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Chandigarh-Haryana News: चार जिलों में नहीं सुधर रहा लिंगानुपात, विशेष निगरानी के निर्देश
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पिछले छह महीने के दौरान हुए गर्भपात की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में लिंगानुपात को बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार की ओर से सख्ती की जा रही है। इसके बावजूद चार जिलों में कोई खास उन्नति नहीं दिख रही। गुरुग्राम में लिंगानुपात 855, चरखी दादरी में 859, करनाल में 906 और पलवल में 874 है। राज्य सरकार ने अब इसे गंभीरता से लिया है। इन चारों जिलों में अवैध गर्भपात रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को संदेह है कि इन चार जिलों में अब भी कुछ गिरोह सक्रिय हो सकते हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने चारों जिलों में अवैध गर्भपात में शामिल बीएमएस डॉक्टरों और अयोग्य चिकित्सकों (झोलाछाप डॉक्टरों) की पहचान कर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पिछले छह महीने के दौरान हुए गर्भपात के मामलों की समीक्षा करने को कहा गया है। यदि कहीं संदेह मिलता है तो जांच की जाएगी। इसके साथ ही अवैध गर्भपात केंद्रों पर नकेल कसने और एमटीपी किट की अवैध बिक्री रोकने के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने इन जिलों में गठित जिला टास्क फोर्स की नियमित बैठक करने के भी निर्देश दिए हैं।
टास्क फोर्स करती है अवैध गर्भपात रोकने के लिए उठाए जा रहे कार्यों की समीक्षा
उल्लेखनीय है कि साल 2024 में प्रदेश में लिंगानुपात में काफी गिरावट दर्ज की गई थी। राज्य में लिंगानुपात 910 रिकॉर्ड किया गया था, जो 2016 के बाद से सबसे कम था। इसके बार सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए टास्क फोर्स को फिर से गठित किया और हर मंगलवार को टास्क फोर्स अवैध गर्भपात को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करती है। इसी के तहत स्वास्थ्य विभाग ने चार जिलों को चिहि्न्त किया है, जिसमें ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिला है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में लिंगानुपात को बढ़ाने को लेकर राज्य सरकार की ओर से सख्ती की जा रही है। इसके बावजूद चार जिलों में कोई खास उन्नति नहीं दिख रही। गुरुग्राम में लिंगानुपात 855, चरखी दादरी में 859, करनाल में 906 और पलवल में 874 है। राज्य सरकार ने अब इसे गंभीरता से लिया है। इन चारों जिलों में अवैध गर्भपात रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को संदेह है कि इन चार जिलों में अब भी कुछ गिरोह सक्रिय हो सकते हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने चारों जिलों में अवैध गर्भपात में शामिल बीएमएस डॉक्टरों और अयोग्य चिकित्सकों (झोलाछाप डॉक्टरों) की पहचान कर उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही पिछले छह महीने के दौरान हुए गर्भपात के मामलों की समीक्षा करने को कहा गया है। यदि कहीं संदेह मिलता है तो जांच की जाएगी। इसके साथ ही अवैध गर्भपात केंद्रों पर नकेल कसने और एमटीपी किट की अवैध बिक्री रोकने के भी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने इन जिलों में गठित जिला टास्क फोर्स की नियमित बैठक करने के भी निर्देश दिए हैं।
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टास्क फोर्स करती है अवैध गर्भपात रोकने के लिए उठाए जा रहे कार्यों की समीक्षा
उल्लेखनीय है कि साल 2024 में प्रदेश में लिंगानुपात में काफी गिरावट दर्ज की गई थी। राज्य में लिंगानुपात 910 रिकॉर्ड किया गया था, जो 2016 के बाद से सबसे कम था। इसके बार सरकार ने सक्रियता दिखाते हुए टास्क फोर्स को फिर से गठित किया और हर मंगलवार को टास्क फोर्स अवैध गर्भपात को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा करती है। इसी के तहत स्वास्थ्य विभाग ने चार जिलों को चिहि्न्त किया है, जिसमें ज्यादा सुधार देखने को नहीं मिला है।
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