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बीएसएफ जवान को त्रिपुरा से खींच लाई मौत
रोहतक/ब्यूरो
Updated Tue, 22 Oct 2013 10:38 PM IST
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बीएसएफ जवान अमित को क्या पता था कि उसे त्रिपुरा से मौत हरियाणा के जिला रोहतक में खींच लाई है।
परिवार के सदस्य रात से ही अमित के लौटने का इंतजार कर रहे थे। मंगलवार तड़के तीन बजे जब अमित घर पहुंचा तो परिजन उसी वक्त उसकी ससुराल जाने की तैयारियों में जुट गए।
अमित ने अपनी पत्नी को करवा चौथ पर मिलने का वादा किया था। एक साथ परिवार के पांच लोगाें की मौत से गांव में कोहराम मचा हुआ है। मृतकों के परिजनों को ग्रामीण सांत्वना देने में लगे हैं।
मंगलवार को गांव किशनगढ़ निवासी कुलदीप के घर पर अलग ही खुशी का माहौल था। बीएसएफ में त्रिपुरा में तैनात उनका बेटा अमित सुबह घर पहुंच गया था।
अमित को मंगलवार को अपनी पत्नी को गांव समचाना से लेकर आना था। इसे लेकर परिवार के सदस्य तैयारियों में जुटे हुए थे। दोपहर करीब एक बजे अमित अपने भाई मंजीत, उसकी पत्नी और बच्चों के साथ समचाना के लिए रवाना हुए।
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साथ ही बहू आने की खुशी में घर में भी तैयारियां चल रही थीं। करीब आधे घंटे बाद ही हादसे का पता चला तो पलभर में ही खुशियां मातम में बदल गईं और घर में कोहराम मच गया।
यह हाल अमित की ससुराल समचाना में हुआ। जब उन्हें हादसे का पता चला तो पूरा परिवार स्तब्ध रह गया और उसकी पत्नी अचेत हो गई।
परिवार के सदस्य भी आनन-फानन में पीजीआई की तरफ दौड़ पडे़। गांव में एक साथ पांच चिताएं देखकर प्रत्येक ग्रामीण की आंख नम हो गई।
साथ ही हादसे का पता चलने पर आसपास गांव के लोग भी मृतकों के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी। गांव में हादसे को लेकर शोक की लहर दौड़ गई है।
घर पहुंचने पर पत्नी को किया था फोन
अमित ने घर पहुंचने के बाद अपनी पत्नी को फोन कर तैयारियां पूरी करने के लिए कहा था। अमित और उसका भाई मंजीत एक ही घर में शादीशुदा है।
इसलिए वह अपने भाई मंजीत और भाभी को भी साथ लेकर जा रहा था। परंतु भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। पहुंचने से पहले ही एक हंसता खेलता परिवार हादसे का शिकार हो गया। बच्चों की मौत हो लेकर तो ग्रामीणों के भी आंसू नहीं रुक रहे हैं।
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परिवार के सदस्य रात से ही अमित के लौटने का इंतजार कर रहे थे। मंगलवार तड़के तीन बजे जब अमित घर पहुंचा तो परिजन उसी वक्त उसकी ससुराल जाने की तैयारियों में जुट गए।
अमित ने अपनी पत्नी को करवा चौथ पर मिलने का वादा किया था। एक साथ परिवार के पांच लोगाें की मौत से गांव में कोहराम मचा हुआ है। मृतकों के परिजनों को ग्रामीण सांत्वना देने में लगे हैं।
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मंगलवार को गांव किशनगढ़ निवासी कुलदीप के घर पर अलग ही खुशी का माहौल था। बीएसएफ में त्रिपुरा में तैनात उनका बेटा अमित सुबह घर पहुंच गया था।
अमित को मंगलवार को अपनी पत्नी को गांव समचाना से लेकर आना था। इसे लेकर परिवार के सदस्य तैयारियों में जुटे हुए थे। दोपहर करीब एक बजे अमित अपने भाई मंजीत, उसकी पत्नी और बच्चों के साथ समचाना के लिए रवाना हुए।
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साथ ही बहू आने की खुशी में घर में भी तैयारियां चल रही थीं। करीब आधे घंटे बाद ही हादसे का पता चला तो पलभर में ही खुशियां मातम में बदल गईं और घर में कोहराम मच गया।
यह हाल अमित की ससुराल समचाना में हुआ। जब उन्हें हादसे का पता चला तो पूरा परिवार स्तब्ध रह गया और उसकी पत्नी अचेत हो गई।
परिवार के सदस्य भी आनन-फानन में पीजीआई की तरफ दौड़ पडे़। गांव में एक साथ पांच चिताएं देखकर प्रत्येक ग्रामीण की आंख नम हो गई।
साथ ही हादसे का पता चलने पर आसपास गांव के लोग भी मृतकों के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी। गांव में हादसे को लेकर शोक की लहर दौड़ गई है।
घर पहुंचने पर पत्नी को किया था फोन
अमित ने घर पहुंचने के बाद अपनी पत्नी को फोन कर तैयारियां पूरी करने के लिए कहा था। अमित और उसका भाई मंजीत एक ही घर में शादीशुदा है।
इसलिए वह अपने भाई मंजीत और भाभी को भी साथ लेकर जा रहा था। परंतु भाग्य को कुछ और ही मंजूर था। पहुंचने से पहले ही एक हंसता खेलता परिवार हादसे का शिकार हो गया। बच्चों की मौत हो लेकर तो ग्रामीणों के भी आंसू नहीं रुक रहे हैं।