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हर्ष का टीला और उससे सटे पुरातात्विक अवशेषों के आसपास से अवैध निर्माण हटाएं : हाईकोर्ट
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रोक का आदेश नहीं होने की स्थिति में एक माह के भीतर निर्माण हटाने के आदेश
हरियाणा सरकार को निर्माण हटाने के बाद हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश
चंडीगढ़। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर में स्थित प्राचीन स्थल राजा हर्ष के टीले और उससे सटे पुरातात्विक अवशेषों के आसपास हुए अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया है। याचिका में कोर्ट काे बताया गया कि यह इलाका भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से संरक्षित क्षेत्र घोषित है और यहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पुरातत्व विभाग ने पहले ही 12 अगस्त 2024 को उक्त अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दे दिया था, लेकिन 9-10 महीने बाद भी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। हाईकोर्ट ने अब संबंधित अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि किसी अन्य न्यायिक आदेश की ओर से रोक नहीं लगी हो, तो सभी अवैध निर्माणों को एक महीने में बलपूर्वक हटाया जाए। साथ ही, अदालत ने कहा कि यदि 30 दिनों में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं की जाती है तो मामला स्वत: पुनः सुनवाई के लिए पेश किया जाएगा।
याचिका दाखिल करते हुए कुरुक्षेत्र निवासी पंकज शर्मा ने हाई कोर्ट को बताया कि हर्ष का टीला व शेख चिल्ली का मकबरा संरक्षित स्मारक है। इन स्मारकों की 100 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधितहै। इस सब के बावजूद इस क्षेत्र में निर्माण आरंभ कर दिया गया। इस संबंध में विभिन्न स्तर पर शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद याची ने हाई कोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने इस पर कार्रवाई का आदेश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया था, लेकिन तब भी कोई कदम नहीं उठाया गया और अब उस इमारत में एक नई मंजिल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। याची ने इस इमारत की फोटो भी हाईकोर्ट को दिखाई। याची ने कहा कि यदि यह निर्माण नहीं रोका गया तो धीरे-धीरे अन्य लोग भी यहां निर्माण आरंभ कर देंगे। इस तरह से इस स्मारक की हालत बदतर हो जाएगी। याची ने बताया कि इन दोनों स्मारकों के नजदीक बाहरी गांव है और यह निर्माण पूरा हुआ तो गांव के अन्य लोग भी यहां निर्माण करेंगे। हाईकोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।
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हरियाणा सरकार को निर्माण हटाने के बाद हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश
चंडीगढ़। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर में स्थित प्राचीन स्थल राजा हर्ष के टीले और उससे सटे पुरातात्विक अवशेषों के आसपास हुए अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया है। याचिका में कोर्ट काे बताया गया कि यह इलाका भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से संरक्षित क्षेत्र घोषित है और यहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पुरातत्व विभाग ने पहले ही 12 अगस्त 2024 को उक्त अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दे दिया था, लेकिन 9-10 महीने बाद भी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की। हाईकोर्ट ने अब संबंधित अधिकारी को सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि किसी अन्य न्यायिक आदेश की ओर से रोक नहीं लगी हो, तो सभी अवैध निर्माणों को एक महीने में बलपूर्वक हटाया जाए। साथ ही, अदालत ने कहा कि यदि 30 दिनों में अनुपालन रिपोर्ट दाखिल नहीं की जाती है तो मामला स्वत: पुनः सुनवाई के लिए पेश किया जाएगा।
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याचिका दाखिल करते हुए कुरुक्षेत्र निवासी पंकज शर्मा ने हाई कोर्ट को बताया कि हर्ष का टीला व शेख चिल्ली का मकबरा संरक्षित स्मारक है। इन स्मारकों की 100 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधितहै। इस सब के बावजूद इस क्षेत्र में निर्माण आरंभ कर दिया गया। इस संबंध में विभिन्न स्तर पर शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद याची ने हाई कोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने इस पर कार्रवाई का आदेश देते हुए याचिका का निपटारा कर दिया था, लेकिन तब भी कोई कदम नहीं उठाया गया और अब उस इमारत में एक नई मंजिल का निर्माण शुरू कर दिया गया है। याची ने इस इमारत की फोटो भी हाईकोर्ट को दिखाई। याची ने कहा कि यदि यह निर्माण नहीं रोका गया तो धीरे-धीरे अन्य लोग भी यहां निर्माण आरंभ कर देंगे। इस तरह से इस स्मारक की हालत बदतर हो जाएगी। याची ने बताया कि इन दोनों स्मारकों के नजदीक बाहरी गांव है और यह निर्माण पूरा हुआ तो गांव के अन्य लोग भी यहां निर्माण करेंगे। हाईकोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।
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