फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Electricity rates increased after seven years due to increase in cost and operating expenses

Chandigarh-Haryana News: लागत और परिचालन खर्चों में वृद्धि से सात साल बाद बढ़ी बिजली दर

विज्ञापन
राज्य सरकार ने कहा- विपक्ष का बिजली बिलों में चार गुना बढ़ोतरी का दावा भ्रामक
विज्ञापन

सभी श्रेणियों के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम मासिक शुल्क समाप्त




पड़ोसी राज्यों के मुकाबले अब भी तय शुल्क व उच्चतम ऊर्जा स्लैब कम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बीते सालों में बिजली खरीद लागत और परिचालन खर्चों में लगातार वृद्धि के कारण बिजली बिलों में वृद्धि की गई है। हरियाणा सरकार ने कहा है कि विपक्ष का यह दावा झूठा है कि बिजली बिल के दाम चार गुना तक बढ़ गए हैं। विपक्ष भ्रामक प्रचार कर रहा है। बिजली बिलों पर बढ़ोतरी न्यूनतम और जायज रखी गई है। सात सालों में पहली बार बिजली के रेटों पर बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2017-18 में बिजली के मूल्यों में बढ़ोतरी हुई थी। करीब एक दशक तक टैरिफ को अपरिवर्तित रखना, यह सब वित्तीय अनुशासन के कारण ही संभव हो सकेगा। वहीं, 2014-15 से वित्तीय वर्ष 2024-25 तक लॉसेस 29 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी के स्तर पर लाया गया है।
संशोधित बिजली टैरिफ संरचना के अनुसार सभी श्रेणियों के घरेलू उपभोक्ताओं के लिए न्यूनतम मासिक शुल्क समाप्त कर दिया गया है। राज्य सरकार के मुताबिक दो किलोवाट तक के कनेक्टेड लोड और 100 यूनिट तक की मासिक खपत वाले के मासिक बिलों में लगभग दस फीसदी तक वृद्धि है। हालांकि, मासिक न्यूनतम शुल्क के साथ पिछली दरों की तुलना पर बिल की राशि में काफी कमी आई है।
विज्ञापन

पांच किलोवाट तक के कनेक्टेड लोड वाले उपभोक्ताओं के बिजली के बिल में तीन से नौ फीसदी की वृद्धि हुई है। पांच किलोवाट तक के लोड के दायरे में राज्य के 94 फीसदी उपभोक्ता आते हैं। वहीं, श्रेणी तीन के उपभोक्ताओं के बिल में वृद्धि 5 से सात फीसदी तक वृद्धि की गई है। इस श्रेणी में कम खपत वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल की वृद्धि अधिक लग सकती है। हालांकि इस श्रेणी में केवल छह फीसदी घरेलू उपभोक्ता आते हैं
विज्ञापन
विज्ञापन

पड़ोसी राज्यों के मुकाबले तय शुल्क (फिक्स्ड चार्ज) व उच्चतम ऊर्जा स्लैब कम है। हरियाणा में घरेलू श्रेणी के लिए निश्चित शुल्क शून्य से 75 रुपये प्रति किलोवाट तक है और उच्चतम स्लैब 7.50 रुपये प्रति यूनिट निर्धारित किया गया है। जबकि पड़ोसी राज्यों में तय शुल्क 110 रुपये प्रति किलोवाट तक और ऊर्जा शुल्क 8 रुपये प्रति यूनिट रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed