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हरियाणा कांग्रेस में होगा परिवर्तन: प्रभारी व प्रधान की होगी छुट्टी, अशोक अरोड़ा हो सकते हैं विधायक दल के नेता

Sat, 09 Nov 2024 08:22 AM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 09 Nov 2024 08:22 AM IST
सार

हरियाणा कांग्रेस 10 साल से संगठन खड़ा नहीं पाई है। कांग्रेस हाईकमान की ओर से प्रदेश के लगाए गए सह प्रभारी जितेंद्र बघेल का भी मानना है कि प्रदेश में सभी नेताओं को साथ लेकर चलना और संगठन बनाना बड़ी चुनौती होगी।

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change in Haryana Congress, In-charge and chief will be removed, Ashok Arora may be CLP Leader
कांग्रेस - फोटो : ANI

विस्तार

हरियाणा में पिछले दस साल से सत्ता से बेदखल और लगातार तीन विधानसभा चुनाव हारने के बाद कांग्रेस हाईकमान प्रदेश कांग्रेस में आमूल चूल परिवर्तन करने जा रही है। सबसे पहले प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया को हटाया जाएगा और इनके साथ ही वर्तमान प्रदेशाध्यक्ष चौधरी उदयभान का बदला जाना भी लगभग तय है। ये दोनों ही नेता न तो प्रदेश के नेताओं को एकजुट कर पाए और न ही गुटबाजी खत्म करने को लेकर दोनों नेताओं द्वारा कोई ठोस कार्य किए गए।

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तीसरी बात आती है पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की। परिवर्तन के इस दौर में इस बार हुड्डा का नेता प्रतिपक्ष बनना मुश्किल नजर आ रहा है। हार के चलते हाईकमान हुड्डा से भी नाराज है और उनके स्थान पर अशोक अरोड़ा विधायक दल के नेता चुने जा सकते हैं। संतुलन साधने के लिए दोबारा से प्रदेशाध्यक्ष के तौर पर कुमारी सैलजा का नाम सबसे आगे चल रहा है।
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प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया पहले ही अपने इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं। ऐसे में राहुल गांधी के नजदीकी जितेंद्र बघेल को हरियाणा का सह प्रभारी नियुक्त किया जा चुका है। बघेल फिलहाल हरियाणा के मामलों को समझ रहे हैं और जल्द ही वह पूरी रिपोर्ट हाईकमान को सौंप देंगे। संभावना ये है कि 13 नवंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र से पहले ही विधायक दल का नेता चुना जाएगा, क्योंकि सदन में भाजपा के बाद कांग्रेस दूसरी बड़ी पार्टी है और कांग्रेस विधायक दल का नेता ही नेता प्रतिपक्ष होगा।
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पिछली बार पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा सीएलपी थे, लेकिन इस बार मामला कुछ बदला हुआ है। हालांकि, 37 में से 32 विधायक हुड्डा के समर्थक हैं और शेष विधायक कुमारी सैलजा के समर्थक माने जाते हैं। ऐसे में ये तय माना जा रहा है कि हाईकमान इस बार हुड्डा के स्थान पर किसी अन्य नेता को यह जिम्मेदारी सौंपेगा। इनमें अशोक अरोड़ा और गीता भुक्कल के नाम चल रहे हैं। इसी प्रकार, प्रदेशाध्यक्ष के लिए कुमारी सैलजा का नाम सबसे आगे है। सैलजा संगठन को लेकर हुड्डा और उदयभान पर सवाल खड़ा करती रही हैं।

जिलाध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्षों की होगी नियुक्ति
प्रदेश में कांग्रेस 10 साल से संगठन खड़ा नहीं पाई है। कांग्रेस हाईकमान की ओर से प्रदेश के लगाए गए सह प्रभारी जितेंद्र बघेल का भी मानना है कि प्रदेश में सभी नेताओं को साथ लेकर चलना और संगठन बनाना बड़ी चुनौती होगी। इसलिए नए नेताओं के चुने जाने के बाद पार्टी का सबसे पहला काम संगठन खड़ा करना होगा। इनमें जिलाध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्ष चुने जाने हैं। इन सभी की सूची पहले से ही कांग्रेस हाईकमान के पास पहुंची हुई है।

प्रियंका गांधी के लिए प्रचार करने को हरियाणवी नेताओं में होड़

केरल के वायनाड से चुनाव लड़ रहीं कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के चुनाव प्रचार के लिए हरियाणा काग्रेस के नेताओं में होड़ लगी है। कांग्रेस विधायक और पूर्व पहलवान विनेश फोगाट और लोकसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा वायनाड पहुंच गए हैं और प्रियंका गांधी के लिए वोट मांग रहे हैं। इनके बाद अब भी नेता अपने स्तर पर ही वायनाड पहुंच रहे हैं। नेताओं और कार्यकताओं की अधिक भीड़ जाने के चलते हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने इस संबंध में पत्र जारी किया है और सभी से अपील की है कि वे अपने स्तर पर प्रचार करने के लिए वायनाड न पहुंचे, इससे अव्यवस्था हो सकती है।

उदयभान ने कहा कि वायनाड में हो रहे उपचुनाव में हरियाणा से कार्यकर्ता अपने स्तर पर प्रचार करने के लिए ना जाएं। जिन कार्यकर्ताओं की वायनाड में ड्यूटी लगाई जाएगी, उन्हें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा सूचित किया जाएगा। वायनाड का उपचुनाव राहुल गांधी के इस्तीफे की वजह से कराया जा रहा है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि पार्टी ने कार्यकर्ताओं की संख्या और काम को लेकर रणनीति बनाई गई है, उसके आधार पर जिम्मा सौंपा जाएगा। भीड़ अधिक होने से अव्यवस्था फैल सकती है। इसलिए प्रदेशाध्यक्ष ने यह अपील की है। गौर हो कि वायनाड उपचुनाव में कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा चुनाव लड़ रही हैं। उपचुनाव का मतदान 13 नवंबर को जबकि मतगणना 23 नवंबर को होगी।

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