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Chandigarh-Haryana News: पूर्व प्रिंसिपल ने तकनीकी शिक्षा विभाग में आरटीआई को लेकर उठाए सवाल
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चंडीगढ़। हरियाणा सिविल सेवा मामलों के कंसलटेंट एवं पूर्व प्रिंसिपल बृजलाल ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग में सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम 2005 के प्रावधानों की अनदेखी का आरोप लगाया है। कहा कि विभाग में सूचना उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी हो रही है और पारदर्शिता की भी कमी है। बृजलाल ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच करवाने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
बृजलाल का कहना है कि आरटीआई अधिनियम के तहत 30 दिनों के भीतर सूचना देना अनिवार्य है लेकिन कई मामलों में आवेदकों को समय पर जानकारी नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधूरी, अस्पष्ट और भ्रामक सूचनाएं भेजी जा रही हैं। प्रथम अपीलों में दिए गए आदेशों का भी प्रभावी ढंग से पालन नहीं हो रहा है। दस्तावेजों की प्रतियों के लिए अतिरिक्त शुल्क अंतिम समय में मांगकर सूचना देने की प्रक्रिया को लंबा खींचा जाता है।
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बृजलाल का कहना है कि आरटीआई अधिनियम के तहत 30 दिनों के भीतर सूचना देना अनिवार्य है लेकिन कई मामलों में आवेदकों को समय पर जानकारी नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधूरी, अस्पष्ट और भ्रामक सूचनाएं भेजी जा रही हैं। प्रथम अपीलों में दिए गए आदेशों का भी प्रभावी ढंग से पालन नहीं हो रहा है। दस्तावेजों की प्रतियों के लिए अतिरिक्त शुल्क अंतिम समय में मांगकर सूचना देने की प्रक्रिया को लंबा खींचा जाता है।
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