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हरियाणा में अब AI पाठ्यक्रम: नए शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जाएगा, टीचर्स की ट्रेनिंग शुरू

Fri, 27 Jun 2025 01:23 AM IST
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरो Updated Fri, 27 Jun 2025 01:23 AM IST
सार

पहले चरण में पाठ्यक्रम सिर्फ 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए शुरू होगा। इसके बाद हर साल एक-एक करके 10वीं, 11वीं फिर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए एआई पाठ्यक्रम लागू हो जाएगा।

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Children will study AI curriculum in government schools from the upcoming academic session
AI - फोटो : Freepik

विस्तार

हरियाणा में पीएमश्री व मॉडल संस्कृति स्कूलों (जीएमएस) की तर्ज पर आगामी शैक्षणिक सत्र-2026-27 से सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पाठ्यक्रम शुरू करने की मंजूरी मिल गई है।
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पहले चरण में पाठ्यक्रम सिर्फ 9वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए शुरू होगा। इसके बाद हर साल एक-एक करके 10वीं, 11वीं फिर 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए एआई पाठ्यक्रम लागू हो जाएगा। एआई के एक पाठ्यक्रम में पांच पार्ट होंगे, जिनमें अलग-अलग तरह के कौशल (स्किल्स) वाले कोर्स बच्चों को पढ़ाए जाएंगे।
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पाठ्यक्रम की शुरुआत की तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है। स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। वहीं शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
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6वीं से 8वीं के लिए 40 मिनट का चलेगा पीरियड

सरकारी स्कूलों में 6वीं, 7वीं और 8वीं कक्षा में एआई पाठ्यक्रम अभी शामिल नहीं होगा। इन तीनों कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए 40 मिनट का एआई पीरियड अनिवार्य होगा। इस दौरान प्रशिक्षित शिक्षक इन तीनों कक्षा के विद्यार्थियों को एआई पाठ्यक्रम संबंधित जानकारी देंगे।

पाठ्यक्रम के 100 अंक होंगे

9वीं कक्षा के एआई पाठ्यक्रम में मशीन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क और एआई एप्लीकेशन जैसी मूलभूत श्रेणियां शामिल हैं। इसके जरिए विद्यार्थी एआई से दैनिक जीवन को प्रभावित करने वाले पहलू, उसमें सुधार के प्रारंभिक तरीके और परिणाम को समझेंगे। इसमें 50 अंकों की व्यावहारिक मूल्यांकन और 50 अंकों की सैद्धांतिक परीक्षाएं शामिल हैं, जो कुल 100 अंकों की होंगी।

मॉडल स्कूल और पीएमश्री स्कूलों में चल रहा पाठ्यक्रम

प्रदेश के सभी मॉडल स्कूल और पीएमश्री स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से पाठ्यक्रम चलते हैं। इसी कारण इन स्कूलों में पहले से एआई पाठ्यक्रम चल रहे हैं। कुल 468 सरकारी मॉडल संस्कृति (जीएमएस) और पीएमश्री माध्यमिक उच्च विद्यालय और 1420 सरकारी मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल हैं।

पाठ्यक्रम के चार भाग में 16 इकाइयां शामिल

पार्ट-ए : रोजगार कौशल
यूनिट-1 : संचार कौशल-1
यूनिट-2 : स्व-प्रबंधन कौशल-1
यूनिट-3 : आईसीटी कौशल-1
यूनिट-4 : उद्यमी कौशल-1
यूनिट-5 : हरित कौशल-1

भाग-बी : विषय विशेष कौशल
यूनिट-1 : एआई रिफ्लेक्शन, प्रोजेक्ट साइकिल और नैतिकता
यूनिट-2 : डेटा साक्षरता
यूनिट-3 : एआई के लिए गणित (सांख्यिकी और संभावना)
यूनिट-4 : जनरेटिव एआई का परिचय
यूनिट-5 : पायथन का परिचय

भाग-सी : व्यावहारिक कार्य
प्रैक्टिकल परीक्षा
इनपुट-आउटपुट फ़ंक्शन का उपयोग करके सरल प्रोग्राम
चर, अंकगणितीय ऑपरेटर, अभिव्यक्तियां, डेटा प्रकार 
नियंत्रण और शर्तों का प्रवाह 
सूचियां (इन विषयों पर आधारित कोई भी 3 प्रोग्राम)

भाग-डी : परियोजना कार्य, क्षेत्र भ्रमण, छात्र पोर्टफोलियो

प्रदेश सरकार शिक्षा विभाग को नई उंचाइयों पर ले जाने की योजना तैयार कर चुकी है। आज के डिजिटल दौर में तकनीकी पढ़ाई की काफी आवश्यकता और मांग है। इसी के तहत सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को एआई पाठ्यक्रम पढ़ाने की मंजूरी दी गई है, जोकि आगामी शैक्षणिक सत्र से शुरू होगा। बच्चे तकनीकी पढ़ाई के दक्षता हासिल कर भविष्य में रोजगार करने नहीं बल्कि रोजगार देने वाले भी बनेंगे। -महिपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री, हरियाणा।
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