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खेमका की सीबीआई जांच कराएगी हुड्डा सरकार
डॉ. सुरेंद्र धीमान/ अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 18 Jan 2014 10:39 AM IST
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रॉबर्ट वाड्रा-डीएलएफ डील की जमीन का म्युटेशन रद्द करने के बाद हरियाणा सरकार के निशाने पर आए वरिष्ठ आईएएस अशोक खेमका के खिलाफ गोदाम बनाने का ठेका देने में गड़बड़ी की आशंका पर सीबीआई जांच कराई जाएगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसी सप्ताह यह मंजूरी दी। जल्द ही केंद्र सरकार से करोड़ों रुपये के इस मामले की सीबीआई जांच का आग्रह किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, एक आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र कुमार ने 19 अगस्त, 2013 को मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के एमडी पद पर रहते हुए अशोक खेमका ने गोदामों की छत गैलवैल्यूम शीट के साथ बदलने के टेंडर बिना मंजूरी के जारी किए थे। पत्र में सीबीआई जांच की मांग की गई थी। अशोक खेमका 11 जुलाई, 2008 से 23 अप्रैल, 2010 तक वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के एमडी रहे थे।
इस शिकायत पर मुख्य सचिव पीके चौधरी ने 19 सितंबर को कृषि विभाग के प्रधान सचिव से इस आरोपों पर जांच करके अपनी रिपोर्ट टिप्पणी समेत भेजने को कहा। कृषि विभाग के प्रधान सचिव कार्यालय के अवर सचिव किरण स्वामी ने 18 नवंबर को मुख्य सचिव को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा कि यह आर्थिक अपराध से संबंधित है, इसलिए मामले की विजिलेंस जांच करवाई जाए।
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जांच रिपोर्ट में लिखे थे ये तथ्य
कृषि विभाग की रिपोर्ट में बताया गया, ‘अशोक खेमका ने बोर्ड से मंजूरी लिए बगैर गैलवैल्यूम मैटीरियल की छत वाले 25 गोदाम बनाने का टेंडर जारी किया था। इसके लिए विदेश की गैलवैल्यूम शीट की शर्त रखी। तकनीकी बोली 28 जनवरी, 2009 को खोली जानी थी और अगले दिन वित्तीय बोली। मगर खेमका ने 28 जनवरी को ही तकनीकी बोली के बाद वित्तीय बोली खोल ली। तकनीकी बोली में डोंग बू ब्रांड शीट की शर्त रख ली। पहला ठेका 7.93 करोड़ रुपये का दिया। शर्तें भी बदल ली। बाद में उसी कंपनी को 18 फरवरी, 2009 को 1.01 करोड़ रुपये और 26 मार्च, 2009 को 3.18 करोड़ रुपये का ठेका दे दिया। यानी बिना मंजूरी के 12.14 करोड़ रुपये के ठेके दे दिए। पारंपरिक पुरानी शीटों को क्यों बदला गया उसका सर्वेक्षण नहीं कराया गया।’
खेमका ने भी कर रखी है सीबीआई से शिकायत
अशोक खेमका ने भी सीबीआई को शिकायत भेज रखी है। इस शिकायत में खेमका ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पांच करोड़ रुपये की सब्सिडी हड़पने का आरोप लगाया है। खेमका ने शिकायत में कई आईएएस अफसरों पर आरोप मढ़े हैं।
गृह विभाग की तरफ से केंद्र को किया जाएगा आग्रह
मुख्य सचिव कार्यालय ने शुक्रवार को गृह विभाग को खेमका के खिलाफ मिली रविंद्र कुमार की मूल शिकायत और कृषि विभाग की टिप्पणी भेजी है। मुख्य सचिव ने कहा है कि इस शिकायत की जांच सीबीआई से करवाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क किया जाए। मुख्यमंत्री ने सीबीआई से जांच कराने की मंजूरी दे दी है।
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हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसी सप्ताह यह मंजूरी दी। जल्द ही केंद्र सरकार से करोड़ों रुपये के इस मामले की सीबीआई जांच का आग्रह किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, एक आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र कुमार ने 19 अगस्त, 2013 को मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में आरोप लगाया था कि हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के एमडी पद पर रहते हुए अशोक खेमका ने गोदामों की छत गैलवैल्यूम शीट के साथ बदलने के टेंडर बिना मंजूरी के जारी किए थे। पत्र में सीबीआई जांच की मांग की गई थी। अशोक खेमका 11 जुलाई, 2008 से 23 अप्रैल, 2010 तक वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के एमडी रहे थे।
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इस शिकायत पर मुख्य सचिव पीके चौधरी ने 19 सितंबर को कृषि विभाग के प्रधान सचिव से इस आरोपों पर जांच करके अपनी रिपोर्ट टिप्पणी समेत भेजने को कहा। कृषि विभाग के प्रधान सचिव कार्यालय के अवर सचिव किरण स्वामी ने 18 नवंबर को मुख्य सचिव को भेजी जांच रिपोर्ट में कहा कि यह आर्थिक अपराध से संबंधित है, इसलिए मामले की विजिलेंस जांच करवाई जाए।
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जांच रिपोर्ट में लिखे थे ये तथ्य
कृषि विभाग की रिपोर्ट में बताया गया, ‘अशोक खेमका ने बोर्ड से मंजूरी लिए बगैर गैलवैल्यूम मैटीरियल की छत वाले 25 गोदाम बनाने का टेंडर जारी किया था। इसके लिए विदेश की गैलवैल्यूम शीट की शर्त रखी। तकनीकी बोली 28 जनवरी, 2009 को खोली जानी थी और अगले दिन वित्तीय बोली। मगर खेमका ने 28 जनवरी को ही तकनीकी बोली के बाद वित्तीय बोली खोल ली। तकनीकी बोली में डोंग बू ब्रांड शीट की शर्त रख ली। पहला ठेका 7.93 करोड़ रुपये का दिया। शर्तें भी बदल ली। बाद में उसी कंपनी को 18 फरवरी, 2009 को 1.01 करोड़ रुपये और 26 मार्च, 2009 को 3.18 करोड़ रुपये का ठेका दे दिया। यानी बिना मंजूरी के 12.14 करोड़ रुपये के ठेके दे दिए। पारंपरिक पुरानी शीटों को क्यों बदला गया उसका सर्वेक्षण नहीं कराया गया।’
खेमका ने भी कर रखी है सीबीआई से शिकायत
अशोक खेमका ने भी सीबीआई को शिकायत भेज रखी है। इस शिकायत में खेमका ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पांच करोड़ रुपये की सब्सिडी हड़पने का आरोप लगाया है। खेमका ने शिकायत में कई आईएएस अफसरों पर आरोप मढ़े हैं।
गृह विभाग की तरफ से केंद्र को किया जाएगा आग्रह
मुख्य सचिव कार्यालय ने शुक्रवार को गृह विभाग को खेमका के खिलाफ मिली रविंद्र कुमार की मूल शिकायत और कृषि विभाग की टिप्पणी भेजी है। मुख्य सचिव ने कहा है कि इस शिकायत की जांच सीबीआई से करवाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क किया जाए। मुख्यमंत्री ने सीबीआई से जांच कराने की मंजूरी दे दी है।