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रजिस्ट्री कराने के दाैरान मिलेगी राहत, 30 नवंबर के बाद अब 72 घंटों में स्वत: जमा होंगे दस्तावेज
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चंडीगढ़। हरियाणा में पेपरलेस रजिस्ट्री को लेकर पंजीकरण कराने वालों को राहत देने की तैयारी है। अभी तक 5 दिनों में दस्तावेजों का पंजीकरण होता है लेकिन 30 नवंबर के बाद से 72 घंटों के अंदर ही स्वत: ही दस्तावेज सेव होंगे। इस योजना पर काम जारी है।
कागज रहित पंजीकरण से संबंधित तकनीकी या प्रक्रियात्मक समस्याओं का सामना कर रहे नागरिकों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए एक राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन नंबर जल्द संचालित किया जाएगा।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने वीरवार को पेपरलेस पंजीकरण प्रणाली की प्रगति और क्षेत्र-स्तरीय कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए वीसी के जरिए सभी उपायुक्तों के साथ बैठक की। बैठक में वित्त आयुक्त ने बताया कि 1 नवंबर से 12 नवंबर के बीच के प्रदर्शन-आंकड़ों की समीक्षा करते हुए बताया कि राज्य भर में कुल 5,334 आवेदन प्राप्त हुए।
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इनमें से 2,110 विलेख स्वीकृत किए गए। 915 आवेदन प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया में थे और 611 उप-पंजीयकों की तरफ से स्वीकृत किए गए। 626 दस्तावेजों या तकनीकी त्रुटियों के कारण अस्वीकृत कर दिए गए। इनके अलावा 308 भुगतान ऑनलाइन संसाधित किए गए। 387 पंजीकरण नागरिकों द्वारा रद्द किए गए और 377 मामले विविध श्रेणियों में आए।
29 सितंबर से 31 अक्टूबर 2025 तक की पिछली समीक्षा अवधि के दाैरान केवल 1,662 आवेदन और 1,074 अनुमोदन दर्ज किए गए थी इसके तुलना की गई। प्रदेशभर के सभी उपायुक्तों के साथ बैठक में डा. मिश्रा ने बताया कि आवेदनों के अनुमोदन में तेजी लाने और तेज सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए आवेदनों पर मौजूदा पांच दिन का रिवर्ट समय जल्द ही कम कर दिया जाएगा। डेटा को आकस्मिक नुकसान से बचाने के लिए, सभी भरे हुए दस्तावेज़ अब डिलीट होने से पहले 72 घंटों के लिए स्वचालित रूप से सेव हो जाएंगे जबकि पंजीकरण शुल्क पूरी प्रक्रिया के दौरान लागू रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि उपायुक्तों द्वारा उठाई गई सभी समस्याओं का तकनीकी टीम द्वारा तत्काल समाधान किया जा रहा है। उन्होंने प्रत्येक तहसील में समर्पित हेल्प डेस्क स्थापित करने और एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने के भी निर्देश दिए। जिनका संपर्क विवरण नागरिकों की सहायता के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ब्यूरो
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कागज रहित पंजीकरण से संबंधित तकनीकी या प्रक्रियात्मक समस्याओं का सामना कर रहे नागरिकों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए एक राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन नंबर जल्द संचालित किया जाएगा।
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राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने वीरवार को पेपरलेस पंजीकरण प्रणाली की प्रगति और क्षेत्र-स्तरीय कार्यप्रणाली की समीक्षा के लिए वीसी के जरिए सभी उपायुक्तों के साथ बैठक की। बैठक में वित्त आयुक्त ने बताया कि 1 नवंबर से 12 नवंबर के बीच के प्रदर्शन-आंकड़ों की समीक्षा करते हुए बताया कि राज्य भर में कुल 5,334 आवेदन प्राप्त हुए।
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इनमें से 2,110 विलेख स्वीकृत किए गए। 915 आवेदन प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया में थे और 611 उप-पंजीयकों की तरफ से स्वीकृत किए गए। 626 दस्तावेजों या तकनीकी त्रुटियों के कारण अस्वीकृत कर दिए गए। इनके अलावा 308 भुगतान ऑनलाइन संसाधित किए गए। 387 पंजीकरण नागरिकों द्वारा रद्द किए गए और 377 मामले विविध श्रेणियों में आए।
29 सितंबर से 31 अक्टूबर 2025 तक की पिछली समीक्षा अवधि के दाैरान केवल 1,662 आवेदन और 1,074 अनुमोदन दर्ज किए गए थी इसके तुलना की गई। प्रदेशभर के सभी उपायुक्तों के साथ बैठक में डा. मिश्रा ने बताया कि आवेदनों के अनुमोदन में तेजी लाने और तेज सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए आवेदनों पर मौजूदा पांच दिन का रिवर्ट समय जल्द ही कम कर दिया जाएगा। डेटा को आकस्मिक नुकसान से बचाने के लिए, सभी भरे हुए दस्तावेज़ अब डिलीट होने से पहले 72 घंटों के लिए स्वचालित रूप से सेव हो जाएंगे जबकि पंजीकरण शुल्क पूरी प्रक्रिया के दौरान लागू रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि उपायुक्तों द्वारा उठाई गई सभी समस्याओं का तकनीकी टीम द्वारा तत्काल समाधान किया जा रहा है। उन्होंने प्रत्येक तहसील में समर्पित हेल्प डेस्क स्थापित करने और एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने के भी निर्देश दिए। जिनका संपर्क विवरण नागरिकों की सहायता के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। ब्यूरो