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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Petition seeking compensation of Rs 1 crore to victims of Mirchpur massacre rejected

Chandigarh-Haryana News: मिर्चपुर हत्याकांड के पीड़ितों को 1 करोड़ मुआवजा देने की मांग वाली याचिका खारिज

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-याचिकाकर्ता को सक्षम अधिकारी के पास जाकर मांग रखने की हाईकोर्ट ने दी छूट
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-पुनर्विचार याचिका में पुनर्वास न होने और बुनियादी सुविधाएं न मिलने की थी दलील
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 2010 के मिर्चपुर हत्याकांड के पीड़ितों व उनके आश्रितों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति शील नागू और न्यायमूर्ति निधि गुप्ता की खंडपीठ ने कहा कि मृतकों के परिजनों को पहले ही 15 लाख की मुआवजा राशि, सरकारी नौकरी और सुरक्षा व्यवस्था समेत अन्य सुविधाएं दी जा चुकी हैं। याचिका में घटना में मरने वालों के लिए 1 करोड़ और घायलों के लिए 25 लाख मुआवजे की मांग की गई है।
अप्रैल 2010 में हिसार के मिर्चपुर गांव में जातीय हिंसा हुई थी जिसमें दलित समुदाय के कई लोगों को गांव छोड़ना पड़ा था। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, हिंसा के कारण 130 दलित परिवारों को गांव से 60 किमी दूर एक दलित कार्यकर्ता के फार्महाउस में रहना पड़ा, जहां वे तिरपाल की छतों वाले झोपड़ों में बेहद खराब हालात में रह रहे थे।
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याचिका में मांग की गई थी कि इन विस्थापित परिवारों को 10,000 प्रतिमाह दिया जाए, पुनर्वास की उचित व्यवस्था की जाए और 1 करोड़ तक का मुआवजा मिले। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि 254 परिवारों के लिए कुल 258 प्लॉट्स आवंटित किए गए हैं और जिन 15 परिवारों की बात याचिकाकर्ता कर रहे हैं, उन्हें या उनके सदस्यों को भी प्लॉट दिए जा चुके हैं।
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इसके अलावा, सरकार ने 15 लाख मुआवजा, स्थायी नौकरी और आवास जैसी सुविधाएं भी प्रदान की हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार की रिपोर्ट और आंकड़ों को स्वीकार करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता यह नहीं बता सके कि ये आंकड़े कैसे और क्यों गलत हैं। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, 40-45 परिवार मिर्चपुर में ही रहते रहे थे और केवल 33 परिवारों ने गांव छोड़ा था, जो बाद में लौट भी आए। अंत में कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ताओं को अब भी कोई शिकायत है तो वे सक्षम प्राधिकारी के समक्ष गुहार लगा सकते हैं। इसके साथ ही पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया गया।
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