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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   43 FIRs registered in cases of illegal abortion, phone records of accused being scrutinised

Chandigarh-Haryana News: अवैध गर्भपात के मामलों में 43 एफआईआर दर्ज, आरोपियों के खंगाले जा रहे फोन रिकॉर्ड

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अवैध गर्भपात में शामिल 38 निजी अस्पतालों को भी नोटिस जारी किए गए हैं
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चंडीगढ़। स्वास्थ्य विभाग ने अवैध गर्भपात के मामलों में कार्रवाई तेज कर दी है। हरियाणा में लिंगानुपात सुधारने के लिए राज्य टास्क फोर्स (एसटीएफ) की साप्ताहिक बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि 12 सप्ताह से अधिक के गर्भपात के मामलों की रिवर्स ट्रैकिंग के मामलों में कुल 43 एफआईआर दर्ज की गई हैं। तीन एफआईआर प्रक्रियाधीन है। कुल 38 निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को संदिग्ध अवैध गर्भपात के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, पुलिस भी अवैध गर्भपात के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आरोपियों के फोन रिकॉर्ड और लोकेशन हिस्ट्री को खंगाल रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने बैठक में निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं से जुड़ी सहेलियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने के निर्देश है जहां गर्भपात हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग के लिए एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ड्यूटी लगाई हुई थी।
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बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया, नरेला से आकर सोनीपत में एमटीपी किट की आपूर्ति करने वाले एक झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा राज्य की टीम अब 12 सप्ताह से अधिक समय के हुए गर्भपात मामलों की भी रिवर्स ट्रैकिंग करेगा।
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रिवर्स ट्रैकिंग के जरिये पता लगाया जाता है कि महिला का गर्भपात कब और किन परिस्थितियों में हुआ है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी जिलों के सीएमओ को पुलिस के साथ सक्रिय समन्वय के साथ-साथ सभी कानूनी सहायता प्रदान की जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन सभी मामलों को अदालतों में उनके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने अधिकारियों को स्टाफिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और इन मामलों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सीएमओ के पास कानूनी मैनपावर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में बताया गया कि स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग के निरंतर प्रयासों के चलते राज्य में 1 जनवरी से 18 अगस्त, 2025 तक लिंगानुपात 905 दर्ज किया गया है जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 899 था। बैठक के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अवैध गर्भपात के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया और अधिकारियों को दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसमें दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द करने के भी निर्देश दिए।
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