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कन्या भ्रूण हत्या और घटते लिंगानुपात पर केंद्र सरकार झूठ बोल रही: दीपेंद्र
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकसभा में सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा के घटते लिंगानुपात और कन्या भ्रूण हत्या पर केंद्र सरकार पर झूठे आकंड़े पेश करने का आरोप लगाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में कहा कि पिछले 4-5 सालों में लिंग अनुपात कम नहीं हुआ। दीपेंद्र हुड्डा के तारांकित प्रश्न पर सरकार की तरफ से पहले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जवाब दिया।
हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि 2019 में प्रति हजार बेटों पर 922 बेटियों का जन्म हुआ। 2023-24 में यह संख्या घटकर 906 रह गई। रोहतक में दिशा मीटिंग के आंकड़ों के अनुसार 2025 में यह आंकड़ा 814 रह गया। इससे पहले हरियाणा में वर्ष 2011 से 2019 तक लिंगानुपात में काफी संतुष्टिपूर्ण सुधार हुआ था। हुड्डा ने पूछा कि अबॉर्शन किट्स व ड्रग्स की खुली बिक्री पर कोई नियंत्रण क्यों नहीं है? आईवीएफ सेंटर्स के माध्यम से मेल चाइल्ड बर्थ की बढ़ती संख्या पर अंकुश क्यों नहीं है? एक माह में 1500 में से 300 अबॉर्शन सेंटर्स रातों-रात क्यों बंद हुए?
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चंडीगढ़। लोकसभा में सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा के घटते लिंगानुपात और कन्या भ्रूण हत्या पर केंद्र सरकार पर झूठे आकंड़े पेश करने का आरोप लगाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने संसद में कहा कि पिछले 4-5 सालों में लिंग अनुपात कम नहीं हुआ। दीपेंद्र हुड्डा के तारांकित प्रश्न पर सरकार की तरफ से पहले स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जवाब दिया।
हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों का हवाला देते हुए सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि 2019 में प्रति हजार बेटों पर 922 बेटियों का जन्म हुआ। 2023-24 में यह संख्या घटकर 906 रह गई। रोहतक में दिशा मीटिंग के आंकड़ों के अनुसार 2025 में यह आंकड़ा 814 रह गया। इससे पहले हरियाणा में वर्ष 2011 से 2019 तक लिंगानुपात में काफी संतुष्टिपूर्ण सुधार हुआ था। हुड्डा ने पूछा कि अबॉर्शन किट्स व ड्रग्स की खुली बिक्री पर कोई नियंत्रण क्यों नहीं है? आईवीएफ सेंटर्स के माध्यम से मेल चाइल्ड बर्थ की बढ़ती संख्या पर अंकुश क्यों नहीं है? एक माह में 1500 में से 300 अबॉर्शन सेंटर्स रातों-रात क्यों बंद हुए?
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