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Chandigarh-Haryana News: मर्ज या बंद हो चुके विद्यालयों के भवनों में संचालित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र
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-गांवों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी खाली भवनों या दूसरे सरकारी भवनों में किया जाएगा संचालित
अमर उजाला ब्यूरो,
चंडीगढ़। प्रदेश के गांवों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को किराए के बजाय सरकारी या फिर अपने ही भवनों में संचालित किया जाएगा। यदि सरकारी विद्यालयों के भवन किन्हीं कारण से खाली हैं तो वहां भी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन करने की सरकार की योजना है। महिला एवं बाल विकास विभाग निदेशालय ने कुछ माह पहले माैलिक शिक्षा निदेशालय से ब्योरा मांगा था। अब माैलिक शिक्षा निदेशालय की तरफ से भी सभी जिलों से खाली विद्यालयों का ब्योरा मांगा गया है।
महिला एवं बाल विभाग निदेशालय की तरफ से निदेशालय माैलिक शिक्षा से सहयोग मांगा था। महिला एवं बाल विभाग निदेशालय की निदेशक मोनिका मलिक के पत्र के बाद प्रदेश के सभी जिला माैलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर ब्योरा मांगा गया है। इसमें प्रदेश के किसी भी गांव में राजकीय प्राथमिक या माध्यमिक विद्यालय बंद या अन्य मर्ज हो चुके हैं और संबंधित भवन किन्हीं कारणों से खाली पड़े हैं तो इसका ब्योरा 12 जून तक मांगा गया है। महिला एवं बाल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे भवनों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालन की योजना है।
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सक्षम योजना के तहत हो रहा काम
केंद्र सरकार की सक्षम आंगनबाड़ी योजना के तहत काम हो रहा है। महिला एवं बाल विभाग निदेशालय का प्रयास है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र किराए की बजाय स्वयं के भवन में संचालित हों। प्रदेश में करीब 25 हजार आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिसमें करीब 10 हजार ऐसे केंद्र हैं, जो खुद के भवनों के बजाय कम्युनिटी सेंटरों, चाैपालों, सरकारी स्कूलों, डिस्पेंसरी या फिर दूसरे सरकारी भवनों में संचालित हैं। फिर भी जो भी आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित हैं उन्हें स्वयं के भवनों या फिर खाली सरकारी स्कूलों के भवनों में संचालित करने की योजना है।
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अमर उजाला ब्यूरो,
चंडीगढ़। प्रदेश के गांवों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को किराए के बजाय सरकारी या फिर अपने ही भवनों में संचालित किया जाएगा। यदि सरकारी विद्यालयों के भवन किन्हीं कारण से खाली हैं तो वहां भी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन करने की सरकार की योजना है। महिला एवं बाल विकास विभाग निदेशालय ने कुछ माह पहले माैलिक शिक्षा निदेशालय से ब्योरा मांगा था। अब माैलिक शिक्षा निदेशालय की तरफ से भी सभी जिलों से खाली विद्यालयों का ब्योरा मांगा गया है।
महिला एवं बाल विभाग निदेशालय की तरफ से निदेशालय माैलिक शिक्षा से सहयोग मांगा था। महिला एवं बाल विभाग निदेशालय की निदेशक मोनिका मलिक के पत्र के बाद प्रदेश के सभी जिला माैलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर ब्योरा मांगा गया है। इसमें प्रदेश के किसी भी गांव में राजकीय प्राथमिक या माध्यमिक विद्यालय बंद या अन्य मर्ज हो चुके हैं और संबंधित भवन किन्हीं कारणों से खाली पड़े हैं तो इसका ब्योरा 12 जून तक मांगा गया है। महिला एवं बाल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे भवनों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालन की योजना है।
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सक्षम योजना के तहत हो रहा काम
केंद्र सरकार की सक्षम आंगनबाड़ी योजना के तहत काम हो रहा है। महिला एवं बाल विभाग निदेशालय का प्रयास है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्र किराए की बजाय स्वयं के भवन में संचालित हों। प्रदेश में करीब 25 हजार आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिसमें करीब 10 हजार ऐसे केंद्र हैं, जो खुद के भवनों के बजाय कम्युनिटी सेंटरों, चाैपालों, सरकारी स्कूलों, डिस्पेंसरी या फिर दूसरे सरकारी भवनों में संचालित हैं। फिर भी जो भी आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित हैं उन्हें स्वयं के भवनों या फिर खाली सरकारी स्कूलों के भवनों में संचालित करने की योजना है।
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