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पुरातात्विक खुदाई में हरियाणा अव्वल: राखीगढ़ी-अग्रोहा साइट पर सबसे ज्यादा खर्च, ASI ने लगाए 3.42 करोड़

Tue, 21 Jul 2026 11:40 AM IST
Nivedita आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Tue, 21 Jul 2026 11:40 AM IST
सार

खर्च के लिहाज से राखीगढ़ी देश की सभी 16 चल रही उत्खनन परियोजनाओं में पहले स्थान पर है, जबकि अग्रोहा दूसरे स्थान पर है। इसके बाद गुजरात की द्वारका साइट पर एक करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की गई है।

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Haryana leads in archaeological excavations Highest expenditure on Rakhigarhi Agroha sites ASI
राखीगढ़ी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा की ऐतिहासिक धरोहरों की वैज्ञानिक पड़ताल पर केंद्र सरकार सबसे अधिक ध्यान दे रही है। देशभर में चल रही पुरातात्विक खुदाई परियोजनाओं में हरियाणा की दो साइटें राखीगढ़ी और अग्रोहा खर्च के मामले में सबसे आगे हैं। 

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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने राखीगढ़ी और अग्रोहा की खुदाई पर अब तक कुल 3.42 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो देश की अन्य प्रमुख पुरातात्विक परियोजनाओं की तुलना में सबसे अधिक है।
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लोकसभा सांसद टीआर बालू ने केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से 2021 से 2025 के बीच हुई आर्कियोलॉजिकल प्रोजेक्ट्स में मिले ऐतिहासिक खोजों की जानकारी मांगी थी। शेखावत ने लिखित जवाब में बताया कि 2021-22 में 24 आर्कियोलॉजिकल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई. 2022-23 में 31, 2023 में 19, 2024 में 22 और 2025 में 25 प्रोजेक्ट्स को अनुमति दी गई। इन वर्षों में अब तक इन 16 स्थलों की खुदाई पर करीब 6.8 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। 
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हिसार स्थित राखीगढ़ी में खुदाई पर अब तक 2.16 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जबकि अग्रोहा की खुदाई पर 1.26 करोड़ रुपये लगाए गए हैं। खर्च के लिहाज से राखीगढ़ी देश की सभी 16 चल रही उत्खनन परियोजनाओं में पहले स्थान पर है, जबकि अग्रोहा दूसरे स्थान पर है। इसके बाद गुजरात की द्वारका साइट पर एक करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की गई है।

एएसआई इस समय देशभर में 16 पुरातात्विक स्थलों पर खुदाई कर रहा है। इनमें हरियाणा के राखीगढ़ी और अग्रोहा के अलावा गुजरात के द्वारका व लोथल, कर्नाटक के ब्रह्मगिरी व कमलापुरा, बिहार के बलिराजगढ़, उत्तर प्रदेश के पिपरहवा, ओडिशा के जौगढ़ किला और महाराष्ट्र के एलिफेंटा द्वीप सहित कई महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं।


राखीगढ़ी सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े स्थलों में शामिल है। यहां हो रही खुदाई से हजारों वर्ष पुराने मानव जीवन, शहरी व्यवस्था, व्यापार, कृषि और संस्कृति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रमाण मिलने की उम्मीद है। वहीं, अग्रोहा की खुदाई से प्राचीन भारत के व्यापारिक और सांस्कृतिक इतिहास के नए पहलू सामने आने की संभावना है। संस्कृति मंत्रालय के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में एएसआई ने 121 पुरातात्विक परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में खुदाई के दौरान प्राचीन संरचनाओं के अवशेष, दफन स्थल, मिट्टी के बर्तन, सिक्के, आभूषण, मनके, कृषि उपकरण और अन्य पुरावशेष मिले हैं। इनकी वैज्ञानिक जांच के लिए नमूने संबंधित संस्थानों को भेजे जाते हैं।

इन पांच साइटों पर सबसे ज्यादा खर्च

साइट                                            खर्च
राखीगढ़ी हिसार               दो करोड़ 16 लाख 25 हजार
अग्रेाहा हिसार                एक करोड़ 26 लाख 51 हजार
द्वारका गुजरात                  एक करोड़ 54 हजार
एलीफेंटा द्वीप महाराष्ट्र          99 लाख 17 हजार
भावनगर गुजरात                 93 लाख 34 हजार

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