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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Maternal mortality rate in the state has come down from 106 to 89

Chandigarh-Haryana News: राज्य में मातृ मृत्यु दर 106 से घटकर 89 पर पहुंची

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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों का परिणाम है यह उपलब्धि
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) में 17 अंकों की गिरावट आई है। साल 2019-21 तक एमएमआर दर 106 थी। यह दर घटकर अब 89 हो गई है। देश में मातृ मृत्यु दर पर नवीनतम नमूना पंजीकरण प्रणाली (एसआरएस) विशेष बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में सुधार का नया आंकड़ा सामने आया है।

प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि यह उपलब्धि मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। इसकी बेहतरी के पीछे राज्य भर में समर्पित चिकित्सा और स्वास्थ्य कर्मचारियों के ठोस प्रयास है। इस अवधि के दौरान लगभग 300 माताओं की जान बचाई गई।
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स्वास्थ्य विभाग का मकसद सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करना है, जो प्रति 100,000 जीवित जन्म पर 70 से कम मातृ मृत्यु दर है। इसके लिए सभी सरकारी प्रसव केंद्रों का आधुनिकीकरण, सुरक्षित, सम्मानजनक प्रसव, आवश्यक दवाओं, उपकरणों और रसद की पूरी व्यवस्था की गई है। वहीं, आपातकालीन प्रसूति देखभाल के लिए सक्षम नामित प्रथम रेफरल इकाइयों (एफआरयू) की संख्या बढ़कर 87 हो गई है।
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इसके अलावा सुरक्षित जननी माह (एसजेएम), उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की जांच और सहायता के लिए एक मासिक अभियान चलाया जा रहा है, ताकि समय पर कमी में सुधार हो सके। राज्य और जिला स्तर पर नियमित समीक्षा, मातृ मृत्यु ऑडिट, डाटा-संचालित हस्तक्षेप और नीति सुधारों पर जोर दिया जा रहा है।



संस्थागत प्रसव का आंकड़ा 98.3 फीसदी तक पहुंचा
हरियाणा के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के निदेशक डॉ. आरएस ढिल्लों ने बताया कि राज्य में संस्थागत प्रसव 2024-25 में 98.3 फीसदी तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) और जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) जैसी केंद्र प्रायोजित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। इसके तहत सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का उपयोग करने वाली गर्भवती महिलाओं को मुफ्त दवाएं, भोजन, रक्त आधान और रेफरल परिवहन सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।
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