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Chandigarh-Haryana News: गुरुग्राम, फरीदाबाद व सोनीपत में नवंबर से 10 साल पुराने वाहनों को नहीं मिलेगा डीजल
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सख्ती...15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर भी लागू होगा नियम
अप्रैल 2026 तक एनसीआर के बचे हुए जिलों में भी लागू होगा यह प्रतिबंध
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 1 नवंबर से गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जिलों में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। यह प्रतिबंध एक अप्रैल 2026 तक एनसीआर के सभी 14 जिलों में लागू हो जाएगा।
इस नियम को लागू करने के लिए सभी फ्यूल स्टेशनों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकाॅग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाएंगे। पहले चरण में ये कैमरे गुरुग्राम, सोनीपत और फरीदाबाद में 31 अक्टूबर तक लगा दिए जाएंगे। शेष 11 जिलों में 31 मार्च 2026 तक यह काम पूरा होगा।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशानुसार प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल का प्रबंधन करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है।
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मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विस्तृत रणनीति बनाने के साथ-साथ इसकी समय-सीमा भी तय की गई। इसके अतिरिक्त ग्रीन मोबिलिटी की तरफ सरकार ने अनिवार्य किया कि आगे से केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर ऑटोरिक्शा को ही बेड़े में शामिल किया जाएगा।
आवश्यक सेवाओं और दिल्ली में पंजीकृत वाहनों को छोड़कर एक नवंबर से केवल बीएस-छह अनुपालन वाले हल्के, मध्यम और भारी माल वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी और झज्जर जिले में गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित किए जाएंगे
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी और झज्जर जिलों में 10 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र (सीएएक्यूएमएस) स्थापित करेगा। इसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। वर्ष 2028 की तय समय-सीमा के बजाय 2026 तक ईंट भट्टों में धान की पराली आधारित बायोमास पेलेट्स, ईंट की 50 फीसदी अनिवार्य को-फायरिंग के लक्ष्य को हासिल करने का लक्ष्य है।
382 बीएस-6 बसें बेड़े में शामिल होंगी
बैठक में बताया गया कि हरियाणा और दिल्ली के बीच बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए अक्तूबर के अंत तक 382 बीएस-छह बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी। एक नवंबर 2026 से पर्यटक बसों और विशेष परमिट वाले वाहनों समेत दिल्ली में प्रवेश करने वाली सभी बसें ईवी, सीएनजी, बीएस-छह मोड में संचालित होगी। वहीं, प्रदेश में निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) मलबे के प्रबंधन और सड़क के धूल को कम करने में तेजी लाई जाएगी। गुरुग्राम में सीएंडडी सुविधा स्थापित होनी है। सड़क-स्वामित्व वाली सभी एजेंसियों को वर्ष 2025-26 के लिए गुरुग्राम और फरीदाबाद में कम से कम एक मॉडल स्ट्रेच विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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अप्रैल 2026 तक एनसीआर के बचे हुए जिलों में भी लागू होगा यह प्रतिबंध
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। 1 नवंबर से गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जिलों में 10 साल से पुराने डीजल और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। यह प्रतिबंध एक अप्रैल 2026 तक एनसीआर के सभी 14 जिलों में लागू हो जाएगा।
इस नियम को लागू करने के लिए सभी फ्यूल स्टेशनों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकाॅग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाएंगे। पहले चरण में ये कैमरे गुरुग्राम, सोनीपत और फरीदाबाद में 31 अक्टूबर तक लगा दिए जाएंगे। शेष 11 जिलों में 31 मार्च 2026 तक यह काम पूरा होगा।
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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशानुसार प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल का प्रबंधन करने के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप पेश किया है।
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मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विस्तृत रणनीति बनाने के साथ-साथ इसकी समय-सीमा भी तय की गई। इसके अतिरिक्त ग्रीन मोबिलिटी की तरफ सरकार ने अनिवार्य किया कि आगे से केवल सीएनजी या इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर ऑटोरिक्शा को ही बेड़े में शामिल किया जाएगा।
आवश्यक सेवाओं और दिल्ली में पंजीकृत वाहनों को छोड़कर एक नवंबर से केवल बीएस-छह अनुपालन वाले हल्के, मध्यम और भारी माल वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी और झज्जर जिले में गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित किए जाएंगे
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) फरीदाबाद, गुरुग्राम, रेवाड़ी और झज्जर जिलों में 10 वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र (सीएएक्यूएमएस) स्थापित करेगा। इसके लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। वर्ष 2028 की तय समय-सीमा के बजाय 2026 तक ईंट भट्टों में धान की पराली आधारित बायोमास पेलेट्स, ईंट की 50 फीसदी अनिवार्य को-फायरिंग के लक्ष्य को हासिल करने का लक्ष्य है।
382 बीएस-6 बसें बेड़े में शामिल होंगी
बैठक में बताया गया कि हरियाणा और दिल्ली के बीच बेहतर कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए अक्तूबर के अंत तक 382 बीएस-छह बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी। एक नवंबर 2026 से पर्यटक बसों और विशेष परमिट वाले वाहनों समेत दिल्ली में प्रवेश करने वाली सभी बसें ईवी, सीएनजी, बीएस-छह मोड में संचालित होगी। वहीं, प्रदेश में निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) मलबे के प्रबंधन और सड़क के धूल को कम करने में तेजी लाई जाएगी। गुरुग्राम में सीएंडडी सुविधा स्थापित होनी है। सड़क-स्वामित्व वाली सभी एजेंसियों को वर्ष 2025-26 के लिए गुरुग्राम और फरीदाबाद में कम से कम एक मॉडल स्ट्रेच विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।