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Chandigarh-Haryana News: एसडीई पर 10 हजार रुपये का जुर्माना
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- हांसी निवासी कुलदीप की शिकायत पर सेवा का अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एक मामले में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के दो अधिकारियों की लापरवाही का संज्ञान लिया है। आयोग ने हांसी निवासी शिकायतकर्ता की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए एसडीई (सब डिवीजनल इंजीनियर) पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पांच हजार रुपये का मुआवजा शिकायतकर्ता को दिया जाएगा। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि जुर्माना संबंधित अधिकारी के जून के वेतन से काटी जाएगी।
प्रवक्ता के मुताबिक, 3 फरवरी को दिए गए जल आपूर्ति बहाल करने के आवेदन पर सेवा की निर्धारित समय सीमा 6 फरवरी थी लेकिन सेवा 8 मई को आयोग के आदेश के बाद बहाल हो सकी। शिकायतकर्ता कुलदीप सिंह की तीन पिछली शिकायतों को भी गलत तरीके से बंद कर दिया था, जिसकी पुष्टि आयोग पहले ही कर चुका है। शिकायतकर्ता ने 12 जून को भेजे ईमेल में एसडीई के रवैये को लापरवाह और उदासीन बताते हुए आम नागरिकों के साथ होने वाली समस्याओं को उजागर किया गया था। आयोग ने कार्यकारी अभियंता संजीव कुमार त्यागी की भूमिका को भी असंतोषजनक पाया। आयोग ने कार्यकारी अभियंता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही आरंभ करने की संस्तुति विभाग के आयुक्त एवं सचिव से की है और 30 दिन के भीतर की गई कार्रवाई की जानकारी आयोग को देने को कहा है। यह रिपोर्ट आयोग की वार्षिक रिपोर्ट 2025-2026 में शामिल की जाएगी, जिसे हरियाणा विधानसभा के पटल पर भी रखा जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग ने एक मामले में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के दो अधिकारियों की लापरवाही का संज्ञान लिया है। आयोग ने हांसी निवासी शिकायतकर्ता की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए एसडीई (सब डिवीजनल इंजीनियर) पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। पांच हजार रुपये का मुआवजा शिकायतकर्ता को दिया जाएगा। आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि जुर्माना संबंधित अधिकारी के जून के वेतन से काटी जाएगी।
प्रवक्ता के मुताबिक, 3 फरवरी को दिए गए जल आपूर्ति बहाल करने के आवेदन पर सेवा की निर्धारित समय सीमा 6 फरवरी थी लेकिन सेवा 8 मई को आयोग के आदेश के बाद बहाल हो सकी। शिकायतकर्ता कुलदीप सिंह की तीन पिछली शिकायतों को भी गलत तरीके से बंद कर दिया था, जिसकी पुष्टि आयोग पहले ही कर चुका है। शिकायतकर्ता ने 12 जून को भेजे ईमेल में एसडीई के रवैये को लापरवाह और उदासीन बताते हुए आम नागरिकों के साथ होने वाली समस्याओं को उजागर किया गया था। आयोग ने कार्यकारी अभियंता संजीव कुमार त्यागी की भूमिका को भी असंतोषजनक पाया। आयोग ने कार्यकारी अभियंता के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही आरंभ करने की संस्तुति विभाग के आयुक्त एवं सचिव से की है और 30 दिन के भीतर की गई कार्रवाई की जानकारी आयोग को देने को कहा है। यह रिपोर्ट आयोग की वार्षिक रिपोर्ट 2025-2026 में शामिल की जाएगी, जिसे हरियाणा विधानसभा के पटल पर भी रखा जाएगा।
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