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Haryana: भिवानी का लाल पंचतत्व में विलीन, पिता बोले, देश का बेटा था देश के काम आया
Wed, 30 Nov 2022 12:20 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 30 Nov 2022 12:20 AM IST
सार
तिरंगे में लिपटा भिवानी के लाल का पार्थिव शरीर जब गांव पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। रिटायर्ड सूबेदार मेजर पिता बोले कि देश का बेटा था देश के काम आया है। निदेश सिंह यादव 12 दिसंबर 2020 को एनडीए से पासआउट होकर आर्मी में लेफ्टिनेंट था।
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भिवानी का लाल पंचतत्व में विलीन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
भारतीय सेना में कैप्टन निदेश सिंह यादव का मंगलवार को पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हरियाणा के भिवानी में उनके पैतृक गांव नंदगांव में पहुंचते ही हर आंखें नम हो गईं। कैप्टन की पार्थिव शरीर के साथ सेना की एक टुकड़ी भी आई थी।
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सेना की टुकड़ी ने पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका गांव में अंतिम संस्कार कराया। पिता दीवान सिंह ने शव को मुखाग्नि दी। वहीं, जिला प्रशासन की तरफ से भी नायब तहसीलदार ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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नंदगांव निवासी निदेश सिंह यादव (23) 12 दिसंबर 2020 में एनडीए से पासआउट होने के बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने थे। सेना की घातक यूनिट का हिस्सा थे। उनकी पोस्टिंग दोमाना में थी। कैप्टन निदेश यादव सोमवार को स्मेलपुर क्षेत्र में अपने साथियों के साथ ट्रेनिंग में आए थे। उनके पास तीन वेपन भी थे।
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इस दौरान वह संदिग्ध हालात में डूब गए। उनको निजी अस्पताल में पहुंचाया गया। यहां से उन्हें अस्पताल सतवारी ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद, सेना की एक टुकड़ी निदेश यादव के पार्थिव को लेकर उनके पैतृक गांव नंदगांव पहुंची। सेना की टुकड़ी में एक कर्नल और चार मेजर के अलावा 13 गार्ड थे।
शहीद निदेश यादव का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचते ही भारत माता के जयकारों से गूंज उठा। घर से शुरू हुई शहीद की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोगों ने शिरकत की। पार्थिव शरीर के साथ आई सैन्य अधिकारियों की टुकड़ी ने पूरे सैनिक सम्मान के साथ उन्हें विदा किया। शहीद की याद में उमड़ी भीड़ में शामिल हर लोगों की आँखें नम हो गई। नदगांव में श्मशान घाट पर उनकी अंत्येष्टि हुई।
घर का बुझ गया चिराग
निदेश सिंह के पिता दीवान सिंह (52) नेवी से सूबेदार मेजर सेवानिवृत्त हैं। उनकी माता मनोज देवी बेटे के शहीद होने की खबर मिलते ही बेसुध हो गईं। शहीद की दो बड़ी बहनें हैं। बड़ी बहन मनीषा यादव एयरफोर्स में बतौर डॉक्टर देश सेवा में लगी है, जबकि दूसरी बहन अलका यादव आसियाना ग्रुप में मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं।
दीवान सिंह ने अपने इकलौते बेटे की शहादत पर गर्व महसूस करते हुए कहा कि देश का बेटा था देश के काम आया है। वहीं, शहीद की दोनों बहनें भी उनके पार्थिव शरीर को देखकर गौरव से भर उठीं। दोनों बेटियों ने पिता से कहा कि वे निदेश की तरह ही देश सेवा में कोई कौर कसर नहीं छोड़ेंगी।
गृह मंत्रालय में सब इंस्पेक्टर नंदगांव निवासी कमल सिंह ने बताया कि निदेश यादव मात्र 23 साल की उम्र में देशसेवा करते हुए देश के लिए काम आना बहुत बड़ा सम्मान है। कमल सिंह ने बताया कि निदेश सिंह का परिवार के सात युवा फिलहाल सेना में विभिन्न पदों पर देश सेवा कर रहे हैं। उसके चचेरे भाई भी सेना में हैं।
मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि
जम्मू में ग्रेनेड ड्रिल के दौरान कैप्टन निदेश सिंह की वीरगति को प्राप्त होने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। ट्वीटर पर मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि मैं भगवान से दिवंगत आत्मा को श्री चरणों में स्थान देने की प्रार्थना करता हूं। इस कठिन घड़ी में पूरा प्रदेश उनके परिवार के साथ खड़ा है।