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Chandigarh-Haryana News: सीईटी हुए 44 दिन बीते, करेक्शन पोर्टल खुला न आया परिणाम
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-हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दाैरान मुख्यमंत्री ने 25 अगस्त को दो दिन के अंदर पोर्टल खोलने की कही थी बात
अमर उजाला ब्यूरो,
चंडीगढ़। सीईटी (संयुक्त पात्रता परीक्षा)-2025 के आयोजन को 44 दिन बीत गए लेकिन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से करेक्शन पोर्टल नहीं खोला गया। परिणाम भी करेक्शन पोर्टल न खुलने से अटका हुआ है। मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र के दाैरान 25 अगस्त को घोषणा की थी कि करेक्शन पोर्टल दो दिन के अंदर खोला जाएगा। फिर भी आयोग करेक्शन पोर्टल नहीं खोल सका है।
आयोग ने चार सत्रों में 26 जुलाई और 27 जुलाई को सीईटी का आयोजन किया था। परीक्षा में कुल 12,46,497 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। विधानसभा के मानसून सत्र के दाैरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एक-दो दिन के अंदर करेक्शन पोर्टल खोला जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा को भी 15 दिन बीतने को हैं लेकिन पोर्टल नहीं खोला गया। सोनीपत के मनोज का कहना है कि आयोग ने 2019 से 2024 के बीच क्लर्क, हरियाणा पुलिस व अन्य कई परीक्षाएं आयोजित कराईं लेकिन सभी परिणाम में कोर्ट के आदेश पर संशोधन जरूर हुआ। आयोग जब भी परीक्षा आयोजित कराए तब कानूनी रूप से भी सक्षम हो जिससे कोई दिक्कत न हो। जींद के नवीन और रेवाड़ी के संदीप ढाका का कहना है कि परिणाम में देरी होने से भी परीक्षार्थियों का नुकसान होगा। पिछली बार 2022 में सीईटी का आयोजन हुआ था और जनवरी 2023 में परिणाम आया था। सीईटी के नियमों के अनुसार तीन वर्ष तक सीईटी में प्राप्त स्कोर मान्य होगा परिणाम देरी से आने से केवल एक ही सीईटी के अंकों का लाभ मिल सकेगा। इसलिए आयोग को करेक्शन पोर्टल खोलना चाहिए। वहीं, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य भूपेंद्र चाैहान बयान जारी करके कह चुके हैं कि जल्द ही परिणाम जारी किया जाएगा।
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नाॅर्मलाइजेशन का फाॅर्मूल सार्वजनिक करे आयोग : श्वेता ढुल
कांग्रेस की नेता श्वेता ढुल का कहना है कि परीक्षा में शामिल रहे परीक्षार्थियों ने बताया था कि 26 जुलाई की सुबह और 27 जुलाई की शाम का प्रश्न-पत्र कठिन आया था। ऐसे में आयोग नाॅर्मलाइजेशन का फाॅर्मूला लागू करने की बात कह चुका है। आयोग को नाॅर्मलाइजेशन का फाॅर्मूला तो लागू करना चाहिए लेकिन यह भी सार्वजनिक करना चाहिए कि फाॅर्मूला किस तरह से लागू किया गया है।
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अमर उजाला ब्यूरो,
चंडीगढ़। सीईटी (संयुक्त पात्रता परीक्षा)-2025 के आयोजन को 44 दिन बीत गए लेकिन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से करेक्शन पोर्टल नहीं खोला गया। परिणाम भी करेक्शन पोर्टल न खुलने से अटका हुआ है। मुख्यमंत्री ने मानसून सत्र के दाैरान 25 अगस्त को घोषणा की थी कि करेक्शन पोर्टल दो दिन के अंदर खोला जाएगा। फिर भी आयोग करेक्शन पोर्टल नहीं खोल सका है।
आयोग ने चार सत्रों में 26 जुलाई और 27 जुलाई को सीईटी का आयोजन किया था। परीक्षा में कुल 12,46,497 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। विधानसभा के मानसून सत्र के दाैरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि एक-दो दिन के अंदर करेक्शन पोर्टल खोला जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा को भी 15 दिन बीतने को हैं लेकिन पोर्टल नहीं खोला गया। सोनीपत के मनोज का कहना है कि आयोग ने 2019 से 2024 के बीच क्लर्क, हरियाणा पुलिस व अन्य कई परीक्षाएं आयोजित कराईं लेकिन सभी परिणाम में कोर्ट के आदेश पर संशोधन जरूर हुआ। आयोग जब भी परीक्षा आयोजित कराए तब कानूनी रूप से भी सक्षम हो जिससे कोई दिक्कत न हो। जींद के नवीन और रेवाड़ी के संदीप ढाका का कहना है कि परिणाम में देरी होने से भी परीक्षार्थियों का नुकसान होगा। पिछली बार 2022 में सीईटी का आयोजन हुआ था और जनवरी 2023 में परिणाम आया था। सीईटी के नियमों के अनुसार तीन वर्ष तक सीईटी में प्राप्त स्कोर मान्य होगा परिणाम देरी से आने से केवल एक ही सीईटी के अंकों का लाभ मिल सकेगा। इसलिए आयोग को करेक्शन पोर्टल खोलना चाहिए। वहीं, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य भूपेंद्र चाैहान बयान जारी करके कह चुके हैं कि जल्द ही परिणाम जारी किया जाएगा।
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नाॅर्मलाइजेशन का फाॅर्मूल सार्वजनिक करे आयोग : श्वेता ढुल
कांग्रेस की नेता श्वेता ढुल का कहना है कि परीक्षा में शामिल रहे परीक्षार्थियों ने बताया था कि 26 जुलाई की सुबह और 27 जुलाई की शाम का प्रश्न-पत्र कठिन आया था। ऐसे में आयोग नाॅर्मलाइजेशन का फाॅर्मूला लागू करने की बात कह चुका है। आयोग को नाॅर्मलाइजेशन का फाॅर्मूला तो लागू करना चाहिए लेकिन यह भी सार्वजनिक करना चाहिए कि फाॅर्मूला किस तरह से लागू किया गया है।
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