{"_id":"69fd83bb459e9757d003a454","slug":"seventh-installment-of-lado-laxmi-yojana-released-cm-nayab-saini-distributed-benefit-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किश्त जारी, सीएम नायब सैनी ने चंडीगढ़ से वितरित की लाभ राशि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किश्त जारी, सीएम नायब सैनी ने चंडीगढ़ से वितरित की लाभ राशि
Fri, 08 May 2026 12:03 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 08 May 2026 12:03 PM IST
सार
दयालु योजना के तहत 5677 परिवारों को 215 करोड 29 लाख रुपये की राशि खाते में भेजी गई। 11 लाख 23 हजार बहनों के खाते में गैस सिलिंडर की सब्सिडी के 38 करोड़ 54 लाख रुपये की राशि भेजी गई।
विज्ञापन
सीएम नायब सैनी
- फोटो : X @PTI_News
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को लाभ राशि वितरित की। सीएम ने कहा कि आज लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किस्त जारी की गई है।
इस योजना के तहत 9 लाख 76 हजार लाभार्थी बहनों के खाते में 205 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 18 सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के माध्यम से 1146 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि 35 लाख 62 हजार लाभार्थियों के खातों में डाली गई है।
अनुसूचित जाति बीसी और एससी समाज के बच्चों की छात्रवृत्ति को केंद्र के राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल के साथ जोड़ा गया है। 64 हजार 923 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में 100 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया गया। वहीं दयालु योजना के तहत 5677 परिवारों को 215 करोड 29 लाख रुपये की राशि खाते में भेजी गई। 11 लाख 23 हजार बहनों के खाते में गैस सिलिंडर की सब्सिडी के 38 करोड़ 54 लाख रुपये की राशि भेजी गई।
विज्ञापन
खरीफ 2025 फसल नुकसान के 370 करोड़ 52 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित की गई। यह राशि 150,583 किसानों के खातों में डाली गई। सीएम ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल खराब का 9 हजार 888 करोड रुपये के बीमा क्लेम दिए गए। भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू और फूलगोभी के 5296 किसानों को 38 करोड़ 88 लाख रुपए की राशि वितरित की गई। आज जारी की गई राशि को मिलाकर 196 करोड़ 3 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।
चालू रबी सीजन की एमएसपी पर खरीदी गई फसलों के जे-फार्म किसानों के व्हाट्सएप नंबर पर सीधे भेजने के लिए एप की शुरुआत की गई है। अब किसानों को अपना J-Form लेने के लिए आढ़तियों के पास भी नहीं जाना होगा। ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी शुरुआत की गई।
इस सिस्टम से समय की बचत के साथ-साथ भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। अब तक 82 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। किसानों को अब तक 16 हजार 481 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
विज्ञापन
इस योजना के तहत 9 लाख 76 हजार लाभार्थी बहनों के खाते में 205 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 18 सामाजिक सुरक्षा पेंशनों के माध्यम से 1146 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि 35 लाख 62 हजार लाभार्थियों के खातों में डाली गई है।
विज्ञापन
अनुसूचित जाति बीसी और एससी समाज के बच्चों की छात्रवृत्ति को केंद्र के राष्ट्रीय छात्रवृति पोर्टल के साथ जोड़ा गया है। 64 हजार 923 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में 100 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया गया। वहीं दयालु योजना के तहत 5677 परिवारों को 215 करोड 29 लाख रुपये की राशि खाते में भेजी गई। 11 लाख 23 हजार बहनों के खाते में गैस सिलिंडर की सब्सिडी के 38 करोड़ 54 लाख रुपये की राशि भेजी गई।
विज्ञापन
खरीफ 2025 फसल नुकसान के 370 करोड़ 52 लाख रुपये की मुआवजा राशि वितरित की गई। यह राशि 150,583 किसानों के खातों में डाली गई। सीएम ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को फसल खराब का 9 हजार 888 करोड रुपये के बीमा क्लेम दिए गए। भावांतर भरपाई योजना के तहत आलू और फूलगोभी के 5296 किसानों को 38 करोड़ 88 लाख रुपए की राशि वितरित की गई। आज जारी की गई राशि को मिलाकर 196 करोड़ 3 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है।
चालू रबी सीजन की एमएसपी पर खरीदी गई फसलों के जे-फार्म किसानों के व्हाट्सएप नंबर पर सीधे भेजने के लिए एप की शुरुआत की गई है। अब किसानों को अपना J-Form लेने के लिए आढ़तियों के पास भी नहीं जाना होगा। ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम के डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी शुरुआत की गई।
इस सिस्टम से समय की बचत के साथ-साथ भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। अब तक 82 लाख 55 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। किसानों को अब तक 16 हजार 481 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।