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Chandigarh-Haryana News: उद्योगों के अनुकूल माहाैल बनाने के लिए भूमि संबंधी डिजिटल प्लेटफाॅर्म तैयार
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मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने की योजना की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में उद्योगों के लिए अनुकूल माहाैल बनाने को सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि अधिग्रहित करने से लेकर औद्योगिक प्लाॅटों की पहचान के लिए डिजिटल प्लेटफाॅर्म तैयार किया है। निवेशकों को आकर्षिक करने के लिए राज्य में मिश्रित भूमि उपयोग की नई नीति लागू की गई है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने चंडीगढ़ में योजना की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक औद्योगिक भूमि के लिए एक व्यापक जीआईएस आधारित डाटा बैंक का शुभारंभ है। इसे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने विकसित किया है। भारत औद्योगिक भूमि बैंक के साथ इसे एकीकृत किया गया है। इस प्लेटफाॅर्म के माध्यम से औद्योगिक प्लॉटों की पहचान, तुलना और अधिग्रहण जैसी सुविधाओं के कार्य सरल होंगे। इसके अलावा मसौदा दुकान अधिनियम और पंजाब फैक्ट्री नियम-1952 में संशोधन करके आधुनिक सुरक्षा मानकों को शामिल किया जा रहा है। इन सुधारों से महिलाओं की कार्यस्थल पर भागीदारी में वृद्धि होने की संभावना है। बैठक में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी आदि माैजूद रहे।
मिश्रित भूमि उपयोग को लेकर यह होगा लाभ
मिश्रित भूमि उपयोग की नई नीति लागू होने से औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल है। फैक्टरी लाइसेंस, व्यापार अनुमति, बिजली कनेक्शन, जल आपूर्ति और पर्यावरण मंजूरी हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट के तहत पूरी तरह डिजिटलीकृत किए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में उद्योगों के लिए अनुकूल माहाैल बनाने को सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि अधिग्रहित करने से लेकर औद्योगिक प्लाॅटों की पहचान के लिए डिजिटल प्लेटफाॅर्म तैयार किया है। निवेशकों को आकर्षिक करने के लिए राज्य में मिश्रित भूमि उपयोग की नई नीति लागू की गई है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने चंडीगढ़ में योजना की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक औद्योगिक भूमि के लिए एक व्यापक जीआईएस आधारित डाटा बैंक का शुभारंभ है। इसे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने विकसित किया है। भारत औद्योगिक भूमि बैंक के साथ इसे एकीकृत किया गया है। इस प्लेटफाॅर्म के माध्यम से औद्योगिक प्लॉटों की पहचान, तुलना और अधिग्रहण जैसी सुविधाओं के कार्य सरल होंगे। इसके अलावा मसौदा दुकान अधिनियम और पंजाब फैक्ट्री नियम-1952 में संशोधन करके आधुनिक सुरक्षा मानकों को शामिल किया जा रहा है। इन सुधारों से महिलाओं की कार्यस्थल पर भागीदारी में वृद्धि होने की संभावना है। बैठक में गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन, अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी आदि माैजूद रहे।
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मिश्रित भूमि उपयोग को लेकर यह होगा लाभ
मिश्रित भूमि उपयोग की नई नीति लागू होने से औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल है। फैक्टरी लाइसेंस, व्यापार अनुमति, बिजली कनेक्शन, जल आपूर्ति और पर्यावरण मंजूरी हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट के तहत पूरी तरह डिजिटलीकृत किए हैं।
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