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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Centre should respond to MNREGA contract workers' regularisation plea: High Court

मनरेगा संविदा कर्मियों की नियमितीकरण याचिका पर जवाब दे केंद्र : हाईकोर्ट

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- मनरेगा केंद्र की प्रमुख कल्याणकारी योजना, प्रभावी क्रियान्वयन समर्पित कर्मियों पर निर्भर
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- न्याय, करुणा और सामाजिक न्याय की भावना से वैध अपेक्षाओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार हो


चंडीगढ़। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्यरत संविदा आधार पर नियुक्त लेखा सहायक की सेवाओं के नियमितीकरण की मांग को लेकर दायर याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि मनरेगा केंद्र सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी योजना है जिसका प्रभावी क्रियान्वयन इन याचिकाकर्ताओं जैसे कर्मियों की समर्पित सेवाओं पर निर्भर करता है जो वर्षों से स्वीकृत पदों के विरुद्ध कार्यरत हैं।

जस्टिस संदीप मौदगिल ने टिप्पणी करते हुए कहा कि चूंकि केंद्र सरकार इस योजना की नोडल अथॉरिटी है, इसलिए यह आवश्यक है कि वह ऐसे कर्मचारियों के लिए एक समग्र और मानवीय नीति बनाए जिन्होंने अपने कार्य जीवन का महत्वपूर्ण समय सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में समर्पित किया है। अदालत ने कहा कि न्याय, करुणा और सामाजिक न्याय की भावना, राज्य के एक मॉडल नियोक्ता होने की भूमिका के अनुरूप कर्मचारियों की वैध अपेक्षाओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाना चाहिए जो संविधान और सुप्रीम कोर्ट की ओर से स्थापित कानून के अनुरूप हो।
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याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि उनकी नियुक्ति उचित, पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से हुई, वे आवश्यक योग्यता रखते हैं और एक दशक से अधिक समय से संतोषजनक ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद नियमितीकरण से वंचित रखना मनमाना, भेदभावपूर्ण और संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 का उल्लंघन है।
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याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता हरप्रिया खानेका ने तर्क दिया कि उनका मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्णय जग्गो बनाम भारत सरकार से पूरी तरह कवर है, जिसमें समान परिस्थितियों में संविदा कर्मचारियों को नियमितीकरण पर विचार का अधिकार दिया गया था। अदालत ने कहा कि स्पष्ट नीति के अभाव में मनरेगा के संविदा कर्मचारी अनिश्चितता और असुरक्षा की स्थिति में हैं। हाईकोर्ट ने याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल को संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर अपना पक्ष हलफनामे के रूप में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। ।
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