फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Said- caste-based hatred harms the unity and integrity of the country, Court News, Haryana News

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दायरा समाज विभाजन, अव्यवस्था या हिंसा को संरक्षण नहीं दे सकता : हाईकोर्ट

विज्ञापन
-कहा-जाति आधारित नफरत देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाती है
विज्ञापन

-वकील के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से हाईकोर्ट का इन्कार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि जाति आधारित नफरत भरी भाषा न सिर्फ किसी व्यक्ति या समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाती है बल्कि देश की एकता और सामाजिक ताने-बाने को भी नुकसान पहुंचाती है। जस्टिस विनोद एस भारद्वाज ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दायरा इतना व्यापक नहीं हो सकता कि वह समाज में विभाजन, अव्यवस्था या हिंसा को बढ़ावा देने वाले बयानों को संरक्षण दे। कोर्ट ने इन टिप्पणियों के साथ वकील के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से इनकार कर दिया है।

कोर्ट ने आदेश में कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग ऐसे शब्दों के लिए नहीं किया जा सकता जो समाज में अलगाव पैदा करे, सार्वजनिक शांति भंग करे या एकता और अखंडता को चुनौती दें। इस तरह की विभाजनकारी भाषा अंततः कानून का पालन करने वाले नागरिकों की स्वतंत्रता को भी सीमित करती है।
विज्ञापन

यह मामला जुलाई में हिसार के मिनी सचिवालय के सामने आयोजित एक सभा से जुड़ा है जहां याचिकाकर्ता वकील ने कथित रूप से आपत्तिजनक भाषण दिया था। ये सभा नवंबर 2024 में एक महिला की दुष्कर्म व हत्या की घटना के विरोध में आयोजित की गई थी जिसमें आरोपी भी मौजूद था। आरोप है कि अपने भाषण के दौरान वकील ने बार-बार जाति का उल्लेख किया और कुछ लोगों को जातिवादी गुंडे कहा। साथ ही उन्होंने पुलिस अधिकारियों पर रिश्वत लेने के आरोप भी लगाए। पीड़िता के बेटे ने इस भाषण को लेकर शिकायत दर्ज कराई जिसमें कहा गया कि इससे जातिगत नफरत फैली, प्रशासनिक प्रक्रिया में बाधा आई और सार्वजनिक शांति भंग होने की आशंका पैदा हुई। इसके बाद आरोपी वकील के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। वकील ने इस एफआईआर को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत ने सभी दलीलों को खारिज करते हुए याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed