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Chandigarh-Haryana News: मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसलों के पंजीकरण की तिथि फिर बढ़ाई
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7 लाख एकड़ से अधिक फसलों का पंजीकरण कराया
धान की सीधी रोपाई के लक्ष्य से अधिक पंजीकरण हुआ, खरीफ की फसलों में भी लक्ष्य से अधिक पंजीकरण
चंडीगढ़। हरियाणा में खरीफ-2025 की फसलों का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए एक बार फिर से सरकार ने तिथि बढ़ा दी है। अब किसान अपनी फसलों का पोर्टल के माध्यम से 15 सितंबर तक पंजीकरण करा सकेंगे। इस बार खरीफ की फसलों को लेकर पोर्टल के माध्यम से 7 लाख एकड़ से अधिक फसलों का पंजीकरण हो चुका है।
इस बार चावल, ज्वार, मक्का, बाजरा, खरीफ की दालों का करीब 51,46,893 एकड़ लक्ष्य था लेकिन खरीफ-2025 के लिए अभी तक करीब 71,13,789 एकड़ फसलों का किसान पंजीकरण करा चुके हैं।
कृषि विभाग की प्रत्येक योजना का लाभ जैसे फसलों को एमएसपी पर मंडी में बेचना, आर्थिक जोखिम, नुकसान आदि का लाभ इसी पोर्टल के ब्योरे के अनुसार मिलता है।
धान की सीधी रोपाई को लेकर 4 लाख से एकड़ का पंजीकरण, दो-तीन सप्ताह में होगा सत्यापन
प्रदेश सरकार धान की सीधी रोपाई (डीएसआर) करने वाले किसानों को 4500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देती है। सीधे धान की रोपाई के लिए प्रदेश के 12 जिले शामिल हैं इनमें अंबाला, यमुना नगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, सोनीपत, जींद, हिसार, सिरसा, रोहतक व फतेहाबाद जिले शामिल हैं। 28 अगस्त तक किसानों को पंजीकरण कराना था। ऐसे में प्रदेश के कुल 3141 किसानों ने 4,07,752.97 एकड़ जमीन में सीधे धान की रोपाई का पंजीकरण कराया है। इस बार 4 लाख एकड़ का लक्ष्य था। अगले दो-तीन सप्ताह में सत्यापन के बाद असल रोपाई की स्थिति सामने होगी।
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मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर इतने किसान करा चुके हैं पंजीकरण
फसल : पंजीकरण क्षेत्रफल(एकड़)
1. धान बासमती : 10,07,123
2. धान गैर बासमती : 28,28,506
3. ज्वार : 36,389
4. मक्का : 6551
5. बाजरा : 18,13,526
6. कपास : 9,33,509
7. गन्ना : 1,62,806
कुल क्षेत्रफल का पंजीकरण (एकड़) : 71,13,789
कुल गांवों की फसलों का पंजीकरण हुआ : 6963
इतने किसानों ने फसलों का कराया पंजीकरण
नोट : कृषि कल्याण विभाग का वीरवार की शाम तक का ब्योरा।
क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अभी तक 22 लाख एकड़ में नुकसान का ब्योरा दर्ज
प्रदेश में बरसात के चलते किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आंकलन करने के लिए हरियाणा सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है। इसके माध्यम से किसान फसलों को होने वाले नुकसान का ब्योरा 15 सितंबर तक दे सकते हैं। वीरवार तक पोर्टल के माध्यम से 6017 गांवों के 3,80,156 किसानों ने खेतों में पानी भरने के कारण नुकसान का ब्योरा दर्ज कराया है। अभी तक किसानों की तरफ से दर्ज कराए गए ब्योरे के अनुसार 22,41,637.20 एकड़ फसलों में नुकसान या जलभराव हुआ है।
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धान की सीधी रोपाई के लक्ष्य से अधिक पंजीकरण हुआ, खरीफ की फसलों में भी लक्ष्य से अधिक पंजीकरण
चंडीगढ़। हरियाणा में खरीफ-2025 की फसलों का पंजीकरण मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज कराने के लिए एक बार फिर से सरकार ने तिथि बढ़ा दी है। अब किसान अपनी फसलों का पोर्टल के माध्यम से 15 सितंबर तक पंजीकरण करा सकेंगे। इस बार खरीफ की फसलों को लेकर पोर्टल के माध्यम से 7 लाख एकड़ से अधिक फसलों का पंजीकरण हो चुका है।
इस बार चावल, ज्वार, मक्का, बाजरा, खरीफ की दालों का करीब 51,46,893 एकड़ लक्ष्य था लेकिन खरीफ-2025 के लिए अभी तक करीब 71,13,789 एकड़ फसलों का किसान पंजीकरण करा चुके हैं।
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कृषि विभाग की प्रत्येक योजना का लाभ जैसे फसलों को एमएसपी पर मंडी में बेचना, आर्थिक जोखिम, नुकसान आदि का लाभ इसी पोर्टल के ब्योरे के अनुसार मिलता है।
धान की सीधी रोपाई को लेकर 4 लाख से एकड़ का पंजीकरण, दो-तीन सप्ताह में होगा सत्यापन
प्रदेश सरकार धान की सीधी रोपाई (डीएसआर) करने वाले किसानों को 4500 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देती है। सीधे धान की रोपाई के लिए प्रदेश के 12 जिले शामिल हैं इनमें अंबाला, यमुना नगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, सोनीपत, जींद, हिसार, सिरसा, रोहतक व फतेहाबाद जिले शामिल हैं। 28 अगस्त तक किसानों को पंजीकरण कराना था। ऐसे में प्रदेश के कुल 3141 किसानों ने 4,07,752.97 एकड़ जमीन में सीधे धान की रोपाई का पंजीकरण कराया है। इस बार 4 लाख एकड़ का लक्ष्य था। अगले दो-तीन सप्ताह में सत्यापन के बाद असल रोपाई की स्थिति सामने होगी।
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मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर इतने किसान करा चुके हैं पंजीकरण
फसल : पंजीकरण क्षेत्रफल(एकड़)
1. धान बासमती : 10,07,123
2. धान गैर बासमती : 28,28,506
3. ज्वार : 36,389
4. मक्का : 6551
5. बाजरा : 18,13,526
6. कपास : 9,33,509
7. गन्ना : 1,62,806
कुल क्षेत्रफल का पंजीकरण (एकड़) : 71,13,789
कुल गांवों की फसलों का पंजीकरण हुआ : 6963
इतने किसानों ने फसलों का कराया पंजीकरण
नोट : कृषि कल्याण विभाग का वीरवार की शाम तक का ब्योरा।
क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अभी तक 22 लाख एकड़ में नुकसान का ब्योरा दर्ज
प्रदेश में बरसात के चलते किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आंकलन करने के लिए हरियाणा सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला है। इसके माध्यम से किसान फसलों को होने वाले नुकसान का ब्योरा 15 सितंबर तक दे सकते हैं। वीरवार तक पोर्टल के माध्यम से 6017 गांवों के 3,80,156 किसानों ने खेतों में पानी भरने के कारण नुकसान का ब्योरा दर्ज कराया है। अभी तक किसानों की तरफ से दर्ज कराए गए ब्योरे के अनुसार 22,41,637.20 एकड़ फसलों में नुकसान या जलभराव हुआ है।