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नई व्यवस्थाः अब राजस्थान के उपभोक्ताओं को भी मिलेगा हरियाणा के डिपो पर राशन, जानिए कैसे
Sat, 04 Jan 2020 04:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jan 2020 04:31 PM IST
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फाइल फोटो
अब पड़ोसी राज्य राजस्थान के चुरू और झुंझुनू जिलों के उपभोक्ताओं यानी राशन कार्ड धारकों को हरियाणा के डिपो पर सरकारी राशन वितरण प्रणाली के तहत सस्ती खाद्य वस्तुएं मुहैया कराई जाएंगी। इस महत्वाकांक्षी योजना पर अधिकारियों का जोर इसलिए भी है कि राजस्थान से हरियाणा के अंदर मजदूरी के सिलसिले में काफी परिवार यहां पर अस्थायी डेरा डालते हैं। इतना ही नहीं जल्द ही देशभर के 12 राज्यों में भी वन नेशन, वन राशन कार्ड महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत एईपीडीएस (आधार एनेबल पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) को लागू किया जाएगा।
इसमें किसी भी प्रांत का बाशिंदा किसी दूसरे प्रांत में जाने के बाद भी सरकारी डिपो से सस्ते राशन योजना का लाभ उठा पाएगा। फिलहाल हरियाणा और राजस्थान दो प्रांतों में इस तरह की योजना का उपभोक्ता लाभ उठा पाएंगे। अकेले भिवानी जिले में दो लाख 14 हजार 422 उपभोक्ताओं के ऑनलाइन राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से एक लाख 40 हजार 327 उपभोक्ताओं को आधार एनेबल पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत डिपो पर सस्ता राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय ने हरियाणा के सभी जिलों में रहने वाले राशन उपभोक्ताओं को कहीं और किसी भी सरकारी राशन डिपो पर सस्ता राशन की सुविधा मुहैया कराई थी। लेकिन अब ये सुविधा पड़ोसी राज्य राजस्थान के विभिन्न जिलों में रहने वाले लोगों को भी मिल सकेगी। हरियाणा में भिवानी जिला राजस्थान का सीमांत जिला है।
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इसमें राजस्थान सीमांत जिलों के लोग भी भिवानी के सरकारी राशन डिपो पर सस्ता राशन एईपीडीएस के जरिए ले सकेंगे। अहम बात तो यह है कि आने वाले कुछ समय में राजस्थान के अलावा देश के 12 राज्यों को एईपीडीएस के साथ जोड़ने की तैयारी चल रही है। इसके बाद हरियाणा में अन्य प्रांतों के उपभोक्ता भी सस्ते राशन की सुविधा का लाभ उठाएंगे।
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इसमें किसी भी प्रांत का बाशिंदा किसी दूसरे प्रांत में जाने के बाद भी सरकारी डिपो से सस्ते राशन योजना का लाभ उठा पाएगा। फिलहाल हरियाणा और राजस्थान दो प्रांतों में इस तरह की योजना का उपभोक्ता लाभ उठा पाएंगे। अकेले भिवानी जिले में दो लाख 14 हजार 422 उपभोक्ताओं के ऑनलाइन राशन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इनमें से एक लाख 40 हजार 327 उपभोक्ताओं को आधार एनेबल पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत डिपो पर सस्ता राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
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खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले निदेशालय ने हरियाणा के सभी जिलों में रहने वाले राशन उपभोक्ताओं को कहीं और किसी भी सरकारी राशन डिपो पर सस्ता राशन की सुविधा मुहैया कराई थी। लेकिन अब ये सुविधा पड़ोसी राज्य राजस्थान के विभिन्न जिलों में रहने वाले लोगों को भी मिल सकेगी। हरियाणा में भिवानी जिला राजस्थान का सीमांत जिला है।
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इसमें राजस्थान सीमांत जिलों के लोग भी भिवानी के सरकारी राशन डिपो पर सस्ता राशन एईपीडीएस के जरिए ले सकेंगे। अहम बात तो यह है कि आने वाले कुछ समय में राजस्थान के अलावा देश के 12 राज्यों को एईपीडीएस के साथ जोड़ने की तैयारी चल रही है। इसके बाद हरियाणा में अन्य प्रांतों के उपभोक्ता भी सस्ते राशन की सुविधा का लाभ उठाएंगे।
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अन्य प्रांतों के प्रवासी मजदूरों को भी जल्द मिलेगा सस्ता राशन
कामधंधे की तलाश और हरियाणा में अस्थायी प्रवास के दौरान जल्द ही 12 प्रांतों जिनमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केवल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड व त्रिपुरा के लोगों को कहीं पर भी सरकारी डिपो से सस्ता राशन हासिल करने की सुविधा प्रदान कर दी जाएगी। फिलहाल हरियाणा और राजस्थान के उपभोक्ता ही आपस में दोनों प्रांतों के अंदर सस्ता राशन ले सकते हैं। जबकि आने वाले दिनों में वन नेशन, वन राशन कार्ड के तहत इन अन्य प्रांतों के प्रवासी मजदूरों को भी सस्ता राशन अपने घर से दूर जाने के बाद भी मिलता रहेगा।
ये ले रहे हैं भिवानी जिले में योजना का लाभ
भिवानी जिले में दो लाख 14 हजार 422 उपभोक्ताओं के राशन कार्ड ऑनलाइन बन चुके हैं। इनमें अति गरीबी रेखा की श्रेणी में 14 हजार से अधिक उपभोक्ता आते हैं। इसी तरह प्राथमिक परिवार(ओपीएच फैमिली) की श्रेणी में 71 हजार 990 परिवार आते हैं। जबकि सेंट्रल बीपीएल की श्रेणी में 24 हजार 108 परिवार योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसी तरह स्टेट बीपीएल परिवारों की श्रेणी में 24 हजार 191 परिवार सरकारी योजनाओं से जुड़े हैं।
डिपो पर सस्ती मिलती है ये खाद्य वस्तुएं
एईपीडीएस के तहत डिपो पर हर माह दो रुपये किलोग्राम गेहूं, 20 रुपये में लीटर सरसों तेल, साढ़े 13 रुपये प्रति किलो चीनी व एक रुपया किलोग्राम बाजरा उपलब्ध कराया जा रहा है। अति गरीबी रेखा की श्रेणी के परिवार को हर माह 35 किलोग्राम गेहूं प्रति परिवार, दो लीटर सरसों तेल व एक किलो चीनी दी जा रही है। जबकि स्टेट और सेंट्रल बीपीएल परिवार में प्रति सदस्य पांच किलो गेहूं, सरसों तेल और चीनी भी मिलती है। प्राथमिक परिवार को केवल प्रति सदस्य पांच किलो गेहूं ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिन परिवारों को आधार एनेबल पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत सस्ता राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। वे परिवार हरियाणा व राजस्थान के किसी भी हिस्से में राशन ले सकते हैं। हरियाणा में बाजरा भी सस्ती दर पर मिल रहा है, जबकि राजस्थान में अभी तक बाजरा नहीं दिया जा रहा है। इस व्यवस्था का दोनों राज्यों के अधिकांश सीमांत जिलों के लोगों को फायदा मिलेगा।
- अनिल कालरा, जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति नियंत्रक, भिवानी।
ये ले रहे हैं भिवानी जिले में योजना का लाभ
भिवानी जिले में दो लाख 14 हजार 422 उपभोक्ताओं के राशन कार्ड ऑनलाइन बन चुके हैं। इनमें अति गरीबी रेखा की श्रेणी में 14 हजार से अधिक उपभोक्ता आते हैं। इसी तरह प्राथमिक परिवार(ओपीएच फैमिली) की श्रेणी में 71 हजार 990 परिवार आते हैं। जबकि सेंट्रल बीपीएल की श्रेणी में 24 हजार 108 परिवार योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसी तरह स्टेट बीपीएल परिवारों की श्रेणी में 24 हजार 191 परिवार सरकारी योजनाओं से जुड़े हैं।
डिपो पर सस्ती मिलती है ये खाद्य वस्तुएं
एईपीडीएस के तहत डिपो पर हर माह दो रुपये किलोग्राम गेहूं, 20 रुपये में लीटर सरसों तेल, साढ़े 13 रुपये प्रति किलो चीनी व एक रुपया किलोग्राम बाजरा उपलब्ध कराया जा रहा है। अति गरीबी रेखा की श्रेणी के परिवार को हर माह 35 किलोग्राम गेहूं प्रति परिवार, दो लीटर सरसों तेल व एक किलो चीनी दी जा रही है। जबकि स्टेट और सेंट्रल बीपीएल परिवार में प्रति सदस्य पांच किलो गेहूं, सरसों तेल और चीनी भी मिलती है। प्राथमिक परिवार को केवल प्रति सदस्य पांच किलो गेहूं ही उपलब्ध कराया जा रहा है।
जिन परिवारों को आधार एनेबल पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के तहत सस्ता राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। वे परिवार हरियाणा व राजस्थान के किसी भी हिस्से में राशन ले सकते हैं। हरियाणा में बाजरा भी सस्ती दर पर मिल रहा है, जबकि राजस्थान में अभी तक बाजरा नहीं दिया जा रहा है। इस व्यवस्था का दोनों राज्यों के अधिकांश सीमांत जिलों के लोगों को फायदा मिलेगा।
- अनिल कालरा, जिला खाद्य नागरिक आपूर्ति नियंत्रक, भिवानी।