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Chandigarh-Haryana News: 1.83 लाख किसानों की 10.80 लाख एकड़ फसल खराब, 2247 लोग बेघर...आपदा घोषित नहीं
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प्रभावित जिलों के लिए 3.06 करोड़ रुपये मंजूर: वित्त आयुक्त
नावों, पेशेवर गोताखोरों और अन्य आपातकालीन उपकरणों सहित विशेष बचाव उपकरण तैनात
चंडीगढ़। प्रदेशभर में जलभराव के कारण तीन हजार गांवों के 1.83 लाख किसानों की 10.80 लाख एकड़ फसल क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसी तरह बेघर होने वाले 2,247 लोगों का सुरक्षित स्थानों पर नया ठिकाना बन चुका है। इसके बावजूद सरकार की ओर से अभी तक प्रदेश में आपदा घोषित नहीं की गई है। वित्त आयुक्त के मुताबिक जलभराव से प्रभावित जिलों को राहत पहुंचाने के लिए 3.06 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार जीवन और आजीविका की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
डाॅ. मिश्रा के मुताबिक स्वीकृत 3.06 करोड़ रुपये प्रभावित लोगों को भोजन, वस्त्र, बेघर परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय, तंबू, पशुओं के लिए चारा सहित अन्य जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों में मकान ढहने से जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिवारों को वित्तीय सहायता के तौर पर 44 लाख रुपये (प्रत्येक को 4 लाख रुपये) दिए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में जल निकासी के कामों के लिए 50 लाख रुपये दिए गए हैं।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि लगातार बारिश के कारण कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। बारिश से प्रभावित 2,247 लोगों को सकुशल राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। खासकर पलवल, फरीदाबाद, फतेहाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों में।
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एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व स्थानीय प्रशासन की टीमें मुस्तैद
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं। नावों, पेशेवर गोताखोरों और अन्य आपातकालीन उपकरणों सहित विशेष बचाव उपकरण भेजे गए हैं। एसडीआरएफ की इकाइयां सात जिलों पलवल, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और फरीदाबाद में तैनात की गई हैं जबकि एनडीआरएफ की टीमें पलवल में विशेष सहायता प्रदान कर रही हैं।
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नावों, पेशेवर गोताखोरों और अन्य आपातकालीन उपकरणों सहित विशेष बचाव उपकरण तैनात
चंडीगढ़। प्रदेशभर में जलभराव के कारण तीन हजार गांवों के 1.83 लाख किसानों की 10.80 लाख एकड़ फसल क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसी तरह बेघर होने वाले 2,247 लोगों का सुरक्षित स्थानों पर नया ठिकाना बन चुका है। इसके बावजूद सरकार की ओर से अभी तक प्रदेश में आपदा घोषित नहीं की गई है। वित्त आयुक्त के मुताबिक जलभराव से प्रभावित जिलों को राहत पहुंचाने के लिए 3.06 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सरकार जीवन और आजीविका की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठा रही है।
डाॅ. मिश्रा के मुताबिक स्वीकृत 3.06 करोड़ रुपये प्रभावित लोगों को भोजन, वस्त्र, बेघर परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय, तंबू, पशुओं के लिए चारा सहित अन्य जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों में मकान ढहने से जान गंवाने वाले व्यक्तियों के परिवारों को वित्तीय सहायता के तौर पर 44 लाख रुपये (प्रत्येक को 4 लाख रुपये) दिए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में जल निकासी के कामों के लिए 50 लाख रुपये दिए गए हैं।
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डॉ. मिश्रा ने कहा कि लगातार बारिश के कारण कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। बारिश से प्रभावित 2,247 लोगों को सकुशल राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। खासकर पलवल, फरीदाबाद, फतेहाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों में।
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एनडीआरएफ, एसडीआरएफ व स्थानीय प्रशासन की टीमें मुस्तैद
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय प्रशासन की टीमें संयुक्त रूप से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं। नावों, पेशेवर गोताखोरों और अन्य आपातकालीन उपकरणों सहित विशेष बचाव उपकरण भेजे गए हैं। एसडीआरएफ की इकाइयां सात जिलों पलवल, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और फरीदाबाद में तैनात की गई हैं जबकि एनडीआरएफ की टीमें पलवल में विशेष सहायता प्रदान कर रही हैं।