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Chandigarh-Haryana News: 1680 निजी स्कूलों पर लगने वाले जुर्माने को वापस लेने की मांग
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134 ए का 10 वर्षों का अभी तक नहीं मिला कोई पैसा, चिराग योजना का बहुत से स्कूलों का पिछले सत्र का पैसा बकाया
चंडीगढ़। शिक्षा के अधिकार के तहत सीट न दिखाने के कारण 1680 निजी स्कूलों पर लगने वाले जुर्माने का निजी स्कूल संघ ने विरोध शुरू कर दिया है। संघ ने 134 ए का 10 वर्षों से भुगतान नहीं होने और चिराग योजना का बहुत से स्कूलों का पिछले सत्र का बकाया राशि का हवाला देते हुए जुर्माने न लेने का मुद्दा उठाया है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि आरटीई के तहत खाली सीटों की जानकारी न देने व मान्यता संबंधित दस्तावेज समय पर अपलोड न करने के कारण हजारों स्कूलों के एमआईएस पोर्टल शिक्षा विभाग ने तीन महीने पहले बंद कर दिए थे।
शिक्षा विभाग ने इन पर कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 1680 स्कूलों पर 30 हजार से लेकर 70 हजार रुपये तक जुर्माना लगा दिया है, जो कि गलत है। इस मामले में कई जिलों में शिक्षा विभाग की भी लापरवाही रही है क्योंकि उन्होंने मेल, टेलीफोन या लिखित सूचना के माध्यम से स्कूलों को समय रहते सूचित नहीं किया।
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चंडीगढ़। शिक्षा के अधिकार के तहत सीट न दिखाने के कारण 1680 निजी स्कूलों पर लगने वाले जुर्माने का निजी स्कूल संघ ने विरोध शुरू कर दिया है। संघ ने 134 ए का 10 वर्षों से भुगतान नहीं होने और चिराग योजना का बहुत से स्कूलों का पिछले सत्र का बकाया राशि का हवाला देते हुए जुर्माने न लेने का मुद्दा उठाया है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि आरटीई के तहत खाली सीटों की जानकारी न देने व मान्यता संबंधित दस्तावेज समय पर अपलोड न करने के कारण हजारों स्कूलों के एमआईएस पोर्टल शिक्षा विभाग ने तीन महीने पहले बंद कर दिए थे।
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शिक्षा विभाग ने इन पर कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 1680 स्कूलों पर 30 हजार से लेकर 70 हजार रुपये तक जुर्माना लगा दिया है, जो कि गलत है। इस मामले में कई जिलों में शिक्षा विभाग की भी लापरवाही रही है क्योंकि उन्होंने मेल, टेलीफोन या लिखित सूचना के माध्यम से स्कूलों को समय रहते सूचित नहीं किया।
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