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Chandigarh-Haryana News: नए कलेक्टर रेट लागू, दो से तीन दिन बाद शुरू होंगी रजिस्ट्री
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कलेक्टर रेट बढ़ने से सरकार को 7 से 12 प्रतिशत तक मिलेगा अतिरिक्त राजस्व
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में शुक्रवार से नए कलेक्टर रेट लागू हो गए। अगले दो-तीन दिन में साॅफ्टवेयर पर नए कलेक्टर रेट अपलोड हो जाएंगे। इसके बाद ही तहसीलों में रजिस्ट्री से जुड़े कार्य होंगे। प्रदेश में कुल 93 तहसीलों और 50 उप तहसीलों में रजिस्ट्री कराने वालों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी से सरकार को इस वित्त वर्ष में 7 से 12 प्रतिशत तक अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने 29 जुलाई को सभी मंडल आयुक्तों और जिला उपायुक्तों को पत्र जारी कर एक अगस्त से कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी के निर्देश दिए थे। इसके बाद सभी जिला उपायुक्तों ने आनन-फानन में कलेक्टर रेट बढ़ोतरी को लेकर दावे-आपत्तियां मांगकर नए रेट को मंजूरी दे दी। प्रदेश में स्टांप शुल्क 7 प्रतिशत है जबकि महिलाओं के लिए यह फीस 5 फीसदी लगता है। फिलहाल प्रदेश के एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के निकट वाले जिलों के कई क्षेत्रों में कलेक्टर रेट में कई गुना अधिक वृद्धि हुई है।
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16555 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने स्टांप ड्यूटी से 16,555 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। बजट में भी इसका उल्लेख किया गया है। पूर्व वित्त मंत्री प्रो. संपत सिंह ने कहा कि प्रदेश में आनन-फानन में कलेक्टर रेट लागू नहीं करने चाहिए थे। जनता को समय दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कलेक्टर रेट सभी तहसीलों व स्थानों पर समान नहीं होते। राजस्व रजिस्ट्री की संख्या पर भी निर्भर करेगा और आमदनी का आकलन अनुमानित होता है, लेकिन इतना तय है कि इस निर्णय से सरकार का राजस्व बढ़ेगा।
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अचानक बढ़ोतरी से नाराजगी, कहा- दोबारा से विचार करे सरकार
प्राॅपर्टी कंसल्टेंट फेडरेशन हरियाणा के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल और महासचिव गुरमीत सिंह देओल ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि एक माह का समय देकर धीरे-धीरे बढ़ोतरी करनी चाहिए थी। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र भेज दोबारा इस निर्णय पर विचार करने की मांग की है। सुरेश अग्रवाल ने कहा कि इस निर्णय से क्रेता और विक्रेता के साथ ही इस कारोबार से जुड़े लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे। बैंकों से कर्ज लेकर अनुबंध की शर्तों के अनुसार स्टांप पेपर खरीदने और सेल डीड करवाने की तैयारी चल रही थी। अचानक कलेक्टर रेट बढ़ने से सभी को नुकसान हुआ है। प्राॅपर्टी एवं डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश खुराना का कहना है कि एनसीआर से जुड़े क्षेत्रों में पिछले पांच वर्षों में कई क्षेत्रों में 150 से 350 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़े हैं। गुरुग्राम में तो आज की तुलना में देखें तो कुछ क्षेत्रों में पांच वर्षों के अंदर 300 से 700 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़े हैं।
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बादशाहपुर में 145 प्रतिशत तो सिरसा में 98 फीसदी तक रेट बढ़े
शहर शहरी क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र
हिसार 10 से 50 प्रतिशत तक 41 फीसदी तक
सिरसा 98 फीसदी तक 89 फीसदी तक
फतेहाबाद 9 से 133 प्रतिशत तक 50 प्रतिशत तक
भिवानी 15 से 20 फीसदी तक--
गुरुग्राम 77 फीसदी तक--
बादशाहपुर-- -- - 145 प्रतिशत तक
फरीदाबाद 30 फीसदी तक 30 फीसदी तक
पंचकूला 50 प्रतिशत तक-- -
झज्जर 23 फीसदी तक 19 प्रतिशत तक
बहादुरगढ़-- - 30 प्रतिशत तक
नूंह-- -- - 59 प्रतिशत तक
रोहतक 10 से 50 फीसदी तक 30 प्रतिशत तक
अंबाला 20 प्रतिशत तक 30 फीसदी तक
पानीपत 30 प्रतिशत तक 50 प्रतिशत तक
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कोरोना काल में हुआ था विरोध, बीते वर्ष भी हुई थी वृद्धि
नए कलेक्टर रेट 1 अगस्त 2025 से 31 मार्च 2026 तक लागू होंगे। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के दौरान कुछ माह के लिए कलेक्टर रेट बढ़ाए गए थे। उस समय विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया था। इसके बाद नियमित औसतन 5 प्रतिशत से लेकर कुछ क्षेत्रों में 80 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट के दामों में वृद्धि की गई थी। बीते वर्ष दिसंबर में भी कलेक्टर रेट में 10 से 58 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में शुक्रवार से नए कलेक्टर रेट लागू हो गए। अगले दो-तीन दिन में साॅफ्टवेयर पर नए कलेक्टर रेट अपलोड हो जाएंगे। इसके बाद ही तहसीलों में रजिस्ट्री से जुड़े कार्य होंगे। प्रदेश में कुल 93 तहसीलों और 50 उप तहसीलों में रजिस्ट्री कराने वालों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी से सरकार को इस वित्त वर्ष में 7 से 12 प्रतिशत तक अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने 29 जुलाई को सभी मंडल आयुक्तों और जिला उपायुक्तों को पत्र जारी कर एक अगस्त से कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी के निर्देश दिए थे। इसके बाद सभी जिला उपायुक्तों ने आनन-फानन में कलेक्टर रेट बढ़ोतरी को लेकर दावे-आपत्तियां मांगकर नए रेट को मंजूरी दे दी। प्रदेश में स्टांप शुल्क 7 प्रतिशत है जबकि महिलाओं के लिए यह फीस 5 फीसदी लगता है। फिलहाल प्रदेश के एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) के निकट वाले जिलों के कई क्षेत्रों में कलेक्टर रेट में कई गुना अधिक वृद्धि हुई है।
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16555 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य
प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने स्टांप ड्यूटी से 16,555 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। बजट में भी इसका उल्लेख किया गया है। पूर्व वित्त मंत्री प्रो. संपत सिंह ने कहा कि प्रदेश में आनन-फानन में कलेक्टर रेट लागू नहीं करने चाहिए थे। जनता को समय दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि कलेक्टर रेट सभी तहसीलों व स्थानों पर समान नहीं होते। राजस्व रजिस्ट्री की संख्या पर भी निर्भर करेगा और आमदनी का आकलन अनुमानित होता है, लेकिन इतना तय है कि इस निर्णय से सरकार का राजस्व बढ़ेगा।
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अचानक बढ़ोतरी से नाराजगी, कहा- दोबारा से विचार करे सरकार
प्राॅपर्टी कंसल्टेंट फेडरेशन हरियाणा के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल और महासचिव गुरमीत सिंह देओल ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि एक माह का समय देकर धीरे-धीरे बढ़ोतरी करनी चाहिए थी। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र भेज दोबारा इस निर्णय पर विचार करने की मांग की है। सुरेश अग्रवाल ने कहा कि इस निर्णय से क्रेता और विक्रेता के साथ ही इस कारोबार से जुड़े लोग बुरी तरह प्रभावित होंगे। बैंकों से कर्ज लेकर अनुबंध की शर्तों के अनुसार स्टांप पेपर खरीदने और सेल डीड करवाने की तैयारी चल रही थी। अचानक कलेक्टर रेट बढ़ने से सभी को नुकसान हुआ है। प्राॅपर्टी एवं डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश खुराना का कहना है कि एनसीआर से जुड़े क्षेत्रों में पिछले पांच वर्षों में कई क्षेत्रों में 150 से 350 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़े हैं। गुरुग्राम में तो आज की तुलना में देखें तो कुछ क्षेत्रों में पांच वर्षों के अंदर 300 से 700 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट बढ़े हैं।
बादशाहपुर में 145 प्रतिशत तो सिरसा में 98 फीसदी तक रेट बढ़े
शहर शहरी क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र
हिसार 10 से 50 प्रतिशत तक 41 फीसदी तक
सिरसा 98 फीसदी तक 89 फीसदी तक
फतेहाबाद 9 से 133 प्रतिशत तक 50 प्रतिशत तक
भिवानी 15 से 20 फीसदी तक
गुरुग्राम 77 फीसदी तक
बादशाहपुर
फरीदाबाद 30 फीसदी तक 30 फीसदी तक
पंचकूला 50 प्रतिशत तक
झज्जर 23 फीसदी तक 19 प्रतिशत तक
बहादुरगढ़
नूंह
रोहतक 10 से 50 फीसदी तक 30 प्रतिशत तक
अंबाला 20 प्रतिशत तक 30 फीसदी तक
पानीपत 30 प्रतिशत तक 50 प्रतिशत तक
कोरोना काल में हुआ था विरोध, बीते वर्ष भी हुई थी वृद्धि
नए कलेक्टर रेट 1 अगस्त 2025 से 31 मार्च 2026 तक लागू होंगे। वर्ष 2020 में कोरोना संक्रमण के दौरान कुछ माह के लिए कलेक्टर रेट बढ़ाए गए थे। उस समय विरोध के बाद सरकार ने फैसला वापस ले लिया था। इसके बाद नियमित औसतन 5 प्रतिशत से लेकर कुछ क्षेत्रों में 80 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट के दामों में वृद्धि की गई थी। बीते वर्ष दिसंबर में भी कलेक्टर रेट में 10 से 58 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई थी।