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राहत : जब तक रजिस्ट्री नहीं होगी तब तक नहीं कटेंगे टोकन के 503 रुपये
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- अब तहसीलदार अपने लॉगिन से सीधे टोकन वापस कर सकेंगे
चंडीगढ़। लोगों को राहत देते हुए हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने पेपरलेस रजिस्ट्री की टोकन व्यवस्था में बदलाव किया है। अब पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए यदि कोई टोकन कटवाता है तो रजिस्ट्री होने के बाद ही 503 रुपये कटेंगे। यदि रजिस्ट्री किन्हीं कारणों से नहीं हो पा रही है तो आम लोगों को बेवजह बार-बार टोकन के पैसे नहीं देने पड़ेंगे।
वितायुक्त राजस्व एवं आपदा प्रबंधन डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि लोगों को बेवजह आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए स्टांप ड्यूटी कैलकुलेशन, टोकन डिडक्शन और डॉक्यूमेंट को प्रभावित करने वाली कई दिक्कतें पहले ही हल कर दी गई हैं। अब जब तक टोकन पूरी तरह से वैध न हो जाएगा तब तक सिस्टम में 503 रुपये नहीं कटेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले तीन सप्ताह के दौरान 8,338 डीड मंजूर हुए हैं। यह भी बताया कि पोर्टल पर ऑफिसर-साइड फीचर्स को भी अपग्रेड किया गया है। खेवट और विलेज ब्लॉकिंग चालू कर दी गई है जिससे सभी जिलों में अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग आसान हो गई है। सिस्टम में अब आरसी (रजिस्ट्री क्लर्क) और सब-रजिस्ट्रार के दोनों डैशबोर्ड पर डीड वेरिफिकेशन सही ढंग से दर्शा रहा है। अब तहसीलदार अपने लॉगिन से सीधे टोकन वापस (रिवर्ट) कर सकते हैं। डाॅ. मिश्रा का कहना है कि फीडबैक सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है जिससे शिकायतों और सुझावों पर बेहद गंभीरता के साथ काम हो सके।
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चंडीगढ़। लोगों को राहत देते हुए हरियाणा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने पेपरलेस रजिस्ट्री की टोकन व्यवस्था में बदलाव किया है। अब पेपरलेस रजिस्ट्री के लिए यदि कोई टोकन कटवाता है तो रजिस्ट्री होने के बाद ही 503 रुपये कटेंगे। यदि रजिस्ट्री किन्हीं कारणों से नहीं हो पा रही है तो आम लोगों को बेवजह बार-बार टोकन के पैसे नहीं देने पड़ेंगे।
वितायुक्त राजस्व एवं आपदा प्रबंधन डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि लोगों को बेवजह आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए स्टांप ड्यूटी कैलकुलेशन, टोकन डिडक्शन और डॉक्यूमेंट को प्रभावित करने वाली कई दिक्कतें पहले ही हल कर दी गई हैं। अब जब तक टोकन पूरी तरह से वैध न हो जाएगा तब तक सिस्टम में 503 रुपये नहीं कटेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले तीन सप्ताह के दौरान 8,338 डीड मंजूर हुए हैं। यह भी बताया कि पोर्टल पर ऑफिसर-साइड फीचर्स को भी अपग्रेड किया गया है। खेवट और विलेज ब्लॉकिंग चालू कर दी गई है जिससे सभी जिलों में अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग आसान हो गई है। सिस्टम में अब आरसी (रजिस्ट्री क्लर्क) और सब-रजिस्ट्रार के दोनों डैशबोर्ड पर डीड वेरिफिकेशन सही ढंग से दर्शा रहा है। अब तहसीलदार अपने लॉगिन से सीधे टोकन वापस (रिवर्ट) कर सकते हैं। डाॅ. मिश्रा का कहना है कि फीडबैक सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है जिससे शिकायतों और सुझावों पर बेहद गंभीरता के साथ काम हो सके।
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