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नर्सिग वेलफेयर एसोसिएशन की कार्यकारिणी भंग, तीन घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा
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नागरिक अस्पताल में नर्सिग वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक के दौरान जानकारी देतीं प्रदेश वरिष्ठ उपाध्य
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। नागरिक अस्पताल में सोमवार को नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक हुई। बैठक के दौरान पिछले चार साल से एसोसिएशन की प्रधान सुनीता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद एसोसिएशन की कमान सचिव के हाथ में जाने पर सात सदस्यों में से चार सदस्य सचिव के विरोध में उतर आए। तीन घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला और चारों सदस्यों ने भी अपना इस्तीफा दे दिया। इस बीच सचिव बैठक बीच में छोड़कर ही चली गईं। सचिव को बहुमत न मिलने की वजह से एसोसिएशन की कार्यकारिणी का भंग कर दिया। अब आगामी चुनाव तक एसोसिएशन की ओर से कोई कार्य नहीं किया जाएगा और न ही कोई पदाधिकारी होने का दावा कर सकता है।
नागरिक अस्पताल के वार्ड नंबर नौ के कक्ष में नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के स्टेट और जिला स्तर के पदाधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। एसोसिएशन की महासचिव सुदेश चौधरी ने बताया कि स्थानीय जाट कॉलोनी निवासी सुनीता देवी एसोसिएशन के प्रधान पद पर अप्रैल 2018 से कार्यरत थी, जिसमें बैठक में अपना इस्तीफा दिया है। नियमानुसार एसोसिएशन के प्रधान पद के लिए तीन साल होते है, मगर कोरोना की वजह से देरी हो गई। अब उन्होंने करीब चार साल बाद सचिव को इस्तीफा सौंप दिया है। इनके साथ ही कोषाध्यक्ष आशा, सदस्य पुष्पा और महासचिव सुदेश चौधरी ने इस्तीफा दिया है, उनके अलावा राज्य कोषाध्यक्ष राजबाला ने व्हाट्सएप पर अपना इस्तीफा दिया है। बैठक में संतोष अहलावत, गीता फौगाट, सरला, सुमन नैन, पुनम देवी, सुदेश, नरेश, संतोष, निर्मला, प्रमीला, आशा आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।
सचिव का विरोध किया तो हुआ हंगामा
प्रधान पद के बाद एसोसिएशन में कार्य करने का अधिकारी सचिव के पास रहता है। ऐसे में सचिव ने जब कार्य करने का दावा किया तो एसोसिएशन के चार सदस्यों ने उनके खिलाफ विरोध दर्ज करवाया। इसकी वजह से बैठक के विरोध ही हंगामा हो गया। एसोसिएशन की वरिष्ठ उपप्रधान संतोष मलिक ने बताया कि सचिव को बहुमत न होने की वजह से बैठक में हंगामा हुआ है। सचिव अपने साथ एसोसिएशन के दस्तावेज, रजिस्टर भी लेकर गई है और न ही उसने अपने कार्यकाल को लेखा-जोखा दिया है। इसकी वजह से पदाधिकारियों ने विरोध दर्ज करवाया है।
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सचिव ने नहीं दिया लेखा जोखा : ऑडिटर कमलेश
बैठक में पहुंची एसोसिएशन की ऑडिटर कमलेश ने बताया कि सुनीता प्रधान ने अपने इस्तीफे के साथ ही अपने कार्यकाल में होने वाले खर्च का पूरा लेखा-जोखा और महत्वपूर्ण दस्तावेज एसोसिएशन के रजिस्टर्ड सदस्यों को सौंपें हैं। इनके अलावा सचिव को भी कार्यकाल का लेखा जोखा देना था, जो उन्होंने अब तक नहीं दिया है। वहीं एसोसिएशन की कार्यकारिणी रद्द हो चुकी है तो सचिव सहित अन्य कोई भी पदाधिकारी एसोसिएशन के नाम से न तो कोई काम कर सकता है और न ही कोई खर्चा कर सकता है।
घरेलू कारणों से दिया प्रधान पद से इस्तीफा
एसोसिएशन महासचिव सुदेश चौधरी ने बताया कि नागरिक अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर सुनीता देवी अप्रैल 2018 से नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान पद पर कार्यरत थी। उन्होंने अपने घरेलू कार्यों के कारण की वजह से एसोसिएशन के प्रधान पद से इस्तीफा दिया है।
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नागरिक अस्पताल के वार्ड नंबर नौ के कक्ष में नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के स्टेट और जिला स्तर के पदाधिकारियों ने बैठक में भाग लिया। एसोसिएशन की महासचिव सुदेश चौधरी ने बताया कि स्थानीय जाट कॉलोनी निवासी सुनीता देवी एसोसिएशन के प्रधान पद पर अप्रैल 2018 से कार्यरत थी, जिसमें बैठक में अपना इस्तीफा दिया है। नियमानुसार एसोसिएशन के प्रधान पद के लिए तीन साल होते है, मगर कोरोना की वजह से देरी हो गई। अब उन्होंने करीब चार साल बाद सचिव को इस्तीफा सौंप दिया है। इनके साथ ही कोषाध्यक्ष आशा, सदस्य पुष्पा और महासचिव सुदेश चौधरी ने इस्तीफा दिया है, उनके अलावा राज्य कोषाध्यक्ष राजबाला ने व्हाट्सएप पर अपना इस्तीफा दिया है। बैठक में संतोष अहलावत, गीता फौगाट, सरला, सुमन नैन, पुनम देवी, सुदेश, नरेश, संतोष, निर्मला, प्रमीला, आशा आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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सचिव का विरोध किया तो हुआ हंगामा
प्रधान पद के बाद एसोसिएशन में कार्य करने का अधिकारी सचिव के पास रहता है। ऐसे में सचिव ने जब कार्य करने का दावा किया तो एसोसिएशन के चार सदस्यों ने उनके खिलाफ विरोध दर्ज करवाया। इसकी वजह से बैठक के विरोध ही हंगामा हो गया। एसोसिएशन की वरिष्ठ उपप्रधान संतोष मलिक ने बताया कि सचिव को बहुमत न होने की वजह से बैठक में हंगामा हुआ है। सचिव अपने साथ एसोसिएशन के दस्तावेज, रजिस्टर भी लेकर गई है और न ही उसने अपने कार्यकाल को लेखा-जोखा दिया है। इसकी वजह से पदाधिकारियों ने विरोध दर्ज करवाया है।
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सचिव ने नहीं दिया लेखा जोखा : ऑडिटर कमलेश
बैठक में पहुंची एसोसिएशन की ऑडिटर कमलेश ने बताया कि सुनीता प्रधान ने अपने इस्तीफे के साथ ही अपने कार्यकाल में होने वाले खर्च का पूरा लेखा-जोखा और महत्वपूर्ण दस्तावेज एसोसिएशन के रजिस्टर्ड सदस्यों को सौंपें हैं। इनके अलावा सचिव को भी कार्यकाल का लेखा जोखा देना था, जो उन्होंने अब तक नहीं दिया है। वहीं एसोसिएशन की कार्यकारिणी रद्द हो चुकी है तो सचिव सहित अन्य कोई भी पदाधिकारी एसोसिएशन के नाम से न तो कोई काम कर सकता है और न ही कोई खर्चा कर सकता है।
घरेलू कारणों से दिया प्रधान पद से इस्तीफा
एसोसिएशन महासचिव सुदेश चौधरी ने बताया कि नागरिक अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर सुनीता देवी अप्रैल 2018 से नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान पद पर कार्यरत थी। उन्होंने अपने घरेलू कार्यों के कारण की वजह से एसोसिएशन के प्रधान पद से इस्तीफा दिया है।