{"_id":"693c70f54c707d706902bc38","slug":"now-complain-about-gst-evasion-through-the-app-you-will-not-be-identified-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-895370-2025-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: अब एप पर जीएसटी चोरी की शिकायत, नहीं होगी पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: अब एप पर जीएसटी चोरी की शिकायत, नहीं होगी पहचान
विज्ञापन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ में आबकारी एवं कराधान विभाग की 'कर हितैषी' मोबाइल ऐप एवं ऑनल
- फोटो : photo
मुख्यमंत्री ने 6 ऑनलाइन सेवाओं का शुभारंभ किया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी रोकने के लिए कर हितैषी एप का शुभारंभ किया है। एप पर कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान गुप्त रखते हुए फोटो व दस्तावेज अपलोड करके जीएसटी चोरी की शिकायत कर सकता है। चंडीगढ़ में बैठक के दौरान सीएम नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को आबकारी एवं कराधान विभाग की 6 ऑनलाइन सेवाओं का शुभारंभ किया है। शिकायतकर्ता एप के जरिए फर्जी बिलिंग, गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट, बिना पंजीकरण कारोबार, बिल न देने या लेन-देन छिपाने जैसी अनियमितताओं की सूचना फोटो, वीडियो या दस्तावेजों के साथ अपलोड कर सकता है।
इसी सूचना के आधार पर विभागीय अधिकारी जांच व कार्रवाई करेंगे। नई ऑनलाइन सेवाओं में एथेनॉल, अतिरिक्त अल्कोहल (ईएनए) और डिनेचर्ड स्प्रिट से संबंधित अनुमति प्राप्त करने को सरल बनाया गया है। अब व्यापारिक इकाइयां एथेनॉल और ईएनए के आयात-निर्यात व डिनेचर्ड स्प्रिट के निर्यात-आयात की अनुमति ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगी। आवेदक अपने आवेदन की स्थिति देखने के साथ अनुमति पत्र भी डाउनलोड कर सकते हैं। इसी तरह वास्तविक समय में डैशबोर्ड के माध्यम से माल की आवाजाही, अनुमतियों की समय-सीमा और अनुपालन की निगरानी होगी। यह व्यवस्था कागजी कार्यवाही कम, गलत उपयोग को रोकने और उद्योगों को तेज व पारदर्शी सेवाएं प्रदान करेगी। सीएम ने निर्देश दिए कि अन्य आबकारी सेवाओं जैसे ब्रांड लेबल पंजीकरण और लाइसेंसिंग मॉड्यूल को भी जल्द ऑनलाइन किया जाए। इससे विभागीय प्रक्रियाओं को पूरी तरह तकनीक-आधारित बनाया जा सकेगा।
नवंबर तक कुल जीएसटी संग्रह 83,606 करोड़
प्रदेश में नवंबर 2025 में राज्य का नेट एसजीएसटी संग्रह 3,835 करोड़ रहा है जो नवंबर-2025 के मुकाबले 17 फीसदी अधिक है। नवंबर 2025 तक कुल जीएसटी संग्रह 83,606 करोड़ रहा जो नवंबर-2024 की तुलना में 7 फीसदी अधिक और राष्ट्रीय औसत 5.8 फीसदी से बेहतर है। राज्य की रैंकिंग भी चौथे स्थान पर पहुंच गई है। राज्य में 6,03,389 जीएसटी पंजीकृत करदाता हैं जिनमें 2018 से 2025 के बीच 6.11 फीसदी की वार्षिक वृद्धि है।
विज्ञापन
वर्ष 2025-26 में नवंबर तक वैट वसूली में वृद्धि है जिसमें वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम-2025 के तहत सीएसटी संग्रह में 60.99 फीसदी की वृद्धि हुई है। योजना के 27 सितंबर 2025 को समाप्त होने के बाद विभाग के विशेष वसूली अभियान के तहत अक्तूबर-नवंबर 2025 में 48.12 करोड़ रुपये की वसूले हैं। 30 नवंबर 2025 तक आबकारी राजस्व 9,370.28 करोड़ रुपये रहा है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 8,629.46 करोड़ रुपये संग्रहित हुए थे। वहीं, 125 करोड़ रुपये की संपत्तियों की कुर्की, 46.66 करोड़ रुपये की वसूली और देरी से जमा लाइसेंस शुल्क पर ब्याज की 16.46 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी रोकने के लिए कर हितैषी एप का शुभारंभ किया है। एप पर कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान गुप्त रखते हुए फोटो व दस्तावेज अपलोड करके जीएसटी चोरी की शिकायत कर सकता है। चंडीगढ़ में बैठक के दौरान सीएम नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को आबकारी एवं कराधान विभाग की 6 ऑनलाइन सेवाओं का शुभारंभ किया है। शिकायतकर्ता एप के जरिए फर्जी बिलिंग, गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट, बिना पंजीकरण कारोबार, बिल न देने या लेन-देन छिपाने जैसी अनियमितताओं की सूचना फोटो, वीडियो या दस्तावेजों के साथ अपलोड कर सकता है।
इसी सूचना के आधार पर विभागीय अधिकारी जांच व कार्रवाई करेंगे। नई ऑनलाइन सेवाओं में एथेनॉल, अतिरिक्त अल्कोहल (ईएनए) और डिनेचर्ड स्प्रिट से संबंधित अनुमति प्राप्त करने को सरल बनाया गया है। अब व्यापारिक इकाइयां एथेनॉल और ईएनए के आयात-निर्यात व डिनेचर्ड स्प्रिट के निर्यात-आयात की अनुमति ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से प्राप्त कर सकेंगी। आवेदक अपने आवेदन की स्थिति देखने के साथ अनुमति पत्र भी डाउनलोड कर सकते हैं। इसी तरह वास्तविक समय में डैशबोर्ड के माध्यम से माल की आवाजाही, अनुमतियों की समय-सीमा और अनुपालन की निगरानी होगी। यह व्यवस्था कागजी कार्यवाही कम, गलत उपयोग को रोकने और उद्योगों को तेज व पारदर्शी सेवाएं प्रदान करेगी। सीएम ने निर्देश दिए कि अन्य आबकारी सेवाओं जैसे ब्रांड लेबल पंजीकरण और लाइसेंसिंग मॉड्यूल को भी जल्द ऑनलाइन किया जाए। इससे विभागीय प्रक्रियाओं को पूरी तरह तकनीक-आधारित बनाया जा सकेगा।
विज्ञापन
नवंबर तक कुल जीएसटी संग्रह 83,606 करोड़
प्रदेश में नवंबर 2025 में राज्य का नेट एसजीएसटी संग्रह 3,835 करोड़ रहा है जो नवंबर-2025 के मुकाबले 17 फीसदी अधिक है। नवंबर 2025 तक कुल जीएसटी संग्रह 83,606 करोड़ रहा जो नवंबर-2024 की तुलना में 7 फीसदी अधिक और राष्ट्रीय औसत 5.8 फीसदी से बेहतर है। राज्य की रैंकिंग भी चौथे स्थान पर पहुंच गई है। राज्य में 6,03,389 जीएसटी पंजीकृत करदाता हैं जिनमें 2018 से 2025 के बीच 6.11 फीसदी की वार्षिक वृद्धि है।
विज्ञापन
वर्ष 2025-26 में नवंबर तक वैट वसूली में वृद्धि है जिसमें वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) स्कीम-2025 के तहत सीएसटी संग्रह में 60.99 फीसदी की वृद्धि हुई है। योजना के 27 सितंबर 2025 को समाप्त होने के बाद विभाग के विशेष वसूली अभियान के तहत अक्तूबर-नवंबर 2025 में 48.12 करोड़ रुपये की वसूले हैं। 30 नवंबर 2025 तक आबकारी राजस्व 9,370.28 करोड़ रुपये रहा है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 8,629.46 करोड़ रुपये संग्रहित हुए थे। वहीं, 125 करोड़ रुपये की संपत्तियों की कुर्की, 46.66 करोड़ रुपये की वसूली और देरी से जमा लाइसेंस शुल्क पर ब्याज की 16.46 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।