{"_id":"687126f713b2ec9398022c2c","slug":"bittu-bajrangi-sought-permission-from-the-high-court-to-participate-in-a-religious-procession-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1072-760571-2025-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: बिट्टू बजरंगी ने धार्मिक जुलूस में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट से मांगी अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: बिट्टू बजरंगी ने धार्मिक जुलूस में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट से मांगी अनुमति
विज्ञापन
नूंह हिंसा के मामले में आरोपी हैं बिट्टू बजरंगी
पूजा करने के अधिकार को बनाया है याचिका में आधार, जल्द होगी सुनवाई
चंडीगढ़। गौ रक्षक और नूंह हिंसा मामले में आरोपी बिट्टू बजरंगी ने सावन के पहले सोमवार को आयोजित होने वाली धार्मिक यात्रा में शामिल होने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अनुमति मांगी है। याची ने संविधान में दिए पूजा के अधिकार का याचिका में हवाला देते हुए कहा कि उसे नूंह में निकलने वाली धार्मिक यात्रा में भाग लेने दिया जाए।
याची ने बताया कि वह गौ रक्षा बजरंग फोर्स का संस्थापक है। पिछले साल जुलाई में नूंह में विश्व हिंदू परिषद की बृज मंडल यात्रा के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। भीड़ की ओर से जुलूस पर पथराव के बाद शुरू हुई हिंसा में दो होमगार्ड सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। गुरुग्राम में भी कई जगह आगजनी की घटनाएं हुई थीं और एक मस्जिद में नायब इमाम की हत्या कर दी गई थी। बजरंगी ने इस वर्ष भी प्रशासन से बृज मंडल यात्रा में भाग लेने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उसका आवेदन अभी लंबित है। अब उसने हाईकोर्ट में गुहार लगाते हुए दावा किया कि वह शांतिपूर्ण ढंग से धार्मिक यात्रा में भाग लेना चाहता है और प्रशासन को इससे आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट अब इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है कि क्या आरोपी को सावन माह में धार्मिक जुलूस में शामिल होने की अनुमति दी जाए या नहीं। मामला संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इससे जुड़ा घटनाक्रम पहले ही व्यापक हिंसा और तनाव का कारण बन चुका है।
विज्ञापन
पूजा करने के अधिकार को बनाया है याचिका में आधार, जल्द होगी सुनवाई
चंडीगढ़। गौ रक्षक और नूंह हिंसा मामले में आरोपी बिट्टू बजरंगी ने सावन के पहले सोमवार को आयोजित होने वाली धार्मिक यात्रा में शामिल होने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अनुमति मांगी है। याची ने संविधान में दिए पूजा के अधिकार का याचिका में हवाला देते हुए कहा कि उसे नूंह में निकलने वाली धार्मिक यात्रा में भाग लेने दिया जाए।
याची ने बताया कि वह गौ रक्षा बजरंग फोर्स का संस्थापक है। पिछले साल जुलाई में नूंह में विश्व हिंदू परिषद की बृज मंडल यात्रा के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। भीड़ की ओर से जुलूस पर पथराव के बाद शुरू हुई हिंसा में दो होमगार्ड सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। गुरुग्राम में भी कई जगह आगजनी की घटनाएं हुई थीं और एक मस्जिद में नायब इमाम की हत्या कर दी गई थी। बजरंगी ने इस वर्ष भी प्रशासन से बृज मंडल यात्रा में भाग लेने की अनुमति मांगी थी, लेकिन उसका आवेदन अभी लंबित है। अब उसने हाईकोर्ट में गुहार लगाते हुए दावा किया कि वह शांतिपूर्ण ढंग से धार्मिक यात्रा में भाग लेना चाहता है और प्रशासन को इससे आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हाईकोर्ट अब इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है कि क्या आरोपी को सावन माह में धार्मिक जुलूस में शामिल होने की अनुमति दी जाए या नहीं। मामला संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इससे जुड़ा घटनाक्रम पहले ही व्यापक हिंसा और तनाव का कारण बन चुका है।
विज्ञापन