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निजी स्कूल की ऑनलाइन पढ़ाई ने अभिभावकों की समस्या बढ़ाई

Wed, 08 Apr 2020 11:09 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2020 11:09 PM IST
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education
लॉकडाउन के दौरान भी निजी स्कूल मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। घर बैठे ऑनलाइन पढ़ाई कराने के नाम पर निजी स्कूल अभिभावकों को व्हाट्सअप पर बेतुके फरमान भेज रहा हैं। जैसे पाठ्यक्रम सामग्री खरीदना आदि। ऐसे में पाठयक्रम सामग्री खरीदना अभिभावकों के लिए टेड़ी खीर है।
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जरूरी खाद्य वस्तुओं और दवाओं की दुकानों को छोडक़र लॉकडाउन में सबकुछ बंद पड़ा है। बच्चों की एक नोट बुक तक खरीदना मुश्किल है। हालांकि हरियाणा स्कूली शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूलों को एससीईआरटी द्वारा जारी ई बुक लिंक व दीक्षा हरियाणा पोर्टल और एप भी ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। मगर निजी स्कूल निजी प्रकाशकों और कुछ निजी एक्सपर्ट द्वारा तैयार किए गए ई क्लासिज एप का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसमें बच्चों को नोटबुक के साथ साथ अन्य शिक्षण सामग्री की जरूरत भी महसूस हो रही है। इतना ही नहीं बच्चे भी अपने अभिभावकों को शिक्षण सामग्री लाने के लिए विवश करते हैं, मगर अभिभावक भी दुविधा में है कि आखिर ऐसे हालातों में जाएं तो कहां जाएं।
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भिवानी जिला में करीब 395 मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। इनमें सीबीएसई और हरियाणा विद्यालय से संबद्धता रखते हैं। दोनों ही तरह बोर्डों से संबंधित निजी स्कूल अपने अेे तरीके और मनम ने पाठ्यक्रम से अब तक बच्चों की नियमित कक्षाओं के जरिए पढ़ाई कराते आए हैं। लेकिन पहली बार प्रदेश में ऐसे हालात बने हैं, जब बच्चे घरों के अंदर ही कैद होकर रह गए हैं और उन्हें पढ़ाई स्कूल की बजाए घर बैठे ही करना पड़ रही है। भिवानी जिला में करीब साढ़े तीन लाख बच्चे इन निजी विद्यालयों में कक्षा पहली से बारहवीं तक अध्ययनरत हैं। फिलहाल लॉकडाउन अभी लंबा खिंचने की उम्मीद बनी हैं। ऐसे में 15 जून तक स्कूलों के बंद रहने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं। सबसे अहम बात तो यह भी है कि स्कूलों से दूर रहकर भी बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए स्कूली शिक्षा निदेशालय भी ई लर्निंग की व्यवस्था बनाने पर जोर दे रहा है।
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ये बनी है दुविधा
अभिभावकों के सामने सबसे बड़ी दुविधा ये हैं कि कुछ ऐप पर ऑनलाइन लेक्चर तो आ रहे हैं। बच्चे उन्हें देखकर पढ़ भी रहे हैं। मगर अपनी जिझासाएं नहीं मिटा पाते। आगे उन्हें याद रखने के लिए कॉपी और पैन तक की जरूरी सामान की डिमांड कर रहे हैं, जो फिलहाल उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई ई पाठ्यक्रम सामग्री निजी स्कूलों की परिपाटी से भी मेल नहीं खा रही है। इस वजह से बच्चे भी असमंजस में हैं तो अभिभावक दुविधा के दौर से गुजर रहे हैं।
निजी स्कूलों ने अभिभावकों के पास फोन कर उन्हें बकाया जमा कराने के साथ बच्चों की पाठ्यक्रम पुस्तकें भी निजी स्कूल से ही खरीद करने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसी कई शिकायतें संगठन के समक्ष आई हैं, जिनके संबंध में संगठन शिक्षा विभाग और सरकार के समक्ष भी शिकायत भेजेगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाएगा। -बृजपाल परमार, प्रदेश अध्यक्ष

स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन।
लॉकडाउन के दौरान सभी निजी और सरकारी विद्यालय आगामी आदेशों तक बंद रहेंगे। बच्चों की स्टडी जारी रखने के लिए ईबुक और एप उपलब्ध कराए हैं। बच्चे घर बैठे सीख सकें, इस पर ध्यादा फोकस रहेगा। इसके बावजूद यदि कोई अभिभावक शिकायत करता है तो उस पर कार्रवाई होगी
-नरेश महता, उप जिला शिक्षाअधिकारी
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