{"_id":"68c1da8d1ddd637ef70b7795","slug":"it-is-very-important-to-maintain-mental-balance-by-avoiding-negative-thoughts-poonam-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-139503-2025-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"नकारात्मक विचारों से बचकर मानसिक संतुलन बनाना अत्यंत आवश्यक : पूनम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नकारात्मक विचारों से बचकर मानसिक संतुलन बनाना अत्यंत आवश्यक : पूनम
Thu, 11 Sep 2025 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 11 Sep 2025 01:37 AM IST
विज्ञापन
लोहारू। चौधरी बंसीलाल राजकीय महाविद्यालय में बुधवार को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को जीवन में आने वाली समस्याओं का डटकर सामना करने के लिए प्रेरित किया।
मनोविज्ञान विभाग की प्रवक्ता पूनम ने छात्रों को आत्महत्या के कारणों और उसकी रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नकारात्मक विचारों से बचना और मानसिक संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। संस्कृत विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुजीत कुमार ने जीवन में संयम और धैर्य का महत्व बताते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में हताश नहीं होना चाहिए। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में परिजनों, मित्रों या प्रबुद्ध व्यक्तियों से विचार-विमर्श करने तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकों की सलाह और तनाव-निवारक उपचार अपनाने पर जोर दिया।
प्राचार्य डॉ. चहल ने कहा कि जीवन अनमोल है और इसे किसी भी परिस्थिति में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। उन्होंने छात्रों को मानसिक विकास के लिए सतत प्रयासरत रहने, महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने तथा ध्यान और प्राणायाम के माध्यम से तनाव कम करने का संदेश दिया।
विज्ञापन
इस अवसर पर डॉ. अजय वशिष्ट, विजय, डॉ. पूनम और डॉ. सरिता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
विज्ञापन
मनोविज्ञान विभाग की प्रवक्ता पूनम ने छात्रों को आत्महत्या के कारणों और उसकी रोकथाम के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नकारात्मक विचारों से बचना और मानसिक संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। संस्कृत विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुजीत कुमार ने जीवन में संयम और धैर्य का महत्व बताते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में हताश नहीं होना चाहिए। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में परिजनों, मित्रों या प्रबुद्ध व्यक्तियों से विचार-विमर्श करने तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकों की सलाह और तनाव-निवारक उपचार अपनाने पर जोर दिया।
विज्ञापन
प्राचार्य डॉ. चहल ने कहा कि जीवन अनमोल है और इसे किसी भी परिस्थिति में व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। उन्होंने छात्रों को मानसिक विकास के लिए सतत प्रयासरत रहने, महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने तथा ध्यान और प्राणायाम के माध्यम से तनाव कम करने का संदेश दिया।
विज्ञापन
इस अवसर पर डॉ. अजय वशिष्ट, विजय, डॉ. पूनम और डॉ. सरिता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।