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Chandigarh-Haryana News: पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में संचालित करने की तैयारी
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710 पैक्स में इंटरनेट कनेक्टिविटी स्थापित की, 39 को कार्यात्मक ई-पैक्स के रूप में किया नामित
चंडीगढ़। प्रदेश में पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि (पीएमकेएसके) के रूप में संचालित करने की अनुमति देने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार-से-समृद्धि’ के विजन के अनुरूप यह निर्णय लिया है। डिजिटल को लेकर भी काम हो रहा है। पहले चरण में 710 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) और प्राथमिक सहकारी ऋण समितियों (पीसीसीएस) के कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है।
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रदेश में एक ऐसी सहकारी समिति की पहचान करने के आदेश दिए हैं, जिसे एक वर्ष के अंदर आदर्श समिति के रूप में विशिष्ट पहचान और सेवा वितरण के लिए जाना जाए। सहकारिता क्षेत्र में सुधार के साथ ही इसके लिए आगामी कार्य योजना भी तैयार की। मुख्य सचिव रस्तोगी ने यहां राज्य सहकारी विकास समिति की चौथी बैठक की अध्यक्षता की।
वहीं, सहकारिता विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ ने बताया कि सभी आवश्यक हार्डवेयर वितरित और स्थापित किए जा चुके हैं। सभी 710 पैक्स में इंटरनेट कनेक्टिविटी पूरी तरह से स्थापित की जा चुकी है। इनमें से 39 पैक्स को कार्यात्मक ई-पैक्स के रूप में नामित किया गया है। इसी तरह से जिनमें से 772 पैक्स के पास उर्वरक लाइसेंस है और 747 पैक्स को पीएमकेएसके के तौर पर भी परिवर्तित किया गया है। बैठक में विकास और पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल, रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां राजेश जोगपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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चंडीगढ़। प्रदेश में पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि (पीएमकेएसके) के रूप में संचालित करने की अनुमति देने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार-से-समृद्धि’ के विजन के अनुरूप यह निर्णय लिया है। डिजिटल को लेकर भी काम हो रहा है। पहले चरण में 710 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) और प्राथमिक सहकारी ऋण समितियों (पीसीसीएस) के कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है।
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने प्रदेश में एक ऐसी सहकारी समिति की पहचान करने के आदेश दिए हैं, जिसे एक वर्ष के अंदर आदर्श समिति के रूप में विशिष्ट पहचान और सेवा वितरण के लिए जाना जाए। सहकारिता क्षेत्र में सुधार के साथ ही इसके लिए आगामी कार्य योजना भी तैयार की। मुख्य सचिव रस्तोगी ने यहां राज्य सहकारी विकास समिति की चौथी बैठक की अध्यक्षता की।
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वहीं, सहकारिता विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़ ने बताया कि सभी आवश्यक हार्डवेयर वितरित और स्थापित किए जा चुके हैं। सभी 710 पैक्स में इंटरनेट कनेक्टिविटी पूरी तरह से स्थापित की जा चुकी है। इनमें से 39 पैक्स को कार्यात्मक ई-पैक्स के रूप में नामित किया गया है। इसी तरह से जिनमें से 772 पैक्स के पास उर्वरक लाइसेंस है और 747 पैक्स को पीएमकेएसके के तौर पर भी परिवर्तित किया गया है। बैठक में विकास और पंचायत विभाग के आयुक्त एवं सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल, रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां राजेश जोगपाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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