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Chandigarh-Haryana News: डिजिटल अरेस्ट से 3 करोड़ की ठगी, आरोपी को जमानत से हाईकोर्ट का इन्कार
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-गुरुग्राम में महिला को डिजिटल अरेस्ट कर विभिन्न खातों में डलवाई गई थी राशि
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 3 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में आरोपी को नियमित जमानत देने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराध बढ़ रहे हैं और हर दिन सुनने में आता है कि आम लोगों के मेहनत की कमाई को चपत लगाई जा रही है।
याचिका दाखिल करते हुए मुकेश ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा पुलिस ने जनवरी में ठगी की एफआईआर दर्ज की थी। शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि उसे एक कॉल आई जिसमें कहा गया था कि उससे जुड़े फोन नंबर व खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है। उससे 3 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में डालने को कहा गया। धमकी दी गई कि यदि इस बारे में परिवार के किसी को बताया तो वह भी इस मामले में फंस जाएंगे। महिला को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल करके डिजिटल अरेस्ट किया और कमरे से बाहर नहीं जाने दिया गया। याची मुकेश के अनुसार इस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया। याची ने कहा कि इस मामले में उसकी भूमिका केवल इतनी है कि उसने एक बैंक अकाउंट किट का प्रबंध किया था जिसमें शिकायतकर्ता ने बाद में पैसे जमा करवाए थे। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि उसे इस मामले में नियमित जमानत दी जाए। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराध बढ़ रहे हैं और हर दिन सुनने में आता है कि आम लोगों को उनकी मेहनत की कमाई का चूना लगाया जा रहा है। याची के खिलाफ आरोप बेहद गंभीर हैं और उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 3 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में आरोपी को नियमित जमानत देने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराध बढ़ रहे हैं और हर दिन सुनने में आता है कि आम लोगों के मेहनत की कमाई को चपत लगाई जा रही है।
याचिका दाखिल करते हुए मुकेश ने हाईकोर्ट को बताया कि हरियाणा पुलिस ने जनवरी में ठगी की एफआईआर दर्ज की थी। शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि उसे एक कॉल आई जिसमें कहा गया था कि उससे जुड़े फोन नंबर व खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में किया गया है। उससे 3 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में डालने को कहा गया। धमकी दी गई कि यदि इस बारे में परिवार के किसी को बताया तो वह भी इस मामले में फंस जाएंगे। महिला को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल करके डिजिटल अरेस्ट किया और कमरे से बाहर नहीं जाने दिया गया। याची मुकेश के अनुसार इस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया। याची ने कहा कि इस मामले में उसकी भूमिका केवल इतनी है कि उसने एक बैंक अकाउंट किट का प्रबंध किया था जिसमें शिकायतकर्ता ने बाद में पैसे जमा करवाए थे। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि उसे इस मामले में नियमित जमानत दी जाए। कोर्ट ने कहा कि इस तरह के अपराध बढ़ रहे हैं और हर दिन सुनने में आता है कि आम लोगों को उनकी मेहनत की कमाई का चूना लगाया जा रहा है। याची के खिलाफ आरोप बेहद गंभीर हैं और उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
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