीन लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान होगा। यदि कंपनी दोबारा दोषी पाई जाती है तो तीन साल तक सजा सुनाई जा सकेगी और पांच लाख तक जुर्माना लगेगा। वहीं, डीलर या कारोबारी दोषी पाया जाता है तो एक साल तक सजा और 50 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान होगा। दोबारा पकड़े जाने पर दो साल तक कैद और दो लाख रुपये तक जुर्माने की सजा सुनाई जा सकेगी। हरियाणा सरकार ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। सरकार की कोशिश है कि आगामी बजट सत्र में इसे पेश किया जा सके।

बीज निरीक्षकों की जांच में आया था सामने

पिछले कुछ सालों से नकली और मिलावटी बीज का उत्पादन, भंडारण और बिक्री बढ़ी है। बीज निरीक्षकों ने अपनी कई जांचों में पाया है कि कई बीज उत्पादक, डीलर और विक्रेता मूल बीजों को खराब या निम्न गुणवत्ता वाले बीजों के साथ मिलाकर बेचते हैं।

किसानों को ऐसे बीज बेचे जा रहे हैं, जो कृषि उपज की उत्पादकता में सुधार के लिए कोई परिणाम नहीं देते हैं। इसके परिणामस्वरूप फसल उत्पादन की लागत में वृद्धि और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अभी सिर्फ 500 रुपये जुर्माना

बीज अधिनियम 1966 के वर्तमान प्रावधान काफी उदार हैं, जो इस अपराध को रोकने में पर्याप्त नहीं है और यही वजह है कि अपराधी कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करके मिलावटी बीज बेचने में जुटे हैं। अधिनियम की धारा 19 के तहत पहली बार अपराध करने पर पांच सौ रुपए तक का जुर्माना और दोबारा पकड़े जाने पर आरोपियों को छह महीने तक का कारावास या एक हजार रुपए तक का जुर्माना या दोनों से दंडित किया जा सकता है। इन प्रावधानों की वजह से नकली/मिलावटी और गैर मानक बीजों की बिक्री को रोकना सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है।

सजा में यह भी प्रावधान  

हरियाणा सरकार ने अपने ड्राफ्ट में जो प्रावधान किया है, उनमें पहली बार दोषी पाए जाने पर बीज कंपनी निर्माता की सजा एक साल से कम नहीं होगी और जुर्माना भी एक लाख से नीचे नहीं लगाया जाएगा। दोबारा पकड़े जाने की स्थिति में न्यूनतम दो साल की सजा और जुर्माना तीन लाख रुपये से कम नहीं लगाया जाएगा। वहीं, डीलर व कारोबारी के मामले में न्यूनतम छह महीने की कैद व जुर्माना पचास हजार रुपये से कम नहीं होगा। दोबारा अपराध में संलिप्त पाए गए तो न्यूनतम एक वर्ष का कारावास और जुर्माना एक लाख रुपये से कम नहीं होगा।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में की थी घोषणा

बीते साल 13 नवंबर को राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अपने अभिभाषण में कड़े कानून लाने का जिक्र किया था। उस दौरान उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा था, नकली खाद, बीज व कीटनाशक कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। हरियाणा सरकार इस पर रोक लगाने के लिए कड़ा कानून लाएगी और किसानों को शतप्रतिशत मुआवजा भी देने का प्रयास करेगी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed