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Chandigarh-Haryana News: प्रदेश में 11 लाख एकड़ फसल चौपट, 30 नवंबर तक मिलेगा मुआवजा
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-फतेहाबाद में सबसे अधिक नुकसान का आकलन, करीब 800 करोड़ रुपये तक का बनेगा कुल मुआवजा, सत्यापन अंतिम चरण में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बरसात और बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा हरियाणा में 30 नवंबर तक जारी कर दिया जाएगा। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार अब तक करीब 11 लाख एकड़ में फसलों को कम या ज्यादा नुकसान का आकलन सामने आया है।
फतेहाबाद जिला सबसे अधिक प्रभावित है जहां लगभग 50–60 करोड़ रुपये तक के मुआवजे का प्रारंभिक अनुमान बनाया गया है। सत्यापन पूरा होते ही मुआवजे की कुल राशि लगभग 600 से 800 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है। संपूर्ण आकलन रिपोर्ट अब अंतिम चरण में है जिसे कुछ दिनों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास भेजा जाएगा।
प्रदेश के 6,395 गांवों के 5,29,200 किसानों ने पोर्टल पर फसलों के नुकसान का विवरण दर्ज किया था। किसानों ने कुल 31 लाख एकड़ (31,00,242.60) क्षेत्र में क्षति का दावा किया था। राजस्व विभाग (पटवारी स्तर पर) ने गिरदावरी का काम पूरा कर लिया है और अब सत्यापन का काम आखिरी चरण में है।
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राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेशभर में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। फतेहाबाद में हुई क्षति के आकलन की क्रॉस जांच भी की गई है ताकि वास्तविक नुकसान का सटीक पता चल सके। इसके बाद सिरसा, कैथल, अंबाला सहित रोहतक के महम और हिसार की फतेहाबाद सीमा से सटे गांवों में भी भारी नुकसान का आकलन किया गया है।
वर्जन--
मुआवजा चार स्लैब 0-25%, 26-50%, 51-75% और 76-100% के आधार पर किसानों को दिया जाएगा। विभाग तेजी से काम पूरा कर रहा है ताकि जल्द सरकार को अंतिम रिपोर्ट भेजी जा सके। रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर निर्धारित समय सीमा में किसानों तक मुआवजा पहुंचाने की तैयारी है।
-डाॅ. यशपाल, महानिदेशक, भू-अभिलेख हरियाणा
सत्यापन में इतने क्षेत्रफल का काम शेष
कानूनगो स्तर पर : 331.76 एकड़
तहसीलदार स्तर पर : 635.71 एकड़
एसडीएम स्तर पर : 8560.70 एकड़
जिला स्तर अधिकारियों पर : 236.68 एकड़
उपायुक्त स्तर पर : 635.71 एकड़
मंडल आयुक्त स्तर पर : 6946.68 एकड़
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बरसात और बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा हरियाणा में 30 नवंबर तक जारी कर दिया जाएगा। राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार अब तक करीब 11 लाख एकड़ में फसलों को कम या ज्यादा नुकसान का आकलन सामने आया है।
फतेहाबाद जिला सबसे अधिक प्रभावित है जहां लगभग 50–60 करोड़ रुपये तक के मुआवजे का प्रारंभिक अनुमान बनाया गया है। सत्यापन पूरा होते ही मुआवजे की कुल राशि लगभग 600 से 800 करोड़ रुपये के बीच रहने का अनुमान है। संपूर्ण आकलन रिपोर्ट अब अंतिम चरण में है जिसे कुछ दिनों में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के पास भेजा जाएगा।
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प्रदेश के 6,395 गांवों के 5,29,200 किसानों ने पोर्टल पर फसलों के नुकसान का विवरण दर्ज किया था। किसानों ने कुल 31 लाख एकड़ (31,00,242.60) क्षेत्र में क्षति का दावा किया था। राजस्व विभाग (पटवारी स्तर पर) ने गिरदावरी का काम पूरा कर लिया है और अब सत्यापन का काम आखिरी चरण में है।
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राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, प्रदेशभर में हुए नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। फतेहाबाद में हुई क्षति के आकलन की क्रॉस जांच भी की गई है ताकि वास्तविक नुकसान का सटीक पता चल सके। इसके बाद सिरसा, कैथल, अंबाला सहित रोहतक के महम और हिसार की फतेहाबाद सीमा से सटे गांवों में भी भारी नुकसान का आकलन किया गया है।
वर्जन
मुआवजा चार स्लैब 0-25%, 26-50%, 51-75% और 76-100% के आधार पर किसानों को दिया जाएगा। विभाग तेजी से काम पूरा कर रहा है ताकि जल्द सरकार को अंतिम रिपोर्ट भेजी जा सके। रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर निर्धारित समय सीमा में किसानों तक मुआवजा पहुंचाने की तैयारी है।
-डाॅ. यशपाल, महानिदेशक, भू-अभिलेख हरियाणा
सत्यापन में इतने क्षेत्रफल का काम शेष
कानूनगो स्तर पर : 331.76 एकड़
तहसीलदार स्तर पर : 635.71 एकड़
एसडीएम स्तर पर : 8560.70 एकड़
जिला स्तर अधिकारियों पर : 236.68 एकड़
उपायुक्त स्तर पर : 635.71 एकड़
मंडल आयुक्त स्तर पर : 6946.68 एकड़