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Chandigarh-Haryana News: विस्तृत व ठोस कारण दर्ज किए बगैर लाइसेंस किया रद्द, आदेश खारिज
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-कोर्ट ने कहा-इस प्रकार लाइसेंस रद्द करना सही नहीं, इससे रोजी-रोटी होती है प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लाइसेंसिंग प्राधिकरण व अपीलीय प्राधिकरण द्वारा गैर विस्तृत आदेश जारी करने और इसमें ठोस कारण न दर्ज करने पर नूंह जिले में एक राशन डिपो का लाइसेंस रद्द करने के आदेश को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है। राशन डिपो मालिक जाहिद हुसैन ने नूंह के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक के 26 दिसंबर 2022 के आदेश और उपायुक्त के 24 अगस्त 2023 के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि आजीविका का मुद्दा संविधान के अनुच्छेद 21 के दायरे में आता है जो जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार सुनिश्चित करता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल यह दर्ज कर देना कि याची का जवाब संतोषजनक नहीं है, लाइसेंस रद्द करने का वैध कारण नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से व्यक्ति की रोज़ी-रोटी प्रभावित होती है। हाईकोर्ट ने मामले को दोबारा लाइसेंसिंग प्राधिकरण को भेजते हुए निर्देश दिया कि तीन माह के भीतर याची को पर्याप्त सुनवाई का अवसर देकर नया और कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लाइसेंसिंग प्राधिकरण व अपीलीय प्राधिकरण द्वारा गैर विस्तृत आदेश जारी करने और इसमें ठोस कारण न दर्ज करने पर नूंह जिले में एक राशन डिपो का लाइसेंस रद्द करने के आदेश को हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है। राशन डिपो मालिक जाहिद हुसैन ने नूंह के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक के 26 दिसंबर 2022 के आदेश और उपायुक्त के 24 अगस्त 2023 के आदेश को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि आजीविका का मुद्दा संविधान के अनुच्छेद 21 के दायरे में आता है जो जीवन और स्वतंत्रता का अधिकार सुनिश्चित करता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल यह दर्ज कर देना कि याची का जवाब संतोषजनक नहीं है, लाइसेंस रद्द करने का वैध कारण नहीं हो सकता। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से व्यक्ति की रोज़ी-रोटी प्रभावित होती है। हाईकोर्ट ने मामले को दोबारा लाइसेंसिंग प्राधिकरण को भेजते हुए निर्देश दिया कि तीन माह के भीतर याची को पर्याप्त सुनवाई का अवसर देकर नया और कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए।